फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   India to host who irch workshop

Ghaziabad News: डब्ल्यूएचओ-आईआरसीएच कार्यशाला की भारत करेगा मेजबानी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 05 Aug 2025 05:08 PM IST
विज्ञापन
India to host who irch workshop

विज्ञापन




- हर्बल औषधियों की सुरक्षा, प्रभावकारिता और विनियमन पर वैश्विक मंथन

- इंडोनेशिया, जापान, श्रीलंका, युगांडा और जिम्बाब्वे सहित 12 देश लेंगे हिस्सा

माई सिटी रिपोर्टर

गाजियाबाद। हर्बल चिकित्सा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और विनियामक क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए भारत छह से आठ अगस्त तक डब्ल्यूएचओ-आईआरसीएच की तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला की मेजबानी करेगा। आयुष मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी भेषज संहिता आयोग (पीसीआईएमएंडएच) के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।


तकनीकी प्रशिक्षण और केस स्टडीज़ होंगे मुख्य आकर्षण

कार्यशाला में व्यावहारिक प्रशिक्षण, केस स्टडीज़ और विनियामक वार्ता जैसे विविध तकनीकी सत्र होंगे। इसमें डब्ल्यूएचओ-आईआरसीएच के कार्य समूह एक (सुरक्षा और विनियमन) और कार्य समूह तीन (प्रभावकारिता और वांछित उपयोग) के विशेषज्ञ एक मंच पर जुटेंगे। अश्वगंधा से संबंधित सुरक्षा मामलों पर केस स्टडी भी प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही, प्रतिभागी पीसीआईएमएंडएच की प्रयोगशालाओं में हर्बल औषधियों की पहचान, भारी धातुओं का विश्लेषण तथा एचपीटीएलसी प्रौद्योगिकी के माध्यम से कीमो-प्रोफाइलिंग का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
विज्ञापन


अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी

कार्यशाला का उद्घाटन आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और डब्ल्यूएचओ-आईआरसीएच के अध्यक्ष डॉ. किम सुंगचोल करेंगे। भूटान, ब्रुनेई, क्यूबा, घाना, इंडोनेशिया, जापान, नेपाल, पैराग्वे, पोलैंड, श्रीलंका, युगांडा और जिम्बाब्वे जैसे देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रत्यक्ष रूप से भाग लेंगे, जबकि ब्राजील, मिस्र और अमेरिका वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में शामिल होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पारंपरिक औषधियों के लिए वैश्विक मानक जरूरी: कोटेचा

आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि यह कार्यशाला पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के वैश्विक विनियामक संरेखण को मजबूती देगी। हर्बल औषधियों की वैज्ञानिक जांच, सुरक्षा निगरानी और गुणवत्ता आश्वासन के लिए रूपरेखा बनाना आवश्यक है, ताकि इनका सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके उन्होंने कहा।


गुणवत्ता और सुरक्षा पर वैश्विक सहमति जरूरी: डॉ. किम

डब्ल्यूएचओ-आईआरसीएच के अध्यक्ष डॉ. किम सुंगचोल ने कहा कि आईआरसीएच का लक्ष्य देशीय सीमाओं से परे हर्बल औषधियों के लिए साझा गुणवत्ता मानक विकसित करना है। उन्होंने इस कार्यशाला को पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को वैश्विक मंच पर प्रभावी रूप से विनियमित करने का अवसर बताया।

---------



विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed