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Ghaziabad News: कॉपर लूटने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार
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गाजियाबाद। पटेलनगर मार्ग स्थित फैक्टरी में सात सितंबर की रात गार्ड को बंधक बनाकर कॉपर लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने लूट करने वाले गिरोह के सरगना नदीम निवासी रामपार्क, ट्रॉनिका सिटी को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 52 किलोग्राम कॉपर, घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई है। फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें दबिश दे रही है।
एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि हरजिंद्र सिंह की पटेलनगर में एसपी इलेक्टि्रल इंजीनियरिंग वर्क्स के नाम से फैक्टरी है। सात नवंबर को गार्ड ड्यूटी पर थे। बदमाशों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया और लाखों की कीमत का कॉपर व अन्य सामान लूट ले गए। पुलिस तभी से इस घटना के खुलासे पर काम कर रही थी। आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर दिए थे, जिससे उनकी लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। काफी प्रयास के बाद नदीम को गिरफ्तार किया है। कबाड़ का कार्य करने वाले उसके साथियों ने फैक्टरी में कॉपर होने की जानकारी दी थी।
पूछताछ में नदीम ने बताया कि पहले वह फेरी लगाने का काम करता था। 2002 में उसने दिल्ली के केशवपुरम में चोरी की पहली घटना को अंजाम दिया। इसमें वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया। दिल्ली में उसने 2005 में डकैती की घटना को भी अंजाम दिया। इसके बाद वह मकोका समेत अन्य मामलों में सात साल तक जेल में रहा। उस पर गाजियाबाद समेत अलग अलग थानों में 47 मुकदमे लूट, चोरी के दर्ज हैं।
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एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि हरजिंद्र सिंह की पटेलनगर में एसपी इलेक्टि्रल इंजीनियरिंग वर्क्स के नाम से फैक्टरी है। सात नवंबर को गार्ड ड्यूटी पर थे। बदमाशों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया और लाखों की कीमत का कॉपर व अन्य सामान लूट ले गए। पुलिस तभी से इस घटना के खुलासे पर काम कर रही थी। आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर दिए थे, जिससे उनकी लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। काफी प्रयास के बाद नदीम को गिरफ्तार किया है। कबाड़ का कार्य करने वाले उसके साथियों ने फैक्टरी में कॉपर होने की जानकारी दी थी।
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पूछताछ में नदीम ने बताया कि पहले वह फेरी लगाने का काम करता था। 2002 में उसने दिल्ली के केशवपुरम में चोरी की पहली घटना को अंजाम दिया। इसमें वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया। दिल्ली में उसने 2005 में डकैती की घटना को भी अंजाम दिया। इसके बाद वह मकोका समेत अन्य मामलों में सात साल तक जेल में रहा। उस पर गाजियाबाद समेत अलग अलग थानों में 47 मुकदमे लूट, चोरी के दर्ज हैं।
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