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खड़खड़ी गांव के बच्चे की अस्पताल में बुखार से मौत
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खड़खड़ी गांव के बच्चे की अस्पताल में बुखार से मौत
हापुड़। खड़खड़ी गांव के रहने वाले 12 वर्षीय बच्चे की तेज बुखार की वजह से मेरठ के अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों डेंगू होने की बात कही थी, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इस बच्चे के छोटे भाई को भी बुखार है और उसमें भी डेंगू के लक्षण बताए गए हैं। उधर स्वास्थ्य विभाग ने बच्चे की बुखार से मौत की जानकारी न होने की बात कही है।
गांव खडख़ड़ी निवासी आदेश कुमार का 12 वर्षीय बेटा निकुंज छठी क्लास का छात्र था। 24 अगस्त को उसे बुखार आया तो परिजनों ने हापुड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अचानक उसके शरीर का तापमान 104 डिग्री पहुंच गया तो मेरठ रेफर कर दिया गया। मेरठ के निजी अस्पताल में डॉक्टरोें ने बताया कि निकुंज को डेंगू है और उसे पीलिया भी हो गया है। परिजनों का कहना है कि उन्हें निकुंज की कोई जांच रिपोर्ट नहीं मिली। निकुंज के शरीर का तापमान लगातार 104 के आसपास ही बना रहा। प्लेटलेट्स भी तेजी से कम हो गईं। निकुंज की मौत से परिजनों का बुरा हाल है। गांव में भी शोक है। स्कूल में निकुंज के सहपाठी और शिक्षक भी निकुंज की मौत से दुखी हैं।
कहीं दिमागी बुखार तो नहीं कर रहा परेशान
निकुंज की सेहत अच्छी थी। 12 वर्ष की आयु में उसका वजन करीब 60 किलो था। पढ़ाई के साथ ही वह खेलकूद, दौड़ आदि भी करता था। हाल ही में धौलाना के गांव में भी दिमागी बुखार के केस मिले हैं, ऐसे में अंदेशा यह भी लगाया जा रहा है कि कहीं बच्चे को यही बुखार तो नहीं हुआ। परिजनों के पास निकुंज की कोई जांच रिपोर्ट नहीं है और स्वास्थ्य विभाग अनभिज्ञता जता रहा है।
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गांव में जाएगी टीम
बुखार से बच्चे की मौत का मामला संज्ञान में नहीं है। टीम को गांव भेजकर परिजनों और अन्य ग्रामीणों की जांच कराई जाएगी।बच्चे की मौत की क्या वजह है, यह पता किया जाएगा। इस संबंध में टीम को निर्देशित कर दिया गया है।--डॉ. रेखा शर्मा, सीएमओ।
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हापुड़। खड़खड़ी गांव के रहने वाले 12 वर्षीय बच्चे की तेज बुखार की वजह से मेरठ के अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों डेंगू होने की बात कही थी, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इस बच्चे के छोटे भाई को भी बुखार है और उसमें भी डेंगू के लक्षण बताए गए हैं। उधर स्वास्थ्य विभाग ने बच्चे की बुखार से मौत की जानकारी न होने की बात कही है।
गांव खडख़ड़ी निवासी आदेश कुमार का 12 वर्षीय बेटा निकुंज छठी क्लास का छात्र था। 24 अगस्त को उसे बुखार आया तो परिजनों ने हापुड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अचानक उसके शरीर का तापमान 104 डिग्री पहुंच गया तो मेरठ रेफर कर दिया गया। मेरठ के निजी अस्पताल में डॉक्टरोें ने बताया कि निकुंज को डेंगू है और उसे पीलिया भी हो गया है। परिजनों का कहना है कि उन्हें निकुंज की कोई जांच रिपोर्ट नहीं मिली। निकुंज के शरीर का तापमान लगातार 104 के आसपास ही बना रहा। प्लेटलेट्स भी तेजी से कम हो गईं। निकुंज की मौत से परिजनों का बुरा हाल है। गांव में भी शोक है। स्कूल में निकुंज के सहपाठी और शिक्षक भी निकुंज की मौत से दुखी हैं।
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कहीं दिमागी बुखार तो नहीं कर रहा परेशान
निकुंज की सेहत अच्छी थी। 12 वर्ष की आयु में उसका वजन करीब 60 किलो था। पढ़ाई के साथ ही वह खेलकूद, दौड़ आदि भी करता था। हाल ही में धौलाना के गांव में भी दिमागी बुखार के केस मिले हैं, ऐसे में अंदेशा यह भी लगाया जा रहा है कि कहीं बच्चे को यही बुखार तो नहीं हुआ। परिजनों के पास निकुंज की कोई जांच रिपोर्ट नहीं है और स्वास्थ्य विभाग अनभिज्ञता जता रहा है।
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गांव में जाएगी टीम
बुखार से बच्चे की मौत का मामला संज्ञान में नहीं है। टीम को गांव भेजकर परिजनों और अन्य ग्रामीणों की जांच कराई जाएगी।बच्चे की मौत की क्या वजह है, यह पता किया जाएगा। इस संबंध में टीम को निर्देशित कर दिया गया है।--डॉ. रेखा शर्मा, सीएमओ।