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साठा चौरासी में योगी ने बहन-बेटियों की सुरक्षा से लेकर राममंदिर तक विपक्ष को घेरा
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साठा चौरासी में योगी ने बहन-बेटियों की सुरक्षा से लेकर राममंदिर तक विपक्ष को घेरा
हापुड़। साठा चौरासी के केंद्र धौलाना से सीएम योगी आदित्यनाथ चुनावी बिगुल फूूंक गए। बहन-बेटियों की सुरक्षा,दंगा और कांवड़ यात्रा से राममंदिर और तालिबान तक पश्चिमी यूपी की फिजा में तैर रहे हर राजनीतिक मुद्दे पर वह अपने बेबाक अंदाज में बोले। उन्होंने साफ-साफ कह भी दिया कि अगर धौलाना से भी 2017 में बीजेपी विधायक को जिताते तो विकास और तेज होता।
हापुड़ जिले में धौलाना क्षेत्र के खेड़ा गांव को सीएम योगी की जनसभा के लिए चुनने में भी राजनीतिक संदेश निहित था। वर्ष 2017 में यहां भाजपा का वोटर लामबंद नहीं हो पाया और सीट बसपा के खाते में चली गई। इस बार पार्टी यहां कोई चूक नहीं करना चाहती। इसलिए यहां सीएम योगी ने हर उस मुद्दे पर बात की जो मतदाताओं के दिल को छू सकता है। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे के बाद से ही पश्चिमी यूपी में बहन-बेटियों की सुरक्षा को बीजेपी ने 2014 और 2017 के चुनावों में भी मुद्दा बनाया। सीएम ने जनसभा में पूर्व की सरकारों को इस मुद्दे पर घेरा। यह मिश्रित आबादी वाला इलाका है और हाल ही में डासना मंदिर विवाद भी सुर्खियों में रहा है। इसलिए सीएम ने दंगाइयों को कड़ा संदेश भी दिया।
जय श्रीराम का उद्घोष, हिंदुत्व के कार्ड पर भरोसा
सीएम ने दंगाइयों पर सख्त कार्रवाई संदेश दिया तो हिंदुत्व कार्ड खोलते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण को पूर्व की सरकारों ने केवल लटकाने का कार्य किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने निर्णय को लेकर डर का माहौल पैदा करने का प्रयास किया। लेकिन न सिर्फ निर्णय आया, बल्कि अब अयोध्या में भगवान श्रीराम के ऐसे भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक आयोजनों पर अब किसी प्रकार की पाबंदी नहीं है। प्रदेश में पिछले साढ़े चार सालों में कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा और दूसरे धार्मिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन हो रहा है। बिना किसी भय के माहौल के अपनी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन कर रहे हैं। सीएम ने भाषण समापन भी दो बार भगवान श्रीराम के नारे लगाकर समाप्त किया। पंडाल में मौजूद लोगों ने भी जय श्रीराम के नारे के साथ मुख्यमंत्री के सुर मे सुर मिलाया।
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युवाओं को दिखाया बेहतरी का सपना
सुशासन का दावा करते हुए सीएम योगी ने यूपी सरकार के साढ़े चार साल में तीन लाख करोड़ के निवेश से युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य का सपना भी दिखाया। सीएम ने पुरानी सरकारों में नौकरी के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब पारदर्शी तरीके से भर्तियां हो रही हैं।
विधायकों-सांसदों की तारीफ के मायने
सीएम योगी ने गढ़ के दोनों विधायकों, सांसद जनरल वीके सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा और सांसद राजेन्द्र अग्रवाल के कामों की तारीफ की। बताया कि यह जनप्रतिनिधि क्षेत्र के विकास के लिए उनसे मिलते रहते हैं। यानी सीएम साफ संदेश देना चाहते थे कि धौलाना से विपक्ष के जनप्रतिनिधि ने विकास के लिए काम नहीं किया।
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हापुड़। साठा चौरासी के केंद्र धौलाना से सीएम योगी आदित्यनाथ चुनावी बिगुल फूूंक गए। बहन-बेटियों की सुरक्षा,दंगा और कांवड़ यात्रा से राममंदिर और तालिबान तक पश्चिमी यूपी की फिजा में तैर रहे हर राजनीतिक मुद्दे पर वह अपने बेबाक अंदाज में बोले। उन्होंने साफ-साफ कह भी दिया कि अगर धौलाना से भी 2017 में बीजेपी विधायक को जिताते तो विकास और तेज होता।
हापुड़ जिले में धौलाना क्षेत्र के खेड़ा गांव को सीएम योगी की जनसभा के लिए चुनने में भी राजनीतिक संदेश निहित था। वर्ष 2017 में यहां भाजपा का वोटर लामबंद नहीं हो पाया और सीट बसपा के खाते में चली गई। इस बार पार्टी यहां कोई चूक नहीं करना चाहती। इसलिए यहां सीएम योगी ने हर उस मुद्दे पर बात की जो मतदाताओं के दिल को छू सकता है। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे के बाद से ही पश्चिमी यूपी में बहन-बेटियों की सुरक्षा को बीजेपी ने 2014 और 2017 के चुनावों में भी मुद्दा बनाया। सीएम ने जनसभा में पूर्व की सरकारों को इस मुद्दे पर घेरा। यह मिश्रित आबादी वाला इलाका है और हाल ही में डासना मंदिर विवाद भी सुर्खियों में रहा है। इसलिए सीएम ने दंगाइयों को कड़ा संदेश भी दिया।
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जय श्रीराम का उद्घोष, हिंदुत्व के कार्ड पर भरोसा
सीएम ने दंगाइयों पर सख्त कार्रवाई संदेश दिया तो हिंदुत्व कार्ड खोलते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण को पूर्व की सरकारों ने केवल लटकाने का कार्य किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने निर्णय को लेकर डर का माहौल पैदा करने का प्रयास किया। लेकिन न सिर्फ निर्णय आया, बल्कि अब अयोध्या में भगवान श्रीराम के ऐसे भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक आयोजनों पर अब किसी प्रकार की पाबंदी नहीं है। प्रदेश में पिछले साढ़े चार सालों में कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा और दूसरे धार्मिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन हो रहा है। बिना किसी भय के माहौल के अपनी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन कर रहे हैं। सीएम ने भाषण समापन भी दो बार भगवान श्रीराम के नारे लगाकर समाप्त किया। पंडाल में मौजूद लोगों ने भी जय श्रीराम के नारे के साथ मुख्यमंत्री के सुर मे सुर मिलाया।
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युवाओं को दिखाया बेहतरी का सपना
सुशासन का दावा करते हुए सीएम योगी ने यूपी सरकार के साढ़े चार साल में तीन लाख करोड़ के निवेश से युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य का सपना भी दिखाया। सीएम ने पुरानी सरकारों में नौकरी के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब पारदर्शी तरीके से भर्तियां हो रही हैं।
विधायकों-सांसदों की तारीफ के मायने
सीएम योगी ने गढ़ के दोनों विधायकों, सांसद जनरल वीके सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा और सांसद राजेन्द्र अग्रवाल के कामों की तारीफ की। बताया कि यह जनप्रतिनिधि क्षेत्र के विकास के लिए उनसे मिलते रहते हैं। यानी सीएम साफ संदेश देना चाहते थे कि धौलाना से विपक्ष के जनप्रतिनिधि ने विकास के लिए काम नहीं किया।