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सहालग से कारोबार में दो साल बाद आया बूम
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सहालग से कारोबार में दो साल बाद आया बूम
गाजियाबाद। कोरोना की वजह से शादी से जुड़े कारोबार पिछले दो वर्ष से मंदा चल रहा था। इस बार 14 नवंबर से देवोत्थान एकादशी अबूझ साये से सहालगी शुरू हो रही है। इससे बाजार भी चहक उठा है। ऑटोमोबाइल, सराफा, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ों की बिक्री खूब हो रही है। इसके अलावा वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े केटरिंग, टेंट, फोटोग्राफर, लाइटिंग बैंड, पार्लर, होटल, बैंक्वेट हॉल में बुकिंग फुल चल रही है।
देवोत्थान एकादशी से लेकर 15 दिसंबर एक महीने तक शहर भर में 12000 से अधिक शादियां होंगी। पिछले दो साल में शादी कारोबार कोरोना की वजह से काफी मंदा हो गया था, जो इस बार काफी अच्छा रहने का अनुमान है।
सहालग से झूमा बाजार
कपड़ा, सराफा, फर्नीचर, किराना, फूल, इलेक्ट्रॉनिक्स का कारोबार इस बार खूब चमक रहा है। वेंडिंग पैकेज को लेकर कई प्रकार के ऑफर दिए जा रहे हैं। लहंगा, साड़ियां, इंडो वेस्टर्न से लेकर पारंपरिक शेरवानी की खूब बिक्री हो रही है। सराफा कारोबारी हरि कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले दो वर्षों के मुकाबले इस वर्ष दोगुना कारोबार है। हालांकि बढ़ती महंगाई की वजह से पहले की तरफ कारोबार नहीं हो पा रहा है। लोग हल्के वजन वाले आभूषण पसंद कर रहे हैं।
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वेंडिंग इंडस्ट्री में बुकिंग फुल
होटल, फार्म हाउस, केटरिंग, घोड़े- बग्गी, पार्लर, डेकोरेटर्स सभी की एडवांस बुकिंग है। सबसे अधिक 14 नवंबर के दिन के लिए बुकिंग है। कोरोना के दौरान 50-100 मेहमानों के बीच शादियां हुईं थी जिसमें बैंडबाजे, डेकोरशन और खाना पीना सभी कम था। अब सभी चीजें सामान्य हैं।
अबूझ साये पर शहर में होगी 3000 शादियां
- महीनों पहले से बुक हैं बैंक्वेट हाल और होटल
- 14 नवंबर को है देवोत्थान एकादशी
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। चार महीने के ब्रेक के बाद शादियों के लिए शुभ मुहूर्त आ रहे हैं। 14 नवंबर को देवोत्थान एकादशी से फिर से शहनाइयां बजनी शुरू हो जाएंगी।
कोरोना के कारण पिछले दो वर्ष से शादियां या तो कैंसिल हुईं या फिर सादगी से घरों में ही की गईं। इस बार शासन ने रात्रि कर्फ्यू में भी ढील दे दी है। इस बार अबूझ साये पर शहर भर में 3000 शादियां होंगी। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि 20 जुलाई देवशयनी एकादशी के बाद सीधे 14 नवंबर से शादियों के शुभ साये शुरू हो रहे हैं। 14 नवंबर से लेकर 15 दिसंबर तक लगभग 15 शादियों के शुभ साये हैं जिसमें से 12 साये अति शुभ हैं।
कोरोना के बाद पहला साया
कोरोना के बाद पहला साया होने के कारण बैंक्वेट हॉल, मैरिज हॉल, टेंट, फोटोग्राफर सहित शादियों में इस्तेमाल होने वाली सभी चीजों की बुकिंग काफी पहले से हो गई हैं। जिन लोगों को बुकिंग में देरी हुई है। उनको दोगुने दामों में बुकिंग करानी पड़ी है। ब्यूटी पार्लर के लिए एडवांस बुकिंग हो चुकी है।
मेहमानों की सूची छोटी
अभी भी लोग खुद अपने मेहमानों की लिस्ट काफी छोटी रख रहे हैं। पहले जहां पांच सौ से लेकर हजार तक मेहमान होते थे, इस बार डेढ़ सौ से दो सौ तक ही मेहमानों की संख्या रखी है।
अशोक चावला, अध्यक्ष, वेडिंग मैनेजमेंट एसोसिएशन
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गाजियाबाद। कोरोना की वजह से शादी से जुड़े कारोबार पिछले दो वर्ष से मंदा चल रहा था। इस बार 14 नवंबर से देवोत्थान एकादशी अबूझ साये से सहालगी शुरू हो रही है। इससे बाजार भी चहक उठा है। ऑटोमोबाइल, सराफा, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ों की बिक्री खूब हो रही है। इसके अलावा वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े केटरिंग, टेंट, फोटोग्राफर, लाइटिंग बैंड, पार्लर, होटल, बैंक्वेट हॉल में बुकिंग फुल चल रही है।
देवोत्थान एकादशी से लेकर 15 दिसंबर एक महीने तक शहर भर में 12000 से अधिक शादियां होंगी। पिछले दो साल में शादी कारोबार कोरोना की वजह से काफी मंदा हो गया था, जो इस बार काफी अच्छा रहने का अनुमान है।
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सहालग से झूमा बाजार
कपड़ा, सराफा, फर्नीचर, किराना, फूल, इलेक्ट्रॉनिक्स का कारोबार इस बार खूब चमक रहा है। वेंडिंग पैकेज को लेकर कई प्रकार के ऑफर दिए जा रहे हैं। लहंगा, साड़ियां, इंडो वेस्टर्न से लेकर पारंपरिक शेरवानी की खूब बिक्री हो रही है। सराफा कारोबारी हरि कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले दो वर्षों के मुकाबले इस वर्ष दोगुना कारोबार है। हालांकि बढ़ती महंगाई की वजह से पहले की तरफ कारोबार नहीं हो पा रहा है। लोग हल्के वजन वाले आभूषण पसंद कर रहे हैं।
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वेंडिंग इंडस्ट्री में बुकिंग फुल
होटल, फार्म हाउस, केटरिंग, घोड़े- बग्गी, पार्लर, डेकोरेटर्स सभी की एडवांस बुकिंग है। सबसे अधिक 14 नवंबर के दिन के लिए बुकिंग है। कोरोना के दौरान 50-100 मेहमानों के बीच शादियां हुईं थी जिसमें बैंडबाजे, डेकोरशन और खाना पीना सभी कम था। अब सभी चीजें सामान्य हैं।
अबूझ साये पर शहर में होगी 3000 शादियां
- महीनों पहले से बुक हैं बैंक्वेट हाल और होटल
- 14 नवंबर को है देवोत्थान एकादशी
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। चार महीने के ब्रेक के बाद शादियों के लिए शुभ मुहूर्त आ रहे हैं। 14 नवंबर को देवोत्थान एकादशी से फिर से शहनाइयां बजनी शुरू हो जाएंगी।
कोरोना के कारण पिछले दो वर्ष से शादियां या तो कैंसिल हुईं या फिर सादगी से घरों में ही की गईं। इस बार शासन ने रात्रि कर्फ्यू में भी ढील दे दी है। इस बार अबूझ साये पर शहर भर में 3000 शादियां होंगी। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि 20 जुलाई देवशयनी एकादशी के बाद सीधे 14 नवंबर से शादियों के शुभ साये शुरू हो रहे हैं। 14 नवंबर से लेकर 15 दिसंबर तक लगभग 15 शादियों के शुभ साये हैं जिसमें से 12 साये अति शुभ हैं।
कोरोना के बाद पहला साया
कोरोना के बाद पहला साया होने के कारण बैंक्वेट हॉल, मैरिज हॉल, टेंट, फोटोग्राफर सहित शादियों में इस्तेमाल होने वाली सभी चीजों की बुकिंग काफी पहले से हो गई हैं। जिन लोगों को बुकिंग में देरी हुई है। उनको दोगुने दामों में बुकिंग करानी पड़ी है। ब्यूटी पार्लर के लिए एडवांस बुकिंग हो चुकी है।
मेहमानों की सूची छोटी
अभी भी लोग खुद अपने मेहमानों की लिस्ट काफी छोटी रख रहे हैं। पहले जहां पांच सौ से लेकर हजार तक मेहमान होते थे, इस बार डेढ़ सौ से दो सौ तक ही मेहमानों की संख्या रखी है।
अशोक चावला, अध्यक्ष, वेडिंग मैनेजमेंट एसोसिएशन
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