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महामाया स्टेडियम में धूल फांक रहे ई-रिक्शा
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Fri, 18 Nov 2016 12:03 AM IST
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इ-रिक्शा
- फोटो : अमर उजाला
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फर्जीवाड़े की आशंका से ई-रिक्शा के वितरण पर लगा ब्रेक एक महीने बाद भी हटा नहीं है। पात्रों को निशुल्क बांटी जाने वाली 354 ई-रिक्शा महामाया स्टेडियम में धूल फांक रहे हैं। अब पात्रों की दोबारा जांच की जाएगी। यह जांच प्रक्रिया लंबी चली तो ई-रिक्शा खड़े-खड़े ही कबाड़ हो जाएंगे।
अक्तूबर महीने में नगर विकास मंत्री आजम खां ने मुरादनगर में आयोजित समारोह में ई-रिक्शा का वितरण शुरू किया था। डूडा और जिला प्रशासन के अधिकारियों को बाकी ई-रिक्शा वितरित करने थे।
इसके बाद से ही कई जिलों में अपात्रों को ई-रिक्शा देने की खबरें आई तो इनके वितरण पर रोक लगा दी गई। अब मंडलायुक्त के स्तर पर पात्रों की दोबारा जांच कराई जा रही है। गाजियाबाद में सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई गई है।
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जांच प्रक्रिया लंबी खिंच रही है। इसकी वजह से ई-रिक्शा धूल फांक रहे हैं। उधर, डूडा के परियोजना अधिकारी इंद्रसेन सिंह का कहना है कि एक सप्ताह में जांच प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
इस जांच से निगम के अधिकारियों को दूर रखा गया है। जांच के बाद फाइनल सूची तैयार होने के बाद पात्रों को ई-रिक्शा बांटे जाएंगे। आरटीओ कार्यालय में उनका पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाया जाएगा।
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अक्तूबर महीने में नगर विकास मंत्री आजम खां ने मुरादनगर में आयोजित समारोह में ई-रिक्शा का वितरण शुरू किया था। डूडा और जिला प्रशासन के अधिकारियों को बाकी ई-रिक्शा वितरित करने थे।
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इसके बाद से ही कई जिलों में अपात्रों को ई-रिक्शा देने की खबरें आई तो इनके वितरण पर रोक लगा दी गई। अब मंडलायुक्त के स्तर पर पात्रों की दोबारा जांच कराई जा रही है। गाजियाबाद में सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई गई है।
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जांच प्रक्रिया लंबी खिंच रही है। इसकी वजह से ई-रिक्शा धूल फांक रहे हैं। उधर, डूडा के परियोजना अधिकारी इंद्रसेन सिंह का कहना है कि एक सप्ताह में जांच प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
इस जांच से निगम के अधिकारियों को दूर रखा गया है। जांच के बाद फाइनल सूची तैयार होने के बाद पात्रों को ई-रिक्शा बांटे जाएंगे। आरटीओ कार्यालय में उनका पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाया जाएगा।