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मरम्मत पर 20 करोड़ लगाए पर गंगा पुल को चालू न कर पाए
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ब्रजघाट गंगा पुल पर चल रहा मरम्मत कार्य।
- फोटो : GARH
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मरम्मत पर 20 करोड़ लगाए पर गंगा पुल को चालू न कर पाए
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा नदी के जिस पुल पर 20 करोड़ रुपये खर्च हो गए वह नौ साल में भी वाहनों के लिए नहीं खुल सका है। वर्ष 2019 में मरम्मत के बाद पुल सिर्फ दो दिन के लिए खुला। बाद में इस पुल पर जैसे ही वाहन चढ़े तो पिलर पर लगा बेयरिंग धंस गया। पिछले नौ साल से प्रतिदिन दोनों तरफ के करीब 20 हजार वाहन जाम से जूझते हुए एक ही पुल से गुजरते हैं। घटिया काम करने वाली कंपनी को काली सूची में डाल दिया गया है, लेकिन उसने एनएचएआई को पैसे नहीं लौटाए हैं।
नेशनल हाईवे-9 दिल्ली एवं मेरठ को मुरादाबाद-बरेली से जोड़ता है। हाईवे पर बने पुराने पुल को जर्जर होने की वजह से एनएचएआई ने वर्ष 2012 में बंद कर पूरा ट्रैफिक एक नए पुल पर ही डायवर्ट कर दिया था। वर्ष 2017 में एनएचएआई ने पुल की मरम्मत का काम शुरू कराया। करीब 20 करोड़ रुपये खर्च कर इस पुल को मार्च 2019 में चालू कराया गया, लेकिन दो दिन बाद ही बंद करना पड़ा। बीच में इसे कई बार खोला गया, लेकिन फिर बंद करना पड़ा। करीब 750 मीटर लंबे गंगा पुल में घटिया काम के चलते एनएचएआई ने संबंधित कंपनी को काली सूची में डालकर भुगतान वापस मांगा। एनएचएआई ने हापुड़ से मुरादाबाद तक छह लेन का कार्य कर रही कंपनी आरआइबी को गंगा पुल के मरम्मत का जिम्मा सौंप दिया है।
हर पल हादसे का खतरा
एक ही पुल पर दोनों तरफ के वाहनों के आवागमन से यहां हर वक्त हादसे का खतरा है। वर्ष 2020 में 21 जुलाई को रोडवेज और प्राइवेट बस की टक्कर में 12 लोग घायल हो गए थे। यहा हुए एक हादसे में यूपी पुलिस के दारोगा की भी मौत हो गई थी। नेशनल हाईवे 9 पर अल्लाबख्शपुर के निकट स्थित टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली और देखरेख का जिम्मा संभाल रही कंपनी के अधिकारी प्रमोद शुक्ला ने बताया कि ब्रजघाट पर गंगा के एक ही पुल से प्रतिदिन 18 से 20 हजार वाहनों का आवागमन होता है।
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साल बदले, हाल नहीं
2012 में एनएचएआई ने गंगा पुल बंद कराया।
1 अप्रैल 2017 को मरम्मत के लिए 20 करोड़ का टेंडर।
11 मार्च 2019 में पुल को खोल दिया गया।
13 मार्च 2019 को उखड़ी सड़क,पुल बंद करना पड़ा।
3 जुलाई 2019 को गंगा पुल को फिर खोला गया।
16 अगस्त 2019 को फिर पुल बंद करना पड़ा।
18 दिसंबर 2019 को पुल फिर खोल दिया गया।
7 जनवरी 2020 के बाद से पुल पूरी तरह बंद है।
हापुड़ से मुरादाबाद तक नेशनल हाईवे-9 पर छह लेन का कार्य आइआरबी इन्फ्रा डेवलपर्स द्वारा किया जा रहा है। गंगा पुल की मरम्मत का जिम्मा भी आइआरबी इन्फ्रा को 1 करोड़ 20 लाख रुपये में सौंपा गया है। अक्तूबर तक मरम्मत कार्य पूरा कर पुल को एनएचएआई के सुपुर्द हो जाएगा। राकेश सूद, एनएचएआई पीडी मुरादाबाद
(संवाद)
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगा नदी के जिस पुल पर 20 करोड़ रुपये खर्च हो गए वह नौ साल में भी वाहनों के लिए नहीं खुल सका है। वर्ष 2019 में मरम्मत के बाद पुल सिर्फ दो दिन के लिए खुला। बाद में इस पुल पर जैसे ही वाहन चढ़े तो पिलर पर लगा बेयरिंग धंस गया। पिछले नौ साल से प्रतिदिन दोनों तरफ के करीब 20 हजार वाहन जाम से जूझते हुए एक ही पुल से गुजरते हैं। घटिया काम करने वाली कंपनी को काली सूची में डाल दिया गया है, लेकिन उसने एनएचएआई को पैसे नहीं लौटाए हैं।
नेशनल हाईवे-9 दिल्ली एवं मेरठ को मुरादाबाद-बरेली से जोड़ता है। हाईवे पर बने पुराने पुल को जर्जर होने की वजह से एनएचएआई ने वर्ष 2012 में बंद कर पूरा ट्रैफिक एक नए पुल पर ही डायवर्ट कर दिया था। वर्ष 2017 में एनएचएआई ने पुल की मरम्मत का काम शुरू कराया। करीब 20 करोड़ रुपये खर्च कर इस पुल को मार्च 2019 में चालू कराया गया, लेकिन दो दिन बाद ही बंद करना पड़ा। बीच में इसे कई बार खोला गया, लेकिन फिर बंद करना पड़ा। करीब 750 मीटर लंबे गंगा पुल में घटिया काम के चलते एनएचएआई ने संबंधित कंपनी को काली सूची में डालकर भुगतान वापस मांगा। एनएचएआई ने हापुड़ से मुरादाबाद तक छह लेन का कार्य कर रही कंपनी आरआइबी को गंगा पुल के मरम्मत का जिम्मा सौंप दिया है।
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हर पल हादसे का खतरा
एक ही पुल पर दोनों तरफ के वाहनों के आवागमन से यहां हर वक्त हादसे का खतरा है। वर्ष 2020 में 21 जुलाई को रोडवेज और प्राइवेट बस की टक्कर में 12 लोग घायल हो गए थे। यहा हुए एक हादसे में यूपी पुलिस के दारोगा की भी मौत हो गई थी। नेशनल हाईवे 9 पर अल्लाबख्शपुर के निकट स्थित टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली और देखरेख का जिम्मा संभाल रही कंपनी के अधिकारी प्रमोद शुक्ला ने बताया कि ब्रजघाट पर गंगा के एक ही पुल से प्रतिदिन 18 से 20 हजार वाहनों का आवागमन होता है।
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साल बदले, हाल नहीं
2012 में एनएचएआई ने गंगा पुल बंद कराया।
1 अप्रैल 2017 को मरम्मत के लिए 20 करोड़ का टेंडर।
11 मार्च 2019 में पुल को खोल दिया गया।
13 मार्च 2019 को उखड़ी सड़क,पुल बंद करना पड़ा।
3 जुलाई 2019 को गंगा पुल को फिर खोला गया।
16 अगस्त 2019 को फिर पुल बंद करना पड़ा।
18 दिसंबर 2019 को पुल फिर खोल दिया गया।
7 जनवरी 2020 के बाद से पुल पूरी तरह बंद है।
हापुड़ से मुरादाबाद तक नेशनल हाईवे-9 पर छह लेन का कार्य आइआरबी इन्फ्रा डेवलपर्स द्वारा किया जा रहा है। गंगा पुल की मरम्मत का जिम्मा भी आइआरबी इन्फ्रा को 1 करोड़ 20 लाख रुपये में सौंपा गया है। अक्तूबर तक मरम्मत कार्य पूरा कर पुल को एनएचएआई के सुपुर्द हो जाएगा। राकेश सूद, एनएचएआई पीडी मुरादाबाद
(संवाद)