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Ghaziabad News: दवा के लिए लंबी कतार, इंतजार के बाद भी अधूरी मिलीं दवाएं
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गाजियाबाद। जिला एमएमजी अस्पताल में मंगलवार को दवा लेने के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा। दवा वितरण काउंटर पर 100 मीटर से अधिक लंबी लाइन लगी रही। मरीजों के अनुसार, उन्हें अपनी बारी के लिए 35 से 40 मिनट तक खड़ा रहना पड़ा। कुछ मरीजों ने प्रशिक्षु स्टाफ की लापरवाही और कर्मचारियों की कमी को अव्यवस्था की वजह बताया। लंबा इंतजार करने के बाद भी कुछ मरीजों को पर्चे पर लिखी सभी दवाएं नहीं मिल सकीं।
भीमनगर निवासी संगीता ने बताया कि वह सुबह 11 बजे से दवा काउंटर की कतार में लगी थीं, लेकिन दोपहर 12 बजे तक उनका नंबर नहीं आया था। अर्थला निवासी रनवीर सिंह ने बताया कि वह दोपहर एक बजे दवा लेने के लिए कतार में लगे थे। करीब 40 मिनट बाद उनका नंबर आया। देरी से दवा मिलने के बावजूद उन्हें पर्चे पर लिखी पांच में से केवल तीन दवाएं ही मिल सकीं। बाकी दवाओं के लिए अगले दिन आने को कहा गया।
ओपीडी में 2580 मरीजों का पंजीकरण
एमएमजी अस्पताल में प्रतिदिन 2500 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद दवा काउंटर पर भीड़ बढ़ जाती है। मंगलवार को भी ओपीडी में कुल 2580 मरीजों का पंजीकरण हुआ। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से दवा काउंटर पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती करने और वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग की, ताकि उन्हें लंबी कतारों में इंतजार न करना पड़े।
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दो दिन अस्पताल बंद रहने से बढ़ी भीड़ : सीएमएस
अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि दो दिन अस्पताल बंद रहने के कारण मंगलवार को दवा लेने वाले मरीजों की संख्या अधिक थी। इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया था। उन्होंने दावा किया कि सभी मरीजों को दवाएं दी गईं और कोई भी मरीज बिना दवा के वापस नहीं लौटा।
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भीमनगर निवासी संगीता ने बताया कि वह सुबह 11 बजे से दवा काउंटर की कतार में लगी थीं, लेकिन दोपहर 12 बजे तक उनका नंबर नहीं आया था। अर्थला निवासी रनवीर सिंह ने बताया कि वह दोपहर एक बजे दवा लेने के लिए कतार में लगे थे। करीब 40 मिनट बाद उनका नंबर आया। देरी से दवा मिलने के बावजूद उन्हें पर्चे पर लिखी पांच में से केवल तीन दवाएं ही मिल सकीं। बाकी दवाओं के लिए अगले दिन आने को कहा गया।
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ओपीडी में 2580 मरीजों का पंजीकरण
एमएमजी अस्पताल में प्रतिदिन 2500 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद दवा काउंटर पर भीड़ बढ़ जाती है। मंगलवार को भी ओपीडी में कुल 2580 मरीजों का पंजीकरण हुआ। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से दवा काउंटर पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती करने और वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग की, ताकि उन्हें लंबी कतारों में इंतजार न करना पड़े।
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दो दिन अस्पताल बंद रहने से बढ़ी भीड़ : सीएमएस
अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि दो दिन अस्पताल बंद रहने के कारण मंगलवार को दवा लेने वाले मरीजों की संख्या अधिक थी। इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया था। उन्होंने दावा किया कि सभी मरीजों को दवाएं दी गईं और कोई भी मरीज बिना दवा के वापस नहीं लौटा।