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हवा के जहरीले कण से आंखों में हो रहा जख्म

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 01:36 AM IST
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हवा के जहरीले कण से आंखों में हो रहा जख्म
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गाजियाबाद। पिछले दस दिन से शहर में प्रदूषण के कारण छाई धुंध और प्रदूषण के कण से आंखें भी जख्मी हो रही हैं। जिला एमएमजी अस्पताल में 2407 मरीज इलाज के लिए आए। इनमें से 554 बुखार और 713 सांस और 263 आंख के थे। संयुक्त अस्पताल में आंख के 244 मरीज आए थे। इनमें सत्तर फीसदी यानी 350 मरीज प्रदूषण के कारण आंख में हुई परेशानी से इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों को हो रही है, क्योंकि प्रदूषण के कण आंख में जाने से कार्निया (पुतली) जख्मी हो रही है। अगर समय से इसका इलाज न कराया जाए तो आंख की रोशनी भी जा सकती है।
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एमएमजी अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि जब प्रदूषण का स्तर बढ़ता है तो कैडमियम, लेड, मर्करी, कार्बन की मात्रा बढ़ जाती है। जब यह आंखों के संपर्क में आते हैं तो उसमें भयंकर एलर्जी का कारण बनते हैं। प्रदूषण के कण आंख में जाने से खुजली, जलन, पानी आना और एलर्जी की परेशानी होती है। बच्चाें को इसलिए ज्यादा परेशानी होती है कि शाम को खेलते समय उनकी आंख में कण गिर जाता है और खुजली होने लगती है तो वह आंख को रगड़ देते हैं। इस कारण से कार्निया में घाव हो जाता है। अगर समय से इसका इलाज न किया जाए तो आंख की रोशनी भी जा सकती है।
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संयुक्त अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सुचिता का कहना है कि प्रदूषण के कारण कार्निया का अल्सर भी हो जाता है। जब प्रदूषण व धूल के कण कार्निया यानी पुतली से टकराते हैं तो वह जख्म पैदा कर देते हैं। इससे आंख का लेंस भी घायल हो जाता है। इस कारण से आंखें खून जैसी लाल हो जाती हैं। यह बेहद गंभीर संक्रमण है। ज्यादातर आंख में कांटैक्ट लेंस लगाने से या फिर कहीं बाहर से आने पर बगैर हाथ धुले आंखों को छूने या मलने से होता है। इसके अलावा यह आंखों में चोट लगने या फिर ऑर्गेनिक मैटर के जाने से होता है।
इस तरह से कर सकते हैं बचाव
- बाहर से आने पर बगैर हाथ साबुन से धुले आंखों को बिल्कुल न छुएं।
- कहीं से भी आएं तो आंखों को साफ पानी से अवश्य धुलें। ऐसे दिन में कम से कम तीन या चार बार करें।
- घर से बाहर निकलने पर व खुले में काम करते समय आंख में चश्मा जरूर लगाएं।
- डॉक्टर की सलाह पर ऐसे मौसम रहने तक आंखों में लुब्रिकेटिंग आई ड्राप डालते रहें।
एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की स्थिति
कुल मरीज - 2407
बुखार - 554
सांस - 713
आंख से संबंधित - 263
सर्जरी - 125
त्वचा - 278
एंटीरैबीज - 232
नाक कान गला - 175
मानसिक रोग - 67
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