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३२ हजार परिवारों ने दो-दो जगह लिया राशन
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32 हजार परिवार दो-दो जगह ले रहे थे राशन, अब कार्ड होंगे निरस्त
गाजियाबाद। 32 हजार परिवार गाजियाबाद के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी सरकार से सस्ता और मुफ्त राशन ले रहे थे। लॉकडाउन के दौरान भी इन राशन कार्ड धारकों ने सरकारी राशन लिया। अब केंद्र ने प्रदेश सरकार के माध्यम से जिले में इन डबल कार्ड धारकों का ब्योरा भेजा है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने सत्यापन कर 22 हजार परिवारों का राशन कार्ड निरस्त कर दिया है, बाकी 10 हजार परिवारों के सत्यापन का काम जारी है, इन्हें भी जल्द ही निरस्त किया जाएगा।
एनसीआर के प्रमुख शहर गाजियाबाद के साथ नोएडा में भी ऐसे हजारों मामले सामने आए हैं। बिहार, छत्तीसगढ़ और यूपी के ही पूर्वांचल क्षेत्रों से लाखों की संख्या में प्रवासी श्रमिक और कर्मचारी एनसीआर में आकर नौकरी करते हैं। इन परिवारों के गाजियाबाद और नोएडा में राशन कार्ड बने हुए हैं। मार्च 2020 में लॉकडाउन लागू हुए तो यह लाखों प्रवासी अपने-अपने राज्यों में घर लौट गए। सरकार की ओर से मुफ्त राशन वितरण की घोषणा हुई तो उन्होंने मूल पते पर भी राशन कार्ड बनवा लिए। उद्योगों में दोबारा कामकाज शुरू हुआ तो इनमें से अधिकांश परिवार गाजियाबाद वापस लौट आए। इनके नाम पर गाजियाबाद में बने राशन कार्ड पर भी राशन वितरण होता रहा और मूल पते पर बने राशन कार्ड पर परिवार के अन्य लोग राशन लेते रहे।
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आधार कार्ड ने खोला राज
देश भर में अधिकांश राज्यों में राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कर दिया गया है। केंद्र सरकार स्तर पर आधार कार्ड से लिंक राशन कार्ड का डाटा खंगाला गया तो मामला पकड़ में आया। एक ही आधार पर जारी हो गए दो-दो राशन कार्ड धारकों का ब्योरा तैयार करके अलग-अलग राज्यों में प्रदेश सरकारों को भेजा गया। यह डाटा प्रदेश सरकार ने संबंधित जिलों को भेजा है। इसमें गाजियाबाद के 32 हजार मामले पकड़ में आए हैं। ---
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सत्यापन के दौरान पते पर नहीं मिले राशन कार्ड धारक
जिला पूर्ति अधिकारी ने इन 32 हजार डबल राशन कार्ड धारकों की लिस्ट अलग-अलग क्षेत्र के आपूर्ति निरीक्षकों को देकर इनका सत्यापन कराया। अब तक सत्यापित किए गए 22 हजार में से करीब 12 हजार राशन कार्ड धारक अपने पते पर ही नहीं मिले।
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विकल्प देकर पूछेंगे कहां का कार्ड कराना है निरस्त
अब 10 हजार कार्ड सत्यापन के लिए बाकी बचे हैं। खाद्य पूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जो लोग अपने पते पर मिल रहे हैं, उन्हें विकल्प दिया जा रहा है कि वह गाजियाबाद का राशन कार्ड निरस्त कराना चाहते हैं या अपने मूल पते पर बना कार्ड। अगर वह मूल पते का राशन कार्ड निरस्त कराने का विकल्प चुनेंगे तो शासन के माध्यम से संबंधित राज्य की सरकार को इसकी जानकारी भेजकर राशन कार्ड निरस्त कराया जाएगा।
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बयान
दोहरा राशन कार्ड धारकों का शासन से ब्योरा मिला है। इनका सत्यापन कर करीब 22 हजार कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। बाकी 10 हजार राशन कार्ड का सत्यापन कराया जा रहा है। इनकी रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही शासन को भेज दी जाएगी। निरस्त हुए राशन कार्ड का राशन अब जिले को नहीं मिलेगा। - सीमा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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गाजियाबाद। 32 हजार परिवार गाजियाबाद के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी सरकार से सस्ता और मुफ्त राशन ले रहे थे। लॉकडाउन के दौरान भी इन राशन कार्ड धारकों ने सरकारी राशन लिया। अब केंद्र ने प्रदेश सरकार के माध्यम से जिले में इन डबल कार्ड धारकों का ब्योरा भेजा है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने सत्यापन कर 22 हजार परिवारों का राशन कार्ड निरस्त कर दिया है, बाकी 10 हजार परिवारों के सत्यापन का काम जारी है, इन्हें भी जल्द ही निरस्त किया जाएगा।
एनसीआर के प्रमुख शहर गाजियाबाद के साथ नोएडा में भी ऐसे हजारों मामले सामने आए हैं। बिहार, छत्तीसगढ़ और यूपी के ही पूर्वांचल क्षेत्रों से लाखों की संख्या में प्रवासी श्रमिक और कर्मचारी एनसीआर में आकर नौकरी करते हैं। इन परिवारों के गाजियाबाद और नोएडा में राशन कार्ड बने हुए हैं। मार्च 2020 में लॉकडाउन लागू हुए तो यह लाखों प्रवासी अपने-अपने राज्यों में घर लौट गए। सरकार की ओर से मुफ्त राशन वितरण की घोषणा हुई तो उन्होंने मूल पते पर भी राशन कार्ड बनवा लिए। उद्योगों में दोबारा कामकाज शुरू हुआ तो इनमें से अधिकांश परिवार गाजियाबाद वापस लौट आए। इनके नाम पर गाजियाबाद में बने राशन कार्ड पर भी राशन वितरण होता रहा और मूल पते पर बने राशन कार्ड पर परिवार के अन्य लोग राशन लेते रहे।
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आधार कार्ड ने खोला राज
देश भर में अधिकांश राज्यों में राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कर दिया गया है। केंद्र सरकार स्तर पर आधार कार्ड से लिंक राशन कार्ड का डाटा खंगाला गया तो मामला पकड़ में आया। एक ही आधार पर जारी हो गए दो-दो राशन कार्ड धारकों का ब्योरा तैयार करके अलग-अलग राज्यों में प्रदेश सरकारों को भेजा गया। यह डाटा प्रदेश सरकार ने संबंधित जिलों को भेजा है। इसमें गाजियाबाद के 32 हजार मामले पकड़ में आए हैं। ---
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सत्यापन के दौरान पते पर नहीं मिले राशन कार्ड धारक
जिला पूर्ति अधिकारी ने इन 32 हजार डबल राशन कार्ड धारकों की लिस्ट अलग-अलग क्षेत्र के आपूर्ति निरीक्षकों को देकर इनका सत्यापन कराया। अब तक सत्यापित किए गए 22 हजार में से करीब 12 हजार राशन कार्ड धारक अपने पते पर ही नहीं मिले।
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विकल्प देकर पूछेंगे कहां का कार्ड कराना है निरस्त
अब 10 हजार कार्ड सत्यापन के लिए बाकी बचे हैं। खाद्य पूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जो लोग अपने पते पर मिल रहे हैं, उन्हें विकल्प दिया जा रहा है कि वह गाजियाबाद का राशन कार्ड निरस्त कराना चाहते हैं या अपने मूल पते पर बना कार्ड। अगर वह मूल पते का राशन कार्ड निरस्त कराने का विकल्प चुनेंगे तो शासन के माध्यम से संबंधित राज्य की सरकार को इसकी जानकारी भेजकर राशन कार्ड निरस्त कराया जाएगा।
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बयान
दोहरा राशन कार्ड धारकों का शासन से ब्योरा मिला है। इनका सत्यापन कर करीब 22 हजार कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। बाकी 10 हजार राशन कार्ड का सत्यापन कराया जा रहा है। इनकी रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही शासन को भेज दी जाएगी। निरस्त हुए राशन कार्ड का राशन अब जिले को नहीं मिलेगा। - सीमा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी