{"_id":"6135193d8ebc3ebde1368d78","slug":"ghaziyabad-shahibabad-news-gbd2253830124","type":"story","status":"publish","title_hn":"एटीएम कार्ड की क्लोनिंग से की 10 करोड़ की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटीएम कार्ड की क्लोनिंग से की 10 करोड़ की ठगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटीएम कार्ड की क्लोनिंग से की 10 करोड़ की ठगी
साहिबाबाद। एनसीआर में एटीएम बूथ में मदद के बहाने कार्ड बदलकर और स्किमर से स्वाइप कर कार्ड क्लोनिंग कर दो हजार से अधिक लोगों से करीब दस करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का मामला सामने आया है। इंदिरापुरम पुलिस ने गिरोह के तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बिना एटीएम गार्ड वाले एटीएम बूथ में लोगों को मदद के बहाने झांसे में लेकर ठगी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 65 प्लेन एटीएम कार्ड, 30 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, एक स्किमर मशीन, एक लैपटॉप, 65 सौ रुपये और ठगी के रुपये से खरीदी गई वरना कार बरामद की है।
सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि पकड़े गए आरोपी कृष्णा मंडल निवासी विधायक कॉलोनी नीतिखंड एक इंदिरापुरम, संदीप और नाजिम सैफी निवासी चोटपुर सेक्टर 63 नोएडा हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह बिना गार्ड वाले एटीएम बूथ में हाथ में स्किमर लेकर खड़े रहते थे। इस दौरान रुपये निकालने आने वाले लोगों से मदद के बहाने लोगों का कार्ड लेकर स्किमर में स्वाइप कर लेते थे। इससे कार्ड की पूरी डिटेल स्किमर में आ जाती थी। इसके बाद रात में स्किमर मशीन का डाटा लैपटॉप में ले लेते थे। फिर कार्ड रीडर के माध्यम से प्लेन एटीएम कार्ड में क्लोनिंग कर लेते थे। फिर उन कार्ड से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, एटीएम बूथ से जाकर रुपये निकाल लेते थे। शातिर कार्ड बदलकर भी ठगी को अंजाम देते थे। आरोपी एक वर्ष से ठगी कर रहे हैं। अभी तक दो हजार से अधिक लोगों से दस करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुके हैं। सीओ ने बताया कि आरोपियों के पास से कार्ड क्लोनिंग करने वाला कार्ड रीडर बरामद नहीं हो सका है।
ऑनलाइन मंगाते थे प्लेन एटीएम कार्ड
सीओ इंदिरापुरम अभय मिश्र ने बताया कि आरोपियों का एक साथी फरार है। वह ऑनलाइन वेबसाइट से विदेश से प्लेन एटीएम कार्ड खरीदता था। जिस पर शातिर कार्ड क्लोनिंग कर ठगी को अंजाम देते थे। आरोपी ऑनलाइन पेमेंट करके महंगे शौक पूरे करते थे। आरोपियों के पास से लग्जरी गाड़ी बरामद की है। महंगे जिम में भी तीनों शातिर जाते थे। पुलिस आरोपियों की संपत्ति खंगाल रही है। साथ ही कहां पर कितने रुपये का लेनदेन अब तक हुआ है। इसकी भी जानकारी जुटी रही है। कृष्णा मडंल एमबीए, संदीप ग्रेजुएट और नाजिम 12वीं पास है। जबकि फरार आरोपी की तलाश पुलिस की टीम कर रही है।
विज्ञापन
बार और रेस्टोरेंट में भी देते थे स्किमर
एसएचओ इंदिरापुरम संजय पांडेय ने बताया कि एक स्किमर में तीस से 40 कार्ड का डाटा सेव हो जाता है। आरोपी बहुत ही शातिर हैं। आरोपी एनसीआर में कुछ रेस्टोरेंट और बार में वेटरों से संपर्क किए हुए थे। सुबह बाइक से निकलकर शातिर वेटरों को स्किमर दे देते थ। वेटर कार्ड से पेमेंट करने के लिए देने वाले लोगों का कार्ड स्किमर में स्वाइप कर देता था। शाम को शातिर जाते थे और वेटरों को दो हजार रुपये देकर स्किमर ले आते थे। इसके बाद क्लोनिंग करके ठगी करते थे।
ठगी के मामले सामने आने पर पुलिस की पकड़ में आए
एसएचओ इंदिरापुरम ने बताया कि इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में करीब चार मामले हाल में एटीएम से रुपये निकलने के सामने आए थे। जबकि उनका कार्ड उन्हीं के पास में था। पुलिस ले मामले की जांच शुरू की। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने शनिवार को वरना कार समेत गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में विभिन्न एटीएम कार्ड और स्किमर मशीन मिलने पर पूछताछ की तो पूरा मामला खुलकर सामने आया।
विज्ञापन
साहिबाबाद। एनसीआर में एटीएम बूथ में मदद के बहाने कार्ड बदलकर और स्किमर से स्वाइप कर कार्ड क्लोनिंग कर दो हजार से अधिक लोगों से करीब दस करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का मामला सामने आया है। इंदिरापुरम पुलिस ने गिरोह के तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बिना एटीएम गार्ड वाले एटीएम बूथ में लोगों को मदद के बहाने झांसे में लेकर ठगी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 65 प्लेन एटीएम कार्ड, 30 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, एक स्किमर मशीन, एक लैपटॉप, 65 सौ रुपये और ठगी के रुपये से खरीदी गई वरना कार बरामद की है।
सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि पकड़े गए आरोपी कृष्णा मंडल निवासी विधायक कॉलोनी नीतिखंड एक इंदिरापुरम, संदीप और नाजिम सैफी निवासी चोटपुर सेक्टर 63 नोएडा हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह बिना गार्ड वाले एटीएम बूथ में हाथ में स्किमर लेकर खड़े रहते थे। इस दौरान रुपये निकालने आने वाले लोगों से मदद के बहाने लोगों का कार्ड लेकर स्किमर में स्वाइप कर लेते थे। इससे कार्ड की पूरी डिटेल स्किमर में आ जाती थी। इसके बाद रात में स्किमर मशीन का डाटा लैपटॉप में ले लेते थे। फिर कार्ड रीडर के माध्यम से प्लेन एटीएम कार्ड में क्लोनिंग कर लेते थे। फिर उन कार्ड से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, एटीएम बूथ से जाकर रुपये निकाल लेते थे। शातिर कार्ड बदलकर भी ठगी को अंजाम देते थे। आरोपी एक वर्ष से ठगी कर रहे हैं। अभी तक दो हजार से अधिक लोगों से दस करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुके हैं। सीओ ने बताया कि आरोपियों के पास से कार्ड क्लोनिंग करने वाला कार्ड रीडर बरामद नहीं हो सका है।
विज्ञापन
ऑनलाइन मंगाते थे प्लेन एटीएम कार्ड
सीओ इंदिरापुरम अभय मिश्र ने बताया कि आरोपियों का एक साथी फरार है। वह ऑनलाइन वेबसाइट से विदेश से प्लेन एटीएम कार्ड खरीदता था। जिस पर शातिर कार्ड क्लोनिंग कर ठगी को अंजाम देते थे। आरोपी ऑनलाइन पेमेंट करके महंगे शौक पूरे करते थे। आरोपियों के पास से लग्जरी गाड़ी बरामद की है। महंगे जिम में भी तीनों शातिर जाते थे। पुलिस आरोपियों की संपत्ति खंगाल रही है। साथ ही कहां पर कितने रुपये का लेनदेन अब तक हुआ है। इसकी भी जानकारी जुटी रही है। कृष्णा मडंल एमबीए, संदीप ग्रेजुएट और नाजिम 12वीं पास है। जबकि फरार आरोपी की तलाश पुलिस की टीम कर रही है।
विज्ञापन
बार और रेस्टोरेंट में भी देते थे स्किमर
एसएचओ इंदिरापुरम संजय पांडेय ने बताया कि एक स्किमर में तीस से 40 कार्ड का डाटा सेव हो जाता है। आरोपी बहुत ही शातिर हैं। आरोपी एनसीआर में कुछ रेस्टोरेंट और बार में वेटरों से संपर्क किए हुए थे। सुबह बाइक से निकलकर शातिर वेटरों को स्किमर दे देते थ। वेटर कार्ड से पेमेंट करने के लिए देने वाले लोगों का कार्ड स्किमर में स्वाइप कर देता था। शाम को शातिर जाते थे और वेटरों को दो हजार रुपये देकर स्किमर ले आते थे। इसके बाद क्लोनिंग करके ठगी करते थे।
ठगी के मामले सामने आने पर पुलिस की पकड़ में आए
एसएचओ इंदिरापुरम ने बताया कि इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में करीब चार मामले हाल में एटीएम से रुपये निकलने के सामने आए थे। जबकि उनका कार्ड उन्हीं के पास में था। पुलिस ले मामले की जांच शुरू की। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने शनिवार को वरना कार समेत गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में विभिन्न एटीएम कार्ड और स्किमर मशीन मिलने पर पूछताछ की तो पूरा मामला खुलकर सामने आया।