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Ghaziabad News: उद्योगों को मिलेगी निर्बाध बिजली, तीन नए बिजलीघरों को मंजूरी
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गाजियाबाद। औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती बिजली की जरूरत और निर्बाध आपूर्ति के लिए जिले में तीन नए बिजलीघरों के निर्माण की कार्ययोजना को यूपीसीडा ने मंजूरी दे दी है। कविनगर, साहिबाबाद साइट फोर और मसूरी-गुलावठी औद्योगिक क्षेत्र में 20-20 एमवीए क्षमता के बिजलीघर बनाए जाएंगे। इन पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। तीनों बिजलीघरों के लिए जमीन भी चिह्नित की जा चुकी है।
यूपीसीडा के सीनियर मैनेजर इलेक्ट्रिकल राजवीर सिंह ने बताया कि अटल मिशन के तहत नए बिजलीघरों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था। कानपुर मुख्यालय से इसकी मंजूरी मिल गई है। कार्ययोजना स्वीकृत होने के बाद इसी महीने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। नए बिजलीघरों से इन औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित हजारों उद्योगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
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औद्योगिक क्षेत्रों में साढ़े चार सौ मेगावाट खपत
जिले के 11 औद्योगिक क्षेत्रों में प्रतिदिन करीब साढ़े चार सौ मेगावाट बिजली की खपत होती है। ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने बताया कि आने वाले दिनों में औद्योगिक इकाइयों की क्षमता वृद्धि को देखते हुए नए बिजलीघरों के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। 60 एमवीए क्षमता के तीन नए बिजलीघर बनने के बाद उद्योगों को पर्याप्त बिजली मिलने की उम्मीद है।
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ओवरहेड और अंडरग्राउंड लाइन भी डाली जाएगी
नए बिजलीघरों के निर्माण के साथ बिजली आपूर्ति के लिए लाइन डालने का काम भी किया जाएगा। जरूरत के अनुसार कहीं ओवरहेड तो कहीं अंडरग्राउंड केबल डाली जाएगी। यूपीसीडा के उप महाप्रबंधक सलिल यादव ने बताया कि निर्माण पूरा होने के बाद बिजलीघरों को ऊर्जा निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा। जिले के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली के ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
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यूपीसीडा के सीनियर मैनेजर इलेक्ट्रिकल राजवीर सिंह ने बताया कि अटल मिशन के तहत नए बिजलीघरों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था। कानपुर मुख्यालय से इसकी मंजूरी मिल गई है। कार्ययोजना स्वीकृत होने के बाद इसी महीने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। नए बिजलीघरों से इन औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित हजारों उद्योगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
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औद्योगिक क्षेत्रों में साढ़े चार सौ मेगावाट खपत
जिले के 11 औद्योगिक क्षेत्रों में प्रतिदिन करीब साढ़े चार सौ मेगावाट बिजली की खपत होती है। ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने बताया कि आने वाले दिनों में औद्योगिक इकाइयों की क्षमता वृद्धि को देखते हुए नए बिजलीघरों के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। 60 एमवीए क्षमता के तीन नए बिजलीघर बनने के बाद उद्योगों को पर्याप्त बिजली मिलने की उम्मीद है।
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ओवरहेड और अंडरग्राउंड लाइन भी डाली जाएगी
नए बिजलीघरों के निर्माण के साथ बिजली आपूर्ति के लिए लाइन डालने का काम भी किया जाएगा। जरूरत के अनुसार कहीं ओवरहेड तो कहीं अंडरग्राउंड केबल डाली जाएगी। यूपीसीडा के उप महाप्रबंधक सलिल यादव ने बताया कि निर्माण पूरा होने के बाद बिजलीघरों को ऊर्जा निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा। जिले के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली के ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।