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Ghaziabad News: मां महागौरी की आराधना के बाद हुआ कंजक पूजन
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नेहरू नगर तीन में अष्टमी पर कन्या पूजन करते परिवार के सदस्य। संवाद
गाजियाबाद। नवरात्र के आठवें दिन बृहस्पतिवार को अष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मां दुर्गा के अन्नपूर्णा स्वरूप मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद घर-घर कंजक पूजन किया गया। सुबह से ही शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने माता की आरती कर सुख-समृद्धि और कष्टों से मुक्ति की कामना की।
पूजा के बाद अधिकांश भक्तों ने हवन कर व्रत का पारायण किया। मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी विधि-विधान से कंजक पूजन किया गया। कन्याओं के पैर धोकर तिलक लगाया गया और उन्हें भोजन कराने के साथ उपहार व दक्षिणा भेंट की गई।
दिल्ली गेट स्थित प्राचीन देवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन हुआ। यहां दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया। शाम को यज्ञ भी संपन्न हुआ। गुफा वाले मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
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धूमधाम से निकली पंखा शोभायात्रा
दिल्ली गेट स्थित प्राचीन देवी मंदिर से हर वर्ष की तरह इस बार भी नवरात्र अष्टमी पर पंखा शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई यात्रा दिल्ली गेट से घंटाघर, चौपला मंदिर, डासना गेट, रमतेराम रोड, नयागंज, वैदिक कन्या इंटर कॉलेज, कीर्तन वाली गली, जीटी रोड और चंद्रपुरी ठाकुरद्वारा होते हुए फिर मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में झांकियां, बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों के साथ बग्घी पर माता का पंखा आकर्षण का केंद्र रहा। महंत गिरिशानंद गिरि ने बताया कि अष्टमी के दिन ही परंपरा के अनुसार माता का पंखा बदला जाता है। इसके लिए पहले शोभायात्रा निकाली जाती है। इसके बाद मंदिर में विधि-विधान से पंखा परिवर्तन किया गया। रात में भक्तों को खजाना भी वितरित किया गया।
जगह-जगह भंडारे
शहर में विभिन्न स्थानों पर बृहस्पतिवार को दुर्गा अष्टमी के साथ रामनवमी भी मनाई गई। इस अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया। छिजारसी स्थित मनवंतरा फार्म्स में जागरण के बाद भंडारा हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान सरदार जसवंत सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। निलाया ग्रीन्स सोसायटी में निलाया युवा मंच के सदस्यों ने भंडारा आयोजित किया। अश्वनी जायसवाल ने बताया कि यह उनका चौथा आयोजन था। इसके अलावा मालीवाड़ा, चौधरी मोड़, कविनगर, शास्त्रीनगर और गोविंदपुरम समेत कई स्थानों पर भी श्रद्धालुओं ने भंडारे का आयोजन किया।
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पूजा के बाद अधिकांश भक्तों ने हवन कर व्रत का पारायण किया। मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी विधि-विधान से कंजक पूजन किया गया। कन्याओं के पैर धोकर तिलक लगाया गया और उन्हें भोजन कराने के साथ उपहार व दक्षिणा भेंट की गई।
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दिल्ली गेट स्थित प्राचीन देवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन हुआ। यहां दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया। शाम को यज्ञ भी संपन्न हुआ। गुफा वाले मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
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धूमधाम से निकली पंखा शोभायात्रा
दिल्ली गेट स्थित प्राचीन देवी मंदिर से हर वर्ष की तरह इस बार भी नवरात्र अष्टमी पर पंखा शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई यात्रा दिल्ली गेट से घंटाघर, चौपला मंदिर, डासना गेट, रमतेराम रोड, नयागंज, वैदिक कन्या इंटर कॉलेज, कीर्तन वाली गली, जीटी रोड और चंद्रपुरी ठाकुरद्वारा होते हुए फिर मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में झांकियां, बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों के साथ बग्घी पर माता का पंखा आकर्षण का केंद्र रहा। महंत गिरिशानंद गिरि ने बताया कि अष्टमी के दिन ही परंपरा के अनुसार माता का पंखा बदला जाता है। इसके लिए पहले शोभायात्रा निकाली जाती है। इसके बाद मंदिर में विधि-विधान से पंखा परिवर्तन किया गया। रात में भक्तों को खजाना भी वितरित किया गया।
जगह-जगह भंडारे
शहर में विभिन्न स्थानों पर बृहस्पतिवार को दुर्गा अष्टमी के साथ रामनवमी भी मनाई गई। इस अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया। छिजारसी स्थित मनवंतरा फार्म्स में जागरण के बाद भंडारा हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान सरदार जसवंत सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। निलाया ग्रीन्स सोसायटी में निलाया युवा मंच के सदस्यों ने भंडारा आयोजित किया। अश्वनी जायसवाल ने बताया कि यह उनका चौथा आयोजन था। इसके अलावा मालीवाड़ा, चौधरी मोड़, कविनगर, शास्त्रीनगर और गोविंदपुरम समेत कई स्थानों पर भी श्रद्धालुओं ने भंडारे का आयोजन किया।