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हर ओर हर-हर महादेव
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 26 Jul 2016 12:12 AM IST
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धार्मिक
- फोटो : अमर उजाला
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सावन के पहले सोमवार को पूरा शहर हर-हर महादेव के जयकारे से गूंज उठा। जलाभिषेक करने को मंदिरों के बाहर भक्तों की भीड़ तड़के से ही जुटने लगी थी। जलाभिषेक का यह सिलसिला शाम तक चला।
दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर, शिव स्वयंभू मंदिर, नेहरू नगर शिव मंदिर, गुफा वाला मंदिर, ठाकुर द्वारा मंदिर, देवी मंदिर, राम जानकी मंदिर, गणेश मंदिर आदि में जलाभिषेक के लिये अल सुबह से ही भक्तों की लंबी लाइन लग गई।
दूधेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए रविवार की रात 12 बजे से ही भक्तों की लाइन लगनी शुरू हो चुकी थी। सुबह तक श्रद्धालुओं की यह लाइन जस्सीपुरा मोड़ तक जा पहुंची।
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सर्वप्रथम महंत नारायण गिरी एवं मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग ने मंत्रोच्चारण और सम्पूर्ण विधि विधान के साथ दूधेश्वर भगवान को पंचामृत से स्नान कराया।
वेद विद्यापीठ के आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ भगवान भोले का जलाभिषेक कराया गया। इसके बाद ब्रह्ममुहूर्त (साढ़े तीन बजे) में आरती गाई गई। इसके बाद से ही भक्तगण जलाभिषेक करने लगे। सुबह तक भक्तों की लंबी लाइन घंटाघर तक पहुंच गई।
मीडिया प्रभारी सांवलाराम सुथार ने बताया कि सुबह,शाम भव्य आरती श्रृंगार श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति द्वारा भगवान शिव को 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। मंदिर में नगर निगम की ओर से प्रकाश और गंगा जल की सुचारु व्यवस्था कराई गई थी।
इसके साथ ही महानगर के अन्य मंदिरों के बाहर भी बेल-पत्र, फूल और प्रसाद के साथ ही जल की व्यवस्था की गई थी। शाम को मंदिरों में विधिवत शिव परिवार का श्रृंगार किया गया और भजन कीर्तन किए गए।
दूधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरी ने बताया कि सावन में शिव की पूजा से विशेष लाभ मिलता है। सावन के सोमवार को शिव का जलाभिषेक करने से व्यक्ति को दैहिक, दैविक और भौतिक तपों से मुक्ति मिलती है।
इस अवसर पर विजय मित्तल, एसपी सिटी सलमान ताज, मजिस्ट्रेट शालिनी सिन्हा, जन विकलांग कल्याण अधिकारी संगीता सिंह, पूर्व आएएस वीके पवार, जाकिर सैफी, सीओ प्रथम इंद्रपाल सिंह, धीरेंद्र यादव के साथ ही मंदिर समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
शिक्षण संस्थान बंद कराने को दिन भर होता रहा मंथन
कांवड़ यात्रा के दौरान शिक्षण संस्थानों को बंद कराने के मामले पर दिन भर प्रशासनिक अधिकारी मंथन करते रहे। सोमवार दोपहर डीएम ने आदेश दिए कि जिले के सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए जाएं, मगर चंद घंटों बाद ही इस आदेश को वापस लेते हुए एनएच-58 किनारे शिक्षण संस्थान ही बंद करने के पुराने फैसले को बहाल कर दिया गया।
बता दें कि शनिवार को डीएम निधि केसरवानी ने केवल एनएच-58 स्थित स्कूल कॉलेज बंद करने के आदेश दिए थे। सोमवार को इस पर फिर से मंथन हुआ और डीएम ने जनपद के समस्त शिक्षण संस्थानों को बंद करने के आदेश दिए। इसके बाद शाम को हुई बैठक में इस पर दोबारा निर्णय लिया गया और केवल कांवड़ यात्रा से प्रभावित मार्ग के ही शिक्षण संस्थानों को बंद करने के पहले आदेश को ही बहाल कर दिया गया।
डीआईओएस राज सिंह यादव ने बताया कि दोपहर में गलती से जनपद के समस्त शिक्षण संस्थानों को बंद करने के आदेश जारी हो गए थे। बाद में विचार करने पर जब डीएम को अवगत कराया गया कि कांवड़ यात्रा से पूरा जिला प्रभावित नहीं होता बल्कि प्रमुख मार्ग स्थित शिक्षण संस्थान ही प्रभावित होते हैं।
इसके बाद शाम को आदेश में तब्दीली की गई और केवल कांवड़ यात्रा से प्रभावित मार्ग स्थित स्कूल कॉलेजों को ही बंद करने के आदेश दिए। ये शिक्षण संस्थान 25 जुलाई से 1 अगस्त तक बंद रहेंगे।
विरोध के बीच निगम ने एनएच-58 से हटाया अतिक्रमण
कांवड़ यात्रा के चलते सोमवार को नगर निगम ने एनएच-58 पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। सिहानी चुंगी से पांच नंबर भट्टा तक चले अभियान के दौरान निगम ने दुकानों के बाहर रखा गया सामान जब्त कर अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना भी लगाया। इस दौरान दुकानदारों ने निगम की टीम का विरोध किया, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के चलते अभियान नहीं रुका।
उप नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त, विजयनगर जोन के प्रभारी एसके गौतम और सिटी जोन के कर अधीक्षक सुधीर शर्मा के नेतृत्व में चले अभियान में निगम की टीम ने एनएच-58 के किनारे किए गए कब्जे को हटाया।
इस मार्ग पर सीमेंट मिक्सचर मशीनें बनाने की कई वर्कशॉप और मार्बल की दुकानें हैं। इन दुकानदारों ने काफी आगे तक अतिक्रमण किया हुआ था। निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाकर सामान जब्त कर लिया।
उप नगर आयुक्त ने बताया कि एक दुकानदार से 30 हजार और दूसरे से 20 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला गया। जोनल प्रभारी एसके गौतम ने बताया कि मंगलवार को भी अभियान चलाया जाएगा।
मेरठ रोड पर डिवाइडर के ऊपर भी होगी बैरिकेडिंग
मेरठ रोड पर कट बंद कराने के साथ-साथ इस बार डिवाइडर के ऊपर बल्लियों की बैरिकेडिंग कराई जाएगी। कांवड़ यात्रा के दौरान हादसे की आशंका को देखते हुए डीएम ने निगम को डिवाइडरों पर बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम मंगलवार को बैरिकेडिंग का काम कराएगा। यूपी गेट से दुहाई तक के कट भी निगम ने बंद करा दिए हैं। दरअसल, सड़कों की ऊंचाई बार-बार बढ़ने से एनएच-58 पर अधिकांश स्थानों पर डिवाइडरों की ऊंचाई बेहद कम रह गई है। ऐसे में कट बंद होने पर वाहन चालक डिवाइडरों के ऊपर से वाहन पार करा सकते हैं।
इससे बड़ा हादसा हो सकता है। डीएम ने कांवड़ मार्ग के निरीक्षण के बाद निगम अधिकारियों को डिवाइडर पर बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए हैं ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा और पुख्ता की जा सके। चीफ इंजीनियर आरके मित्तल का कहना है कि बैरिकेडिंग कराने के निर्देश स्टाफ को दे दिए गए हैं।
गोशाला अंडरपास बंद होने से कई जगह लगा जाम
सावन का पहला सोमवार होने के कारण दूधेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के चलते सुबह से दोपहर 12 बजे तक गोशाला अंडरपास से वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। इससे करीब नौ घंटे तक शहर दो हिस्सों में बंटा रहा। इस वजह से कई जगह जाम लगा रहा।
जलाभिषेक होेने के कारण गोशाला अंडरपास और घंटाघर से जस्सीपुरा मोड़ तक तड़के तीन बजे से दोपहर 12 बजे तक डायवर्जन रहा। ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन कर वाहनों को एनएच-24, सादिक की पुलिया और चिपियाना फाटक के रास्ते निकाला।
इससे गोशाला अंडरपास से दिल्ली-नोएडा आने-जाने वालों को दिक्कत हुई। घंटाघर पर भी वाहन जाम में फंसे रहे। दोपहर 12 बजे के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ कम हो गई, जिसके बाद वाहनों को गोशाला अंडरपास से निकाला गया, तब जाकर यातायात सामान्य हुआ।
बता दें कि सावन के हर सोमवार को गोशाला अंडरपास नौ घंटे के लिए बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में गोशाला अंडरपास होकर जाने वालों को या तो 10 किमी लंबे फेर से एनएच-24 से जाना पड़ेगा या फिर सादिक की पुलिया से।
डीएम के आदेश के बावजूद खुले शिक्षण संस्थान
कांवड़ मार्ग एनएच-58 के सभी स्कूल कॉलेजों को बंद करने के डीएम के आदेश सोमवार को हवा हवाई नजर आए। आदेश के बाद सरकारी स्कूल जहां सोमवार को बंद हो गए, वहीं पब्लिक स्कूल और कॉलेज खुले रहे।
आदेश की अवहेलना करते हुए एनएच-58 स्थित सभी सीबीएसई और आईसीएसई के स्कूल और इंजीनियरिंग कॉलेज खुले रहे। इस बाबत स्कूल व कॉलेज प्रशासन ने डीएम के किसी भी आदेश की सूचना होने की मनाही की।
आरकेजीआईटी के डीन वाईके गुप्ता ने बताया कि उन लोगों के पास डीएम के आदेश की कोई कॉपी नहीं पहुंची है। कॉलेज में दाखिले चल रहे हैं। ऐेसे में जो भी छात्र अपनी सुविधा से कॉलेज पहुंच रहे हैं उन्हें दाखिला दिया जा रहा है।
जो नहीं आ रहे उन पर कॉलेज आने का कोई दबाव भी नहीं बनाया जा रहा। बता दें कि कांवड़ यात्रा के चलते डीएम ने एनएच-58 के सभी शिक्षण संस्थान 25 जुलाई से एक अगस्त तक बंद किए जाने के आदेश जारी किए थे।
कांवड़ियों की सुरक्षा में लगे 20 ‘कमांडो’
सकुशल कांवड़ यात्रा संपन्न कराने के लिए सोमवार को चार क्विक रिएक्शन (क्यूआरटी) टीमों पुलिस लाइंस से रवाना की गईं। इन टीमों में 20 पुलिसकर्मी शामिल हैं, जो कमांडो के वेष में रहेंगे।
क्विक रिएक्शन टीमों (क्यूआरटी) में शामिल यह पुलिसकर्मी एसओजी में तैनात हैं। इन्हें कमांडो की बेसिक ट्रेनिंग भी दी गई है। एक क्यूआरटी में एक सब इंस्पेक्टर, तीन कांस्टेबल और एक चालक हैं। पुलिस अफसरों का मानना है कि कमांडो टीम का असामाजिक तत्वों पर मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ता है।
एसपी सिटी ने सुबह करीब 10 बजे हरी झंडी दिखाकर इन्हें रवाना किया। इस टीम के साथ डॉग स्क्वायड भी रहेगा। एसपी सिटी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
इतने ही वॉच टावर बनाए गए हैं। वॉच टावर में पुलिसकर्मी दूरबीन, टॉर्च और लाउड हेलर से लैस रहेंगे। उन्होंने बताया कि दूधेश्वरनाथ मंदिर में दो मैटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान हज हाउस की सुरक्षा भी पुख्ता की जाएगी। तड़के तीन बजे से सुबह 8 बजे तक अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत है, जिसके लिए पुलिस तैयार है।
एडीजी ने किया कांवड़ मार्ग का निरीक्षण
सोमवार शाम यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर दलजीत सिंह चौधरी ने कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। वह सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट नजर आए। एडीजी ने शाम करीब चार बजे से यूपी गेट से निरीक्षण शुरू किया और कादराबाद तक सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और पुलिस व्यवस्था के बारे में एसएसपी से जानकारी की। एडीजी मुरादनगर गंगनहर और मोदीनगर में राज चौपला पर कुछ देर रुके। उनके साथ एसएसपी, एसपी सिटी और एसपी रूरल आदि अफसर थे।
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दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर, शिव स्वयंभू मंदिर, नेहरू नगर शिव मंदिर, गुफा वाला मंदिर, ठाकुर द्वारा मंदिर, देवी मंदिर, राम जानकी मंदिर, गणेश मंदिर आदि में जलाभिषेक के लिये अल सुबह से ही भक्तों की लंबी लाइन लग गई।
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दूधेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए रविवार की रात 12 बजे से ही भक्तों की लाइन लगनी शुरू हो चुकी थी। सुबह तक श्रद्धालुओं की यह लाइन जस्सीपुरा मोड़ तक जा पहुंची।
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सर्वप्रथम महंत नारायण गिरी एवं मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग ने मंत्रोच्चारण और सम्पूर्ण विधि विधान के साथ दूधेश्वर भगवान को पंचामृत से स्नान कराया।
वेद विद्यापीठ के आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ भगवान भोले का जलाभिषेक कराया गया। इसके बाद ब्रह्ममुहूर्त (साढ़े तीन बजे) में आरती गाई गई। इसके बाद से ही भक्तगण जलाभिषेक करने लगे। सुबह तक भक्तों की लंबी लाइन घंटाघर तक पहुंच गई।
मीडिया प्रभारी सांवलाराम सुथार ने बताया कि सुबह,शाम भव्य आरती श्रृंगार श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति द्वारा भगवान शिव को 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। मंदिर में नगर निगम की ओर से प्रकाश और गंगा जल की सुचारु व्यवस्था कराई गई थी।
इसके साथ ही महानगर के अन्य मंदिरों के बाहर भी बेल-पत्र, फूल और प्रसाद के साथ ही जल की व्यवस्था की गई थी। शाम को मंदिरों में विधिवत शिव परिवार का श्रृंगार किया गया और भजन कीर्तन किए गए।
दूधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरी ने बताया कि सावन में शिव की पूजा से विशेष लाभ मिलता है। सावन के सोमवार को शिव का जलाभिषेक करने से व्यक्ति को दैहिक, दैविक और भौतिक तपों से मुक्ति मिलती है।
इस अवसर पर विजय मित्तल, एसपी सिटी सलमान ताज, मजिस्ट्रेट शालिनी सिन्हा, जन विकलांग कल्याण अधिकारी संगीता सिंह, पूर्व आएएस वीके पवार, जाकिर सैफी, सीओ प्रथम इंद्रपाल सिंह, धीरेंद्र यादव के साथ ही मंदिर समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
शिक्षण संस्थान बंद कराने को दिन भर होता रहा मंथन
कांवड़ यात्रा के दौरान शिक्षण संस्थानों को बंद कराने के मामले पर दिन भर प्रशासनिक अधिकारी मंथन करते रहे। सोमवार दोपहर डीएम ने आदेश दिए कि जिले के सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए जाएं, मगर चंद घंटों बाद ही इस आदेश को वापस लेते हुए एनएच-58 किनारे शिक्षण संस्थान ही बंद करने के पुराने फैसले को बहाल कर दिया गया।
बता दें कि शनिवार को डीएम निधि केसरवानी ने केवल एनएच-58 स्थित स्कूल कॉलेज बंद करने के आदेश दिए थे। सोमवार को इस पर फिर से मंथन हुआ और डीएम ने जनपद के समस्त शिक्षण संस्थानों को बंद करने के आदेश दिए। इसके बाद शाम को हुई बैठक में इस पर दोबारा निर्णय लिया गया और केवल कांवड़ यात्रा से प्रभावित मार्ग के ही शिक्षण संस्थानों को बंद करने के पहले आदेश को ही बहाल कर दिया गया।
डीआईओएस राज सिंह यादव ने बताया कि दोपहर में गलती से जनपद के समस्त शिक्षण संस्थानों को बंद करने के आदेश जारी हो गए थे। बाद में विचार करने पर जब डीएम को अवगत कराया गया कि कांवड़ यात्रा से पूरा जिला प्रभावित नहीं होता बल्कि प्रमुख मार्ग स्थित शिक्षण संस्थान ही प्रभावित होते हैं।
इसके बाद शाम को आदेश में तब्दीली की गई और केवल कांवड़ यात्रा से प्रभावित मार्ग स्थित स्कूल कॉलेजों को ही बंद करने के आदेश दिए। ये शिक्षण संस्थान 25 जुलाई से 1 अगस्त तक बंद रहेंगे।
विरोध के बीच निगम ने एनएच-58 से हटाया अतिक्रमण
कांवड़ यात्रा के चलते सोमवार को नगर निगम ने एनएच-58 पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। सिहानी चुंगी से पांच नंबर भट्टा तक चले अभियान के दौरान निगम ने दुकानों के बाहर रखा गया सामान जब्त कर अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना भी लगाया। इस दौरान दुकानदारों ने निगम की टीम का विरोध किया, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के चलते अभियान नहीं रुका।
उप नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त, विजयनगर जोन के प्रभारी एसके गौतम और सिटी जोन के कर अधीक्षक सुधीर शर्मा के नेतृत्व में चले अभियान में निगम की टीम ने एनएच-58 के किनारे किए गए कब्जे को हटाया।
इस मार्ग पर सीमेंट मिक्सचर मशीनें बनाने की कई वर्कशॉप और मार्बल की दुकानें हैं। इन दुकानदारों ने काफी आगे तक अतिक्रमण किया हुआ था। निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाकर सामान जब्त कर लिया।
उप नगर आयुक्त ने बताया कि एक दुकानदार से 30 हजार और दूसरे से 20 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला गया। जोनल प्रभारी एसके गौतम ने बताया कि मंगलवार को भी अभियान चलाया जाएगा।
मेरठ रोड पर डिवाइडर के ऊपर भी होगी बैरिकेडिंग
मेरठ रोड पर कट बंद कराने के साथ-साथ इस बार डिवाइडर के ऊपर बल्लियों की बैरिकेडिंग कराई जाएगी। कांवड़ यात्रा के दौरान हादसे की आशंका को देखते हुए डीएम ने निगम को डिवाइडरों पर बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम मंगलवार को बैरिकेडिंग का काम कराएगा। यूपी गेट से दुहाई तक के कट भी निगम ने बंद करा दिए हैं। दरअसल, सड़कों की ऊंचाई बार-बार बढ़ने से एनएच-58 पर अधिकांश स्थानों पर डिवाइडरों की ऊंचाई बेहद कम रह गई है। ऐसे में कट बंद होने पर वाहन चालक डिवाइडरों के ऊपर से वाहन पार करा सकते हैं।
इससे बड़ा हादसा हो सकता है। डीएम ने कांवड़ मार्ग के निरीक्षण के बाद निगम अधिकारियों को डिवाइडर पर बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए हैं ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा और पुख्ता की जा सके। चीफ इंजीनियर आरके मित्तल का कहना है कि बैरिकेडिंग कराने के निर्देश स्टाफ को दे दिए गए हैं।
गोशाला अंडरपास बंद होने से कई जगह लगा जाम
सावन का पहला सोमवार होने के कारण दूधेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के चलते सुबह से दोपहर 12 बजे तक गोशाला अंडरपास से वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। इससे करीब नौ घंटे तक शहर दो हिस्सों में बंटा रहा। इस वजह से कई जगह जाम लगा रहा।
जलाभिषेक होेने के कारण गोशाला अंडरपास और घंटाघर से जस्सीपुरा मोड़ तक तड़के तीन बजे से दोपहर 12 बजे तक डायवर्जन रहा। ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन कर वाहनों को एनएच-24, सादिक की पुलिया और चिपियाना फाटक के रास्ते निकाला।
इससे गोशाला अंडरपास से दिल्ली-नोएडा आने-जाने वालों को दिक्कत हुई। घंटाघर पर भी वाहन जाम में फंसे रहे। दोपहर 12 बजे के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ कम हो गई, जिसके बाद वाहनों को गोशाला अंडरपास से निकाला गया, तब जाकर यातायात सामान्य हुआ।
बता दें कि सावन के हर सोमवार को गोशाला अंडरपास नौ घंटे के लिए बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में गोशाला अंडरपास होकर जाने वालों को या तो 10 किमी लंबे फेर से एनएच-24 से जाना पड़ेगा या फिर सादिक की पुलिया से।
डीएम के आदेश के बावजूद खुले शिक्षण संस्थान
कांवड़ मार्ग एनएच-58 के सभी स्कूल कॉलेजों को बंद करने के डीएम के आदेश सोमवार को हवा हवाई नजर आए। आदेश के बाद सरकारी स्कूल जहां सोमवार को बंद हो गए, वहीं पब्लिक स्कूल और कॉलेज खुले रहे।
आदेश की अवहेलना करते हुए एनएच-58 स्थित सभी सीबीएसई और आईसीएसई के स्कूल और इंजीनियरिंग कॉलेज खुले रहे। इस बाबत स्कूल व कॉलेज प्रशासन ने डीएम के किसी भी आदेश की सूचना होने की मनाही की।
आरकेजीआईटी के डीन वाईके गुप्ता ने बताया कि उन लोगों के पास डीएम के आदेश की कोई कॉपी नहीं पहुंची है। कॉलेज में दाखिले चल रहे हैं। ऐेसे में जो भी छात्र अपनी सुविधा से कॉलेज पहुंच रहे हैं उन्हें दाखिला दिया जा रहा है।
जो नहीं आ रहे उन पर कॉलेज आने का कोई दबाव भी नहीं बनाया जा रहा। बता दें कि कांवड़ यात्रा के चलते डीएम ने एनएच-58 के सभी शिक्षण संस्थान 25 जुलाई से एक अगस्त तक बंद किए जाने के आदेश जारी किए थे।
कांवड़ियों की सुरक्षा में लगे 20 ‘कमांडो’
सकुशल कांवड़ यात्रा संपन्न कराने के लिए सोमवार को चार क्विक रिएक्शन (क्यूआरटी) टीमों पुलिस लाइंस से रवाना की गईं। इन टीमों में 20 पुलिसकर्मी शामिल हैं, जो कमांडो के वेष में रहेंगे।
क्विक रिएक्शन टीमों (क्यूआरटी) में शामिल यह पुलिसकर्मी एसओजी में तैनात हैं। इन्हें कमांडो की बेसिक ट्रेनिंग भी दी गई है। एक क्यूआरटी में एक सब इंस्पेक्टर, तीन कांस्टेबल और एक चालक हैं। पुलिस अफसरों का मानना है कि कमांडो टीम का असामाजिक तत्वों पर मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ता है।
एसपी सिटी ने सुबह करीब 10 बजे हरी झंडी दिखाकर इन्हें रवाना किया। इस टीम के साथ डॉग स्क्वायड भी रहेगा। एसपी सिटी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
इतने ही वॉच टावर बनाए गए हैं। वॉच टावर में पुलिसकर्मी दूरबीन, टॉर्च और लाउड हेलर से लैस रहेंगे। उन्होंने बताया कि दूधेश्वरनाथ मंदिर में दो मैटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान हज हाउस की सुरक्षा भी पुख्ता की जाएगी। तड़के तीन बजे से सुबह 8 बजे तक अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत है, जिसके लिए पुलिस तैयार है।
एडीजी ने किया कांवड़ मार्ग का निरीक्षण
सोमवार शाम यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर दलजीत सिंह चौधरी ने कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। वह सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट नजर आए। एडीजी ने शाम करीब चार बजे से यूपी गेट से निरीक्षण शुरू किया और कादराबाद तक सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और पुलिस व्यवस्था के बारे में एसएसपी से जानकारी की। एडीजी मुरादनगर गंगनहर और मोदीनगर में राज चौपला पर कुछ देर रुके। उनके साथ एसएसपी, एसपी सिटी और एसपी रूरल आदि अफसर थे।