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बंदरों ने रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर पर किया हमला
ब्यूरो अमर उजाला/ साहिबाबाद
Updated Fri, 14 Oct 2016 12:07 AM IST
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बंदरों को मारने वालों को हिमाचल सरकार अब इनाम देगी।
- फोटो : अमर उजाला
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लाजपत नगर एफ ब्लॉक में बृहस्पतिवार को बंदरों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। बंदरों ने घर में घुसकर केंद्रीय विद्यालय संगठन के रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। उनकी पत्नी ने कमरे में खुद को बंद कर अपनी जान बचाई। इलाके के लोगों में नगर निगम के खिलाफ काफी गुस्सा है।
लाजपत नगर एफ ब्लॉक में केंद्रीय विद्यालय संगठन के रिटायर्ड असिस्टेेंट कमिश्नर डीएन चौधरी पत्नी गीता और बेटे एडवोकेट दीपेश के साथ रहते हैं। बृहस्पतिवार दोपहर को दीपेश बाहर थे। बुजुर्ग दंपति घर में अकेले थे।
दोपहर करीब एक बजे आठ-दस बंदर उनके घर में घुस आए और डीएन चौधरी पर हमला कर दिया। वह बाहर की ओर भागे तो एक बंदर ने उनके हाथ में काट लिया। किसी तरह बंदरों से बचकर उन्होंने अपनी जान बचाई।
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इस दौरान उनकी पत्नी गीता चौधरी ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद बंदरों ने घर में उत्पात मचाकर तोड़फोड़ की। बंदी फ्रिज में रखा खाने का सामान भी निकाल कर खा गए। चीख पुकार की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने घर से बंदरों को खदेड़ा।
लोगों ने ही डीएन चौधरी को पास के एक निजी अस्पताल में पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। करीब एक घंटे तक बंदरों का कालोनी में आतंक रहा। बंदरों ने कई घरों की छत पर रखे गमले और अन्य सामान भी तोड़ दिया।
रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर के बेटे दीपेश का आरोप है कि रोज बंदर कालोनी में उत्पात मचाते हैं। नगर निगम से लगातार शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उधर, मेयर अशु वर्मा ने बताया बंदरों को पकड़ने के टेक्निकल स्टाफ नहीं है। वन विभाग से बात कर समस्या का हल निकाला जाएगा।
- लोगों की परेशानी
कई माह से कालोनी में बंदरों ने आतंक मचा रखा है। बंदर झुंड में अकेले देखकर लोगों पर टूट पड़ते हैं। घरों की छतों पर रखे गमले तोड़ देते हैं, कपड़े फाड़ देते हैं। घर के बाहर खेल रहे बच्चों की चिंता सताती है। - जय दीक्षित, शालीमार गार्डन
घर का दरवाजा या खिड़कियां खुली नहीं छोड़ सकते। रात में भी लोग घरों में ही दुबके रहते हैं। पार्क और छतों पर बंदरों ने कब्जा जमा लिया है। - अजय गौतम, श्यामपार्क एक्सटेंशन
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लाजपत नगर एफ ब्लॉक में केंद्रीय विद्यालय संगठन के रिटायर्ड असिस्टेेंट कमिश्नर डीएन चौधरी पत्नी गीता और बेटे एडवोकेट दीपेश के साथ रहते हैं। बृहस्पतिवार दोपहर को दीपेश बाहर थे। बुजुर्ग दंपति घर में अकेले थे।
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दोपहर करीब एक बजे आठ-दस बंदर उनके घर में घुस आए और डीएन चौधरी पर हमला कर दिया। वह बाहर की ओर भागे तो एक बंदर ने उनके हाथ में काट लिया। किसी तरह बंदरों से बचकर उन्होंने अपनी जान बचाई।
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इस दौरान उनकी पत्नी गीता चौधरी ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद बंदरों ने घर में उत्पात मचाकर तोड़फोड़ की। बंदी फ्रिज में रखा खाने का सामान भी निकाल कर खा गए। चीख पुकार की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने घर से बंदरों को खदेड़ा।
लोगों ने ही डीएन चौधरी को पास के एक निजी अस्पताल में पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। करीब एक घंटे तक बंदरों का कालोनी में आतंक रहा। बंदरों ने कई घरों की छत पर रखे गमले और अन्य सामान भी तोड़ दिया।
रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर के बेटे दीपेश का आरोप है कि रोज बंदर कालोनी में उत्पात मचाते हैं। नगर निगम से लगातार शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उधर, मेयर अशु वर्मा ने बताया बंदरों को पकड़ने के टेक्निकल स्टाफ नहीं है। वन विभाग से बात कर समस्या का हल निकाला जाएगा।
- लोगों की परेशानी
कई माह से कालोनी में बंदरों ने आतंक मचा रखा है। बंदर झुंड में अकेले देखकर लोगों पर टूट पड़ते हैं। घरों की छतों पर रखे गमले तोड़ देते हैं, कपड़े फाड़ देते हैं। घर के बाहर खेल रहे बच्चों की चिंता सताती है। - जय दीक्षित, शालीमार गार्डन
घर का दरवाजा या खिड़कियां खुली नहीं छोड़ सकते। रात में भी लोग घरों में ही दुबके रहते हैं। पार्क और छतों पर बंदरों ने कब्जा जमा लिया है। - अजय गौतम, श्यामपार्क एक्सटेंशन