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Ghaziabad News: लोनी के निचले इलाकों को कराया गया खाली
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बदरपुर डूब क्षेत्र में भरा यमुना का पानी। संवाद
लोनी। हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी के बाद लोनी यमुना किनारे बसे गांव में बाढ़ की आंशका बनी हुई है। पुश्ता के दूसरी तरफ किसानों के खेतों में पानी भरने से फसल बर्बाद हो गई है। निचले स्तर पर रह रहे लोगों को पुश्ता के ऊपर आना पड़ा। प्रशासन की टीम लगातार बढ़ रहे पानी के स्तर पर निगरानी बढ़ाई है। गांव के लोगों भी बाढ़ के खतरे को लेकर जागरूक कर रहे हैं।
हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी लोनी पहुंचने लगा है। लोनी में मंगलवार दोपहर यमुना का जलस्तर बढ़कर 211.20 मीटर पर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी किनारे लोनी के इलायचीपुर, हरमपुर, बदरपुर, पचायरा गांव के खेतों में पानी भर गया है। बाढ़ की आशंका के चलते प्रशासन द्वारा पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया है। प्रशासन द्वारा नाव व गोताखोरों की व्यवस्था की गई है। तटबंध के किनारे मिट्टी कटान होने से बने गड्ढों को भरा जा रहा है। प्रशासन ने यमुना नदी किनारे बसे गांव में अनाउंसमेंट कराकर यमुना नदी से दूर रहने और सतर्क रहने की अपील की है। सोमवार को हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी मंगलवार दोपहर बाद लोनी पहुंचने लगा जिससे जलस्तर बढ़ गया है। खादर क्षेत्र के खेतों में पानी तेजी से बढ़ने लगा है। इसके चलते खेत में रहने वाले परिवारों ने पशुओं के साथ पुश्ता की शरण ली है। डूब क्षेत्र में एक बार फिर पानी भरने से यहां रहने वाले लोगों का जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मकानों व आसपास का क्षेत्र जलमग्न होने से इन लोगों को विवशता के चलते दोबारा पुश्ता की शरण लेनी पड़ी है। प्रशासन द्वारा पुश्ता पर शरण लेने वालों लोगों के लिए शौचालय एवं पानी के टैंकर की व्यवस्था की गई है। अपर जिलाधिकारी सौरभ भट्ट ने बताया कि बाढ़ की आशंका के चलते तटबंध की निगरानी की जा रही है। आपदा से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए नाव व गोताखोरों व एनएडीआरएफ की टीम को तैनात किया जा चुका है। बाढ़ से प्रभावित होने वाले परिवारों की सूची बनाई गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 12 शरण स्थल बनाए गये हैं। लोगों को मवेशियों संग सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए अनाउंसमेंट कराया जा रहा है।
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हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी लोनी पहुंचने लगा है। लोनी में मंगलवार दोपहर यमुना का जलस्तर बढ़कर 211.20 मीटर पर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी किनारे लोनी के इलायचीपुर, हरमपुर, बदरपुर, पचायरा गांव के खेतों में पानी भर गया है। बाढ़ की आशंका के चलते प्रशासन द्वारा पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया है। प्रशासन द्वारा नाव व गोताखोरों की व्यवस्था की गई है। तटबंध के किनारे मिट्टी कटान होने से बने गड्ढों को भरा जा रहा है। प्रशासन ने यमुना नदी किनारे बसे गांव में अनाउंसमेंट कराकर यमुना नदी से दूर रहने और सतर्क रहने की अपील की है। सोमवार को हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी मंगलवार दोपहर बाद लोनी पहुंचने लगा जिससे जलस्तर बढ़ गया है। खादर क्षेत्र के खेतों में पानी तेजी से बढ़ने लगा है। इसके चलते खेत में रहने वाले परिवारों ने पशुओं के साथ पुश्ता की शरण ली है। डूब क्षेत्र में एक बार फिर पानी भरने से यहां रहने वाले लोगों का जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मकानों व आसपास का क्षेत्र जलमग्न होने से इन लोगों को विवशता के चलते दोबारा पुश्ता की शरण लेनी पड़ी है। प्रशासन द्वारा पुश्ता पर शरण लेने वालों लोगों के लिए शौचालय एवं पानी के टैंकर की व्यवस्था की गई है। अपर जिलाधिकारी सौरभ भट्ट ने बताया कि बाढ़ की आशंका के चलते तटबंध की निगरानी की जा रही है। आपदा से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए नाव व गोताखोरों व एनएडीआरएफ की टीम को तैनात किया जा चुका है। बाढ़ से प्रभावित होने वाले परिवारों की सूची बनाई गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 12 शरण स्थल बनाए गये हैं। लोगों को मवेशियों संग सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए अनाउंसमेंट कराया जा रहा है।
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