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Ghaziabad News: जनसमस्याओं के निस्तारण में नगर निगम यूपी में फिर बना नंबर वन
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गाजियाबाद। जनसमस्याओं के समाधान और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के मामले में नगर निगम ने एक बार फिर पूरे उत्तर प्रदेश में अपना परचम लहराया है। एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की ताजा रैंकिंग में नगर निगम प्रदेश के 17 नगर निकायों को पछाड़कर प्रथम स्थान पर पहुंचा है। निगम लगातार प्रदेश के टॉप-5 निकायों में अपनी जगह बनाए हुए है।
त्वरित निस्तारण के लिए बनी है क्यूआरटी
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि शहरवासियों को राहत देने के लिए निगम ने विशेष क्यूआरटी का गठन किया है। शिकायतकर्ता जनसुनवाई के अलावा 311 मोबाइल फोन एप, कॉल सेंटर, ईमेल, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और आईजीआरएस के जरिए अपनी समस्याएं भेजते हैं। जलकल, उद्यान, निर्माण, स्वास्थ्य, प्रकाश और टैक्स विभाग प्रतिदिन प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।
2534 शिकायतों पर शासन ने लिया सीधा फीडबैक
आंकड़ों के अनुसार, सितंबर माह में आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से लगभग 3000 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इनमें से 2,534 शिकायतों के निस्तारण पर शासन स्तर से सीधे शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर फीडबैक लिया गया, जिसके आधार पर निगम को सर्वोच्च रैंक प्राप्त हुई। इसके अलावा, अपर नगर आयुक्त और विभागीय अधिकारी स्वयं शिकायतों के निस्तारण की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
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शहर को त्वरित राहत देना प्राथमिकता : महापौर
महापौर सुनीता दयाल ने निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और पूरी टीम को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि शहरवासियों की समस्याओं का समाधान करना नगर निगम की पहली प्राथमिकता है। इस कार्य में स्थानीय पार्षदों का भी विशेष सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व जून माह में भी नगर निगम आईजीआरएस में प्रथम स्थान पर रहा था, जबकि जुलाई में तीसरे और अगस्त में पांचवें स्थान पर था। महापौर ने अधिकारियों को भविष्य में भी इसी तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
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त्वरित निस्तारण के लिए बनी है क्यूआरटी
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि शहरवासियों को राहत देने के लिए निगम ने विशेष क्यूआरटी का गठन किया है। शिकायतकर्ता जनसुनवाई के अलावा 311 मोबाइल फोन एप, कॉल सेंटर, ईमेल, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और आईजीआरएस के जरिए अपनी समस्याएं भेजते हैं। जलकल, उद्यान, निर्माण, स्वास्थ्य, प्रकाश और टैक्स विभाग प्रतिदिन प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।
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2534 शिकायतों पर शासन ने लिया सीधा फीडबैक
आंकड़ों के अनुसार, सितंबर माह में आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से लगभग 3000 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इनमें से 2,534 शिकायतों के निस्तारण पर शासन स्तर से सीधे शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर फीडबैक लिया गया, जिसके आधार पर निगम को सर्वोच्च रैंक प्राप्त हुई। इसके अलावा, अपर नगर आयुक्त और विभागीय अधिकारी स्वयं शिकायतों के निस्तारण की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
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शहर को त्वरित राहत देना प्राथमिकता : महापौर
महापौर सुनीता दयाल ने निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और पूरी टीम को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि शहरवासियों की समस्याओं का समाधान करना नगर निगम की पहली प्राथमिकता है। इस कार्य में स्थानीय पार्षदों का भी विशेष सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व जून माह में भी नगर निगम आईजीआरएस में प्रथम स्थान पर रहा था, जबकि जुलाई में तीसरे और अगस्त में पांचवें स्थान पर था। महापौर ने अधिकारियों को भविष्य में भी इसी तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।