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Ghaziabad News: फास्ट फूड से बच्चों की आंतों में हो रहा संक्रमण

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 25 Mar 2024 02:24 AM IST
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Intestinal infection of children due to fast food
गाजियाबाद। फास्ट फूड खाने की बढ़ती हुई आदत से बच्चों के पेट में दर्द, सुस्ती और मोटापा की परेशानी बढ़ रही है। एमएमजी अस्पताल की शिशु ओपीडी में रोजाना 250 से 300 बच्चों को परिजन इलाज के लिए ला रहे हैं। इनमें से 100 से 125 बच्चे फास्ट फूड खाने से बीमार हो रहे हैं। जबकि इतने ही बच्चे तीन वर्ष से कम उम्र के होते हैं, जो निमोनिया, बुखार और सर्दी-जुकाम से ग्रसित हो रहे हैं। इनमें 10 से 12 बच्चों को भर्ती करने की भी जरूरत हो रही है।
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एमएमजी अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन उपाध्याय ने बताया कि पिछले कुछ समय से फास्ट फूड का सेवन करने वाले बच्चों और बड़ों की संख्या बढ़ रही है। फास्ट फूड खाने से सभी उम्र के लोगों की सेहत पर असर पड़ता है, लेकिन दस साल तक की उम्र के बच्चों पर इसका दुष्प्रभाव अधिक है। पेट में बार-बार दर्द होने और आंतों में संक्रमण के केस अस्पताल में सबसे अधिक आ रहे हैं। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि ज्यादा फास्ट फूड का सेवन करने से पेट खराब होना, डायरिया, पेचिस, आंतों में संक्रमण, टायफाइड होने का डर रहता है।
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दिल के दौरे और स्ट्रोक का भी खतरा

फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि फास्ट फूड में नमक की अधिक मात्रा शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ा देती है, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है। फास्ट फूड में संतृप्त वसा के उच्च स्तर से दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है, क्योंकि इससे उच्च कोलेस्ट्रॉल और संकुचित धमनियां (एथेरोस्क्लेरोसिस) हो सकती हैं। फास्ट फूड में नमक का उच्च स्तर और अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट (बर्गर बन्स, ब्रेडक्रंब और पिज्जा बेस में) से पेट में सूजन पैदा करते हैं। फास्ट फूड में फाइबर की कमी होने से पेट साफ नहीं होता है। कब्ज होने से बवासीर (पाइल्स), हर्निया और मधुमेह का खतरा बढ़ रहा है।
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केस एक

लिवर व आंत में सूजन
विजय नगर निवासी जितेंद्र एक आईटी कंपनी में इंजीनियर हैं, जबकि पत्नी जनरल स्टोर चलाती हैं। उनके बेटे आदित्य और बेटी अवनी सिंह स्कूल से आने के बाद दुकान से रुपये लेकर चाऊमीन, बर्गर या पीजा मंगा लेते हैं। शाम को खाना नहीं खाते थे। आदित्य को पांच दिन से पेट में दर्द हो रहा था। स्थानीय डॉक्टर को दिखाया तो दर्द की दवाई दे दी, लेकिन आराम नहीं हुआ। अल्ट्रासाउंड जांच कराने पर पता चला कि लिवर बढ़ गया है और आंतों में सूजन है। इसके बाद डॉक्टर ने इलाज शुरू किया, लेकिन बाहर का कुछ भी खाने से बंद करा दिया है।



केस दो

जांच में आंत में मिला संक्रमण
संजय नगर निवासी संजीव की 11 वर्षीय बेटी प्रिया का वजन 42 किलोग्राम है। वह पिछले पंद्रह दिन से खाना नहीं खाती थी, हर समय पेट में दर्द बताती थी। संयुक्त अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना सिंह को दिखाया तो उन्होंने अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह दी। जांच में पता चला कि बच्ची की आंत में सूजन है। डॉक्टर के पूछने पर मां ने बताया कि बच्ची के खाना नहीं खाने पर शाम के समय चाऊमीन या बर्गर खिला देती थी। मां का तर्क था कि बच्ची कुछ नहीं खा रही थी, इसलिए जो कहती थी वही खिला रही थी। डॉक्टर ने बताया कि दूषित खाने से बच्ची बीमार हो चुकी है, 15 दिन दवाई खिलानी पड़ेगी।
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