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Ghaziabad News: बुजुर्ग की हत्या कर भूसे में शव छिपाने वाले को आजीवन कारावास
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गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र में बुजुर्ग महिला की हत्या कर शव भूसे में छिपाने के मामले में अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ईसी एक्ट) नितेन्द्र कुमार की अदालत ने आरोपी सुधीर कुमार को दोषी करार देते हुए हत्या में आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माना, जबकि साक्ष्य छिपाने में 3 साल के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
परविंदर कुमार ने कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 अप्रैल 2020 की सुबह करीब 6:30 बजे उनकी 75 वर्षीय मां तुलसा देवी घर के चबूतरे पर झाड़ू लगा रही थीं। इसी दौरान ताऊ के बेटे सुधीर कुमार से भूसा डालने को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद बुजुर्ग महिला रहस्यमय तरीके से लापता हो गई।
परिजनों ने सुधीर से पूछा तो उसने मृतका के गोविंदपुरम की ओर जाने की बात कहकर गुमराह किया और खुद भी तलाश का बहाना बनाकर मोबाइल बंद कर फरार हो गया। शक होने पर परिजनों ने आरोपी के घेर का ताला खुलवाकर तलाशी ली तो भूसे के कोठे में भूसे के नीचे दबी महिला की लाश मिली। मृतका के गले में साड़ी का फंदा कसा था और चेहरे व शरीर पर चोट के निशान थे।
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मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष से वादी परविंदर कुमार, संजीव कुमार, डॉ. विक्रांत समेत कई गवाह पेश हुए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने और दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई। अदालत ने साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आरोपी को दोषी माना। सजा के बाद दोषी को जिला कारागार भेज दिया गया।
परविंदर कुमार ने कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 अप्रैल 2020 की सुबह करीब 6:30 बजे उनकी 75 वर्षीय मां तुलसा देवी घर के चबूतरे पर झाड़ू लगा रही थीं। इसी दौरान ताऊ के बेटे सुधीर कुमार से भूसा डालने को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद बुजुर्ग महिला रहस्यमय तरीके से लापता हो गई।
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परिजनों ने सुधीर से पूछा तो उसने मृतका के गोविंदपुरम की ओर जाने की बात कहकर गुमराह किया और खुद भी तलाश का बहाना बनाकर मोबाइल बंद कर फरार हो गया। शक होने पर परिजनों ने आरोपी के घेर का ताला खुलवाकर तलाशी ली तो भूसे के कोठे में भूसे के नीचे दबी महिला की लाश मिली। मृतका के गले में साड़ी का फंदा कसा था और चेहरे व शरीर पर चोट के निशान थे।
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मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष से वादी परविंदर कुमार, संजीव कुमार, डॉ. विक्रांत समेत कई गवाह पेश हुए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने और दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई। अदालत ने साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आरोपी को दोषी माना। सजा के बाद दोषी को जिला कारागार भेज दिया गया।