{"_id":"573b76384f1c1bd970ac739f","slug":"in-disposal-of-online-fraud-complaints","type":"story","status":"publish","title_hn":"आनलाइन शिकायतों के निस्तारण में भी फर्जीवाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आनलाइन शिकायतों के निस्तारण में भी फर्जीवाड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 18 May 2016 01:21 AM IST
विज्ञापन
कंप्यूटर में दिखा दिया समस्या का हल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम कर्मचारियों ने आनलाइन शिकायतों के निस्तारण में भी फर्जीवाड़ा कर बिना काम कराए ही कंप्यूटर पर हल दर्शा दी। महापौर अशु कुमार वर्मा ने मंगलवार को आईटी सेल में पहुंच शिकायतकर्ता को फोन लगाया तो 30 में से 9 समस्याएं जस की तस मिली।
विज्ञापन
इन शिकायतों को हल किया गया दर्शाया गया था। महापौर ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है। उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं का फर्जी निस्तारण न दर्शाने की हिदायत दी है।
विज्ञापन
मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे मेयर आईटी सेल में पहुंचे और मोहन नगर जोन की शिकायतों की जानकारी ली। मेयर ने 20 अप्रैल से 10 मई तक की शिकायतों को रैंडम चिह्नित किया और आईटी इंचार्ज मुबारक से शिकायतकर्ता को फोन कराया।
विज्ञापन
महापौर ने खुद भी 30 रेजिडेंट्स से बात की। उनमें से 9 लोगों ने बताया कि समस्या हल करने के लिए अभी तक निगम का कोई कर्मचारी पहुंचा ही नहीं। इन 9 शिकायतों में 8 सफाई, कूड़ा उठवाने और गंदगी से संबंधित थी, जबकि एक स्ट्रीट लाइट की थी।
बाकी 21 शिकायतों में भी कई लोगों ने बताया कि शिकायत पर लोग पहुंचे थे, लेकिन समस्या फिर बन गई है। महापौर ने शिकायतों के फर्जी निस्तारण दिखाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है।
जिन अधिकारियों से संबंधित शिकायतों का फर्जी निस्तारण दिखाया गया है। उन्हें पत्र भेजकर जवाब मांगा गया है और भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी गई है। इन सभी शिकायतों का तत्काल निस्तारण कराकर अधिकारी सूचना उपलब्ध कराएंगे। - अशु कुमार वर्मा, महापौर