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2022 में दिल्ली-मेरठ के बीच दौड़ेगी हाईस्पीड ट्रेन
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 05 Nov 2016 10:34 PM IST
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हाईस्पीड ट्रेन
- फोटो : ब्यूरो/ मथुरा
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दिल्ली से मेरठ के बीच हाईस्पीड ट्रेन वर्ष 2022 तक दौड़ने लगेगी। गाजियाबाद में नेशनल हाई-वे-58 पर सड़क के बीच एलिवेटेड ट्रैक पर हाईस्पीड ट्रेन का संचालन किया जाएगा। इस रूट की डीपीआर बना ली गई है। शनिवार को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अधिकारियों ने स्टेट होल्डर्स वर्कशॉप के दौरान हाईस्पीड ट्रेन के बारे में जानकारी दी।
इस मौके पर दिल्ली, मेरठ, हरियाणा और राजस्थान के सभी स्थानीय निकायों के अधिकारियों को डीपीआर के बारे में विस्तृत तौर पर बताया गया।कौशांबी स्थित एक होटल में वर्कशॉप की शुरुआत एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी बीके त्रिपाठी और शहरी विकास मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी डीएस मिश्रा ने वर्कशॉप की सूक्ष्म जानकारी देकर की।
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इसके बाद हाईस्पीड ट्रेन की निर्माण एजेंसी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के मैनेजिंग डायरेक्टर वीके सिंह ने बताया कि डीपीआर तैयार है। इसे जल्द ही केंद्र सरकार और कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
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वहां से मंजूरी मिलने में करीब छह माह का समय लगेगा, जिसके बाद हाई स्पीड ट्रेन का काम धरातल पर दिखने लगेगा। डीपीआर के अनुसार दिल्ली से मेरठ तक के प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 22 हजार करोड़ रुपये है। गाजियाबाद में नेशनल हाई-वे की सेंट्रल वर्ज पर एलिवेटेड ट्रैक पर ट्रैन दौड़ाई जाएगी।
वीके सिंह के अनुसार पांच साल में प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। डीपीआर को अगर अगले साल तक मंजूरी मिलती है तो 2022 तक हाईस्पीड ट्रेन ट्रैक पर दौड़ने लगेगी। मेट्रो की तर्ज पर पिलर खड़े कर प्री फेब्रिकेटेड वायाडक्ट से ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।
वर्कशॉप के दौरान जीडीए वीसी विजय यादव, मेरठ विकास प्राधिकरण के वीसी, आवास विकास के अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार के अलावा उत्तर रेलवे, गाजियाबाद नगर निगम, एनएचएआई, एनसीआर बोर्ड समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
निर्माण एजेंसी एनसीआरटीसी के अधिकारियों के अनुसार हाईस्पीड ट्रेन करीब एक घंटे में दिल्ली से मेरठ की दूरी तय होगी, जिसके लिए यात्रियाें को करीब 160 रुपये किराया देना होगा।
प्रस्तावित डीपीआर के अनुसार दिल्ली से मेरठ तक 90 किलोमीटर के प्रोजेक्ट में 17 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनके बीच 180 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से हाईस्पीड ट्रेन दौड़ेगी। एक ट्रेन में 12 कोच होंगे, जिसमें एक बार में 2400 यात्री यात्रा कर सकेंगे।
दिल्ली, मेरठ में अंडरग्राउंड, नेशनल हाईवे पर एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ेगी
एनसीआरटीसी के एमडी वीके सिंह ने बताया कि दिल्ली में आनंद विहार तक और मेरठ में शताब्दी नगर से शास्त्री नगर के बीच हाईस्पीड ट्रेन अंडरग्राउंड ट्रैक पर दौड़ेगी। जबकि गाजियाबाद से मेरठ के बीच नेशनल हाई-वे पर यह रोड के बीच एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ेगी।
उन्होंने बताया कि एनएचएआई ने शुरुआत में एलिवेटेड रोड पर ट्रेन दौड़ाने की अनुमति नहीं दी थी। हालांकि बाद में नियमों में बदलाव किया गया है। गाजियाबाद में राजनगर एक्सटेंशन चौराहा पर प्रस्तावित फ्लाईओवर और मेरठ में रेलवे के एक ओवरब्रिज के ऊपर से होकर हाईस्पीड ट्रेन का ट्रैक गुजरेगा।
चुकाना होगा डेवलेपमेंट चार्ज
हाईस्पीड ट्रेन के आसपास की कालोनी में रहने वाले लोगाें को भी डेवलपमेंट चार्ज के रूप में वेल्यू एडेड टैक्स स्थानीय नगर निगम को चुकाना होगा, जिसमें साहिबाबाद, गाजियाबाद, मुरादनगर, मोदीनगर की जमीन की कीमत में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
- ये होंगे हाईस्पीड ट्रेन के स्टेशन
दिल्ली में सराय काले खां से शुरू होने के बाद हाईस्पीड ट्रेन आनंद विहार, साहिबाबाद, मोहननगर, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर, मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, एचआरएस चौक, बेगम पुल, मेरठ नॉर्थ, नौचंदी, शास्त्री नगर से होती हुई मोदीपुरम जाकर समाप्त होगी।