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सीरीज- आओ मिलकर दीया जलाएं

Mon, 24 Oct 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Mon, 24 Oct 2016 11:45 PM IST
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Light Series has come together
दिये - फोटो : अमर उजाला

चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार की दिशा में एक कदम और बढ़ा है। चाइनीज झालर, दीयों के बजाया इस बार मिट्टी के दीयों से अपने आंगन को रोशन करने पर जोर दिया जा रहा है। आरडब्ल्यूए भी पूरी ताकत से प्रचार प्रसार में लगी हैं। इसका असर भी दिख रहा है। लोग खुद भी मिट्टी के दीये जलाने का संकल्प ले रहे हैं।

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  राजनगर एक्सटेंशन एओए अध्यक्ष प्रमोद धनकड़ ने बताया कि चाइनीज फ्री दिवाली की मुहिम का हमने अपनी सोसायटी में प्रचार किया है। रीवर हाइट सोसायटी में बैठक कर सभी से अपील की है कि इस बार मिट्टी के दीये ही जलाएं। चाइनीज लड़ियों से घर को जगमगाने की बजाय मिट्टी के दीयों की रोशनी फैलाकर अपनी संस्कृति और देश भक्ति का परिचय दें।
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जागरूकता मुहिम में बच्चों को भी जोड़ा जा रहा है। शाम के समय जब सोसायटी के बच्चे खेलने केलिए पार्कों में एकजुट होते हैं फेडरेशन के सदस्य उन्हें राष्ट्रीयता का संदेश देते हुए चाइनीज फ्री दिवाली मनाने को जागरूक करेंगे। -गिरीश सारस्वत
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दीयों के साथ दिवाली मनाने की शुरुआत अपने घर से ही की जाएगी। पिछले वर्षों की तरह इस बार अपने घर पर चाइनीज लड़ियां नहीं लगाई हैं। इस बार देश के कारोबार को मुनाफा पहुंचाने और अपनी प्राचीन संस्कृति और प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने को केवल दीये ही जलाए जाएंगे। धर्मेंद्र चौधरी


इस दिवाली आप मिट्टी के दीये खरीदकर स्पेशल बच्चों के चेहरे पर मुस्कान भी ला सकते हैं। संजयनगर सेक्टर 23 स्थित भागीरथी स्पेशल स्कूल के बच्चे अपने हाथों से दीये बनाते हैं। आप भी इनसे दीये खरीदकर इनकी थोड़ी मदद तो कर ही सकते हैं। इसके लिए ऑर्डर भी दे सकते हैं। बच्चे इन दीयों को खुद ही डेकोरेट का सुंदर लुक देते हैं।


स्कूल प्रबंधक अमिताभ शुक्ला ने बताया कि कई वर्षों से बच्चे दिवाली पर मिट्टी के दीये और मोमबत्तियां बनाते हैं। लोगों के ऑर्डर भी आते हैं। यदि लोग ज्यादा संख्या में इनके दीये खरीदें तो इसी पैसे से इनको आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल सकती है। हम भी इनके बनाए दीयों को अलग-अलग स्कूलों और दिवाली मेले में प्रदर्शित करते हैं।

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