Bulandshahr Fire: बीसा कॉलोनी के पास झुग्गी-झोपड़ियों में लगी भीषण आग, कई परिवारों का हजारों का सामान जलकर राख
झोपड़ियों में आग लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथ ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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बुलंदशहर नगर की बीसा कॉलोनी स्थित ईदगाह के बाद झुग्गी-झोपड़ियों में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। पीड़ित लोगों के मुताबिक आग में तीन बकरी और सात बकरे और 15 मुर्गियों मर गईं। फायर ब्रिगेड की टीम ने लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। पीड़ित लोगों के मुताबिक झोपड़ियों में रखा लाखों का सामान भी जलकर राख हो गया।
बीसा कॉलोनी ईदगाह के पास झुग्गी-झोपड़ियां रखी हुई हैं। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे झुग्गी-झोपड़ियों में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग लगने से इश्तियाक, अहतारुल चौधरी, कुर्बान शेख, सुबराती और इम्तियाज की झोपड़ी जलकर राख हो गईं। इश्तियाक ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी के निकाह के लिए दहेज का सामान भी झोपड़ी में रखा था। अहतारुल ने बताया कि झोपड़ी में रखी 50 हजार की नकदी व घरेलू सामान, कुर्बान शेख का घरेलू सामान, इम्तियाज की झोपड़ी में 50 हजार का सामान, सुबराती का घरेलू सामान, 20 हजार की नकदी, तीन बकरी, सात बकरे और 15 मुर्गी जलकर मर गईं।
झोपड़ियों में आग लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथ ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने आधा घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के मुताबिक मौके पर मवेशियों के झुलसकर मरने के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
हादसे के बाद रो-रोकर बुरा हाल
झोपड़ियों में आग लगने के बाद वहां रहने वाले लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। अहतारुल ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी करते हुए परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। बृहस्पतिवार दोपहर अचानक झोपड़ियों में आग लगने से उनका सारा सामान जलकर राख हो गया। अब रात को सिर ढकने के साथ ही प्रतिदिन खाने-पीने के लिए भी दूसरे लोगों पर निर्भर रहना पड़ेगा। सुबराती ने बताया कि आग लगने के दौरान लोग झोपड़ियों में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने मौके से भागकर बमुश्किल अपनी जान बचाई।