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Meerut Metro: गुजरात से दुहाई डिपो पहुंचा पहला सेट, एक ही ट्रैक पर दौड़ेगी नमो भारत और मेट्रो; जानें खासियत

Wed, 28 Feb 2024 08:18 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 28 Feb 2024 08:18 PM IST
सार

मेरठ मेट्रो के ट्रेन सेट ऊर्जा की कम खपत करने वाले तो हैं ही साथ ही हल्के और रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से लैस है। यह स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी), स्वचालित ट्रेन नियंत्रण (एटीसी) और स्वचालित ट्रेन संचालन (एटीओ) के साथ बनाए गए हैं। 

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Meerut Metro first train set reaches Duhai depot from Gujarat
मेरठ मेट्रो का पहला ट्रेन सेट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ मेट्रो का पहला ट्रेन सेट गुजरात के सांवली से मंगलवार देर रात दुहाई डिपो पहुंच गया है। तीन कोच का यह ट्रेन सेट बड़े ट्रेलरों के जरिए एक सप्ताह का सफर करके यहां पहुंचा है। तीन अलग-अलग हिस्सों में पहुंचे इस ट्रेन सेट की अब असेंबलिंग और टेस्टिंग शुरू की जाएगी।

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एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह ने बीते दिनों मेरठ मेट्रो के इस ट्रेन सेट का अनावरण सांवली में कर पहली बार जनता के सामने इसे पेश किया था। इसके बाद एल्स्टॉम ने गुजरात के सांवली में इस सेट को एनसीआरटीसी को सौंपा था। अत्याधुनिक डिजाइन वाले इस ट्रेन सेट का भारत में डिजाइन कर मेक इन इंडिया के तहत गुजरात में निर्माण किया गया है।

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मेरठ मेट्रो के ट्रेन सेट ऊर्जा की कम खपत करने वाले तो हैं ही साथ ही हल्के और रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से लैस है। यह स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी), स्वचालित ट्रेन नियंत्रण (एटीसी) और स्वचालित ट्रेन संचालन (एटीओ) के साथ बनाए गए हैं। मेरठ मेट्रो ट्रेन के कोच का डिजाइन अधिकतम 120 किमी प्रतिघंटा की गति पर तैयार किया गया है।

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मेट्रो कोच की विशेषताएं
- सामान रखने की रैक, ग्रैब हैंडल, यूएसबी डिवाइस चार्जिंग सुविधा।
- एक ट्रेन मे 700 से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे।
- मेरठ मेट्रो के ट्रेन अत्याधुनिक हल्के वजन और स्टेनलेस स्टील से निर्मित हैं।
- सीसीटीवी कैमरे, डायनामिक रूट मैप, इंफोटेनमेंट सिस्टम, रोशनी-आधारित स्वनियंत्रित प्रकाश व्यवस्था होगी।
- सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (पीएसडी) के साथ मेट्रो संचालन को जोड़ा जाएगा, सुरक्षा का पालन होगा।
- ऊर्जा खपत में कमी के लिए ट्रेनों के दरवाजों में पुश बटन लगाए गए हैं।
- सिर्फ वही दरवाजे खुलेंगे जहां पुश बटन को दबाया जाएगा।
- आपातकालीन निकास उपकरण, अग्निशामक यंत्र, अलार्म और टॉक-बैक सिस्टम लगाए गए हैं।
- आपातकालीन स्थिति में मेडिकल स्ट्रेचर ले जाने के लिए ट्रेन में जगह बनाई गई्र व्हील चेयर भी मिल सकेगी।
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