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Ghaziabad News: बीमा योजना का झांसा देकर 34 लोगों के नाम पर लिए लोन, कमीशन हड़पने का आरोप
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कौशांबी (गाजियाबाद)। एक बीमा एजेंट ने निशुल्क बीमा के नाम पर कई लोगों को ठगा है। उसने लोगों के आधार नंबर का उपयोग कर उनके नाम पर लोन कराया और शुरुआती प्रीमियम भरा। इस धोखाधड़ी के आरोप में स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने एजेंट के खिलाफ इंदिरापुरम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। कंपनी की आंतरिक जांच में आरोपी ने 42.78 लाख रुपये का कथित फर्जी बीमा कारोबार किया था। आरोपी ने 34 लोगों से धोखाधड़ी की।
कंपनी के विजिलेंस ऑफिसर विकास शर्मा ने पुलिस को बताया कि कंपनी ने बिहार के नालंदा निवासी कन्हैया लाल को 27 फरवरी को अधिकृत एजेंट नियुक्त किया था।
कन्हैया वैशाली, इंदिरापुरम और बिहार के इलाकों में काम कर रहा था। बीते दिनों कुछ लोगों ने कंपनी में फोन कर बताया कि उनके नाम पर बिना उनकी जानकारी के पॉलिसी ली गई है। इस जानकारी के बाद कंपनी ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि ये सभी फर्जी पॉलिसी कन्हैया ने की थीं।
आरोपी ने बिहार में लोगों को केंद्र सरकार की मुफ्त स्वास्थ्य योजना का प्रतिनिधि बताकर ठगा। उसने झांसा दिया कि बिहार चुनाव के बाद सरकार मुफ्त स्वास्थ्य बीमा योजना लाएगी और वह इसके लिए पंजीकरण कर रहा है। इस तरह उसने लोगों से दस्तावेज और मोबाइल नंबर लिए। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच में पता चलेगा कि आरोपी के साथ इस साजिश में कौन लोग शामिल हैं। पुलिस छानबीन कर आगे की कार्रवाई करेगी।
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ऐसे धोखाधड़ी करता था पीड़ित
आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर ग्राहकों के फोन से ओटीपी हासिल करता था। वह कहता था कि यह ओटीपी सत्यापन के लिए है। इन ओटीपी का इस्तेमाल कर अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें सुविधा के तहत लोगों के नाम पर लोन पास कराता था। इसी रकम से पॉलिसी का शुरुआती प्रीमियम भरता था। इस तरह फर्जी पॉलिसी कर आरोपी ने कंपनी से करीब 15 लाख रुपये कमीशन के रूप में वसूले। कंपनी की आंतरिक जांच में 42.78 लाख रुपये का कथित फर्जी बीमा कारोबार किया था।
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कंपनी के विजिलेंस ऑफिसर विकास शर्मा ने पुलिस को बताया कि कंपनी ने बिहार के नालंदा निवासी कन्हैया लाल को 27 फरवरी को अधिकृत एजेंट नियुक्त किया था।
कन्हैया वैशाली, इंदिरापुरम और बिहार के इलाकों में काम कर रहा था। बीते दिनों कुछ लोगों ने कंपनी में फोन कर बताया कि उनके नाम पर बिना उनकी जानकारी के पॉलिसी ली गई है। इस जानकारी के बाद कंपनी ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि ये सभी फर्जी पॉलिसी कन्हैया ने की थीं।
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आरोपी ने बिहार में लोगों को केंद्र सरकार की मुफ्त स्वास्थ्य योजना का प्रतिनिधि बताकर ठगा। उसने झांसा दिया कि बिहार चुनाव के बाद सरकार मुफ्त स्वास्थ्य बीमा योजना लाएगी और वह इसके लिए पंजीकरण कर रहा है। इस तरह उसने लोगों से दस्तावेज और मोबाइल नंबर लिए। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच में पता चलेगा कि आरोपी के साथ इस साजिश में कौन लोग शामिल हैं। पुलिस छानबीन कर आगे की कार्रवाई करेगी।
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ऐसे धोखाधड़ी करता था पीड़ित
आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर ग्राहकों के फोन से ओटीपी हासिल करता था। वह कहता था कि यह ओटीपी सत्यापन के लिए है। इन ओटीपी का इस्तेमाल कर अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें सुविधा के तहत लोगों के नाम पर लोन पास कराता था। इसी रकम से पॉलिसी का शुरुआती प्रीमियम भरता था। इस तरह फर्जी पॉलिसी कर आरोपी ने कंपनी से करीब 15 लाख रुपये कमीशन के रूप में वसूले। कंपनी की आंतरिक जांच में 42.78 लाख रुपये का कथित फर्जी बीमा कारोबार किया था।