फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Husband sentenced to seven years for abetting suicide

Ghaziabad News: आत्महत्या के लिए उकसाने वाले दोषी पति को सात साल की सजा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 20 Apr 2023 12:21 AM IST
विज्ञापन
Husband sentenced to seven years for abetting suicide
गाजियाबाद। विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पति को एडीजे थर्ड न्यायाधीश रीता सिंह की अदालत ने सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में नौ गवाह पेश किए गए। मामला मोदीनगर थाना क्षेत्र का है।
विज्ञापन

जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन शर्मा ने बताया कि लोनी निवासी भारतीय दूरसंचार विभाग में कर्मचारी के पद पर काम करने वाले राजपाल सिंह ने अपनी बेटी सुमन की शादी 27 अप्रैल 2005 को मोदीनगर निवासी पवन के साथ की थी। पवन पेंटिंग का काम करता है। पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया बेटी के शादी में मिले दहेज से पवन कुमार खुश नहीं था। वह शादी के बाद से लगातार दहेज की और मांग करने लगे। सुमन के पिता ने बेटी की खुशी के लिए पवन को तिबड़ा मोदीनगर में एक प्लाट खरीदकर दे दिया था। साथ ही प्लाट पर मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद भी की, लेकिन पवन की दहेज की मांग बंद नहीं हुई। वह सुमन की शराब पीकर पिटाई करता था। बावजूद इसके पवन की डिमांड कम नहीं हुई। वहीं, पवन और सुमन की दो बेटी भी हो गई। वह आए दिन सुमन को शराब पीकर बुरी तरह पिटता था। घटना से दो वर्ष पहले, सुमन ने परेशान होकर घर चलाने के लिए मजदूरी का काम करने लगी। पवन के तानों से परेशान होकर सुमन ने 23 मार्च 2016 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अगले ही दिन सुबह करीब छह बजे पवन ने मृतका सुमन के पिता को फोन पर मामले की जानकारी दी। जानकारी मिलने के बाद मृतका सुमन के पिता मौके पर पहुंचे। सुमन के पिता ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पवन को नामजद किया। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर पवन को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। मामले की अंतिम सुनवाई बुधवार को एडीजे थर्ड न्यायाधीश रीता सिंह की अदालत में हुई। अदालत ने सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर पवन को सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। पवन को सजा दिलाने में सुमन के पिता और उसकी बड़ी बेटी दृष्टि(8) की गवाही अहम रही।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed