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दिल्ली पुलिस की बैरियर हटते ही चालू हो जाएगा एक्सप्रेसवे
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दिल्ली पुलिस की बैरियर हटते ही चालू हो जाएगा एक्सप्रेसवे
साहिबाबाद। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का एक्सप्रेसवे पर लगा आंदोलन मंच और तमाम तंबू व टेंट पूरी तरह से हट चुके हैं। दिल्ली पुलिस की बैरियर की वजह से यातायात चालू नहीं हो सका है। इसके हटते ही एक्सप्रेस वे ट्रैफिक दौड़ने लगेगा। वहीं एनएच-9 की सड़कों (अप और डाउन) पर अभी टेंट व लंगर लगे हैं। इससे एनएचएआई की निर्माण एजेंसी को सड़क, डिवाइडर, इलेक्ट्रिक उपकरण और सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य बिगड़ी व्यवस्थाओं पर रिपोर्ट तैयार करने में दिक्कत हो रही है।
निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट हेड एसजेड हैदर ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर टेंटों की वजह से जगह-जगह कील लगी हुई थी, जिसे हटा दिया गया है। सोमवार रात एनएचएआई के अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। इसमें सड़क की रिपेयरिंग के अलावा अन्य बारीकियों को देखा। प्रोजेक्ट हेड का कहना है कि रात में ही निर्माण एजेंसी ने एक्सप्रेसवे को एनएचएआई को हैंडओवर कर दिया। उनकी तरफ से वाहन संचालन को हरी झंडी दे दी गई है। इतना ही नहीं, वाहन चालकों को मिट्टी धूल उड़ने से कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सेंट्रल वर्ज में ग्रीनरी को विकसित कराया जा रहा है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों को ठीक किया गया है। डिवाइडर में जहां कहीं भी दिक्कत या टूट-फूट है उसे अगले कुछ दिनों में ठीक करने का काम किया जाएगा। निर्माण एजेंसी ने एक्सप्रेसवे को तैयार करने के लिए कर्मचारियों की संख्या 60 से बढ़ाकर 80 कर दी।
यूपी गेट फ्लाईओवर के नीचे सड़क में जगह-जगह गड्ढे :
यूपी गेट फ्लाईओवर के नीचे जहां किसानों के टेंट और लंगर लगे थे, वहां सड़क में गड्ढे हो गए हैं। जबकि एनएच-9 के रास्ते से यूपी गेट आने वाले रास्ते पर किसानों ने झोपड़ियों को बारिश के पानी से बचाने के लिए दो-दो ईंट का पक्का निर्माण भी किया हुआ है। इसके अलावा एनएच-9 डाउन के रास्ते पर फुटपाथ को भी काफी नुकसान हुआ है, वहां लोहे की रेलिंग भी टूटी पड़ी हैं, जबकि एलिवेटेड से गाजीपुर सर्विस लेन की तरफ सड़क को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि अभी अधिकारी टेंट व लंगर लगे होने की वजह से नुकसान का आकलन नहीं कर पा रहे हैं।
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साहिबाबाद। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का एक्सप्रेसवे पर लगा आंदोलन मंच और तमाम तंबू व टेंट पूरी तरह से हट चुके हैं। दिल्ली पुलिस की बैरियर की वजह से यातायात चालू नहीं हो सका है। इसके हटते ही एक्सप्रेस वे ट्रैफिक दौड़ने लगेगा। वहीं एनएच-9 की सड़कों (अप और डाउन) पर अभी टेंट व लंगर लगे हैं। इससे एनएचएआई की निर्माण एजेंसी को सड़क, डिवाइडर, इलेक्ट्रिक उपकरण और सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य बिगड़ी व्यवस्थाओं पर रिपोर्ट तैयार करने में दिक्कत हो रही है।
निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट हेड एसजेड हैदर ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर टेंटों की वजह से जगह-जगह कील लगी हुई थी, जिसे हटा दिया गया है। सोमवार रात एनएचएआई के अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। इसमें सड़क की रिपेयरिंग के अलावा अन्य बारीकियों को देखा। प्रोजेक्ट हेड का कहना है कि रात में ही निर्माण एजेंसी ने एक्सप्रेसवे को एनएचएआई को हैंडओवर कर दिया। उनकी तरफ से वाहन संचालन को हरी झंडी दे दी गई है। इतना ही नहीं, वाहन चालकों को मिट्टी धूल उड़ने से कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सेंट्रल वर्ज में ग्रीनरी को विकसित कराया जा रहा है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों को ठीक किया गया है। डिवाइडर में जहां कहीं भी दिक्कत या टूट-फूट है उसे अगले कुछ दिनों में ठीक करने का काम किया जाएगा। निर्माण एजेंसी ने एक्सप्रेसवे को तैयार करने के लिए कर्मचारियों की संख्या 60 से बढ़ाकर 80 कर दी।
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यूपी गेट फ्लाईओवर के नीचे सड़क में जगह-जगह गड्ढे :
यूपी गेट फ्लाईओवर के नीचे जहां किसानों के टेंट और लंगर लगे थे, वहां सड़क में गड्ढे हो गए हैं। जबकि एनएच-9 के रास्ते से यूपी गेट आने वाले रास्ते पर किसानों ने झोपड़ियों को बारिश के पानी से बचाने के लिए दो-दो ईंट का पक्का निर्माण भी किया हुआ है। इसके अलावा एनएच-9 डाउन के रास्ते पर फुटपाथ को भी काफी नुकसान हुआ है, वहां लोहे की रेलिंग भी टूटी पड़ी हैं, जबकि एलिवेटेड से गाजीपुर सर्विस लेन की तरफ सड़क को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि अभी अधिकारी टेंट व लंगर लगे होने की वजह से नुकसान का आकलन नहीं कर पा रहे हैं।
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