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कविनगर में लुटेरे तो साहिबाबाद और इंदिरापुरम में चोर बेलगाम
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कविनगर में लुटेरे तो साहिबाबाद और इंदिरापुरम में चोर बेलगाम
- पुलिस के 15 सितंबर तक के आंकड़ों में लूट व वाहन चोरी में कविनगर की बढ़ बरकरार
- पॉश इलाके के लोग लुटेरों के निशाने पर, वाहन चोरों को भा रही आरडीसी की सड़कों की कनेक्टिविटी
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कविनगर के पॉश इलाके बाइक गैंग और लुटेरों के निशाने पर हैं। इस साल लूट की सबसे ज्यादा वारदातें कविनगर इलाके में हुई हैं। वहीं, वाहन चोरी में भी कविनगर क्षेत्र अव्वल है। इस साल जिले के 21 थानाक्षेत्रों में हुईं वाहन चोरी की 2076 वारदातों में से 296 घटनाएं अकेले कविनगर क्षेत्र में हुईं। वहीं, दूसरी तरफ घर-दुकानों को निशाना बनाने वाले चोर इंदिरापुरम और साहिबाबाद में सक्रिय हैं। चोरी की सर्वाधिक 172 घटनाएं इन दोनों थाना क्षेत्रों में हुईं।
जिले में 15 सितंबर तक लूट की 59 वारदातें दर्ज की गईं। इनमें से सर्वाधिक 12 घटनाएं अकेले कविनगर इलाके में हुईं। लूट की 7-7 वारदातों के साथ लोनी और ट्रॉनिका सिटी दूसरे नंबर पर तथा 5-5 घटनाओं के साथ साहिबाबाद और सिहानी गेट तीसरे नंबर हैं। गनीमत यह है कि नगर कोतवाली, खोड़ा और कौशांबी में लूट की एक भी घटना पुलिस के रिकॉर्ड में नहीं है। लूट की सबसे कम यानि कि एक-एक वारदात विजयनगर, नंदग्राम, बापूधाम, लिंक रोड मुरादनगर और निवाड़ी में हुई। इसी तरह वाहन चोरी की सबसे ज्यादा 296 घटनाओं के साथ कविनगर पहले, 240 घटनाओं के साथ इंदिरापुरम दूसरे और 212 घटनाओं के साथ साहिबाबाद तीसरे नंबर पर है।
चोरी में भी कविनगर तीसरे नंबर पर
15 सितंबर तक जिले में चोरी की 764 वारदातें हुईं, जिनमें से सर्वाधिक 88 वारदातों के साथ इंदिरापुरम पहले, 84 घटनाओं के साथ साहिबाबाद दूसरे नंबर है। गौर करने वाली बात यह है कि लूट व वाहन चोरी की घटनाओं में अव्वल कविनगर क्षेत्र 73 वारदातों के साथ चोरी की घटनाओं में भी तीसरे नंबर पर है।
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कविनगर में लूट वाहन चोरी की वारदातों का कारण
- कविनगर जिले का मुख्यालय है। राजनगर, कविनगर, शास्त्रीनगर पॉश इलाके में शुमार होते हैं। जिसके चलते यह इलाके लुटेरों के निशाने पर हैं।
- राजनगर में आरडीसी और कचहरी में रोजाना 8 से 10 हजार लोगों की आमद के चलते वाहन चोरों की नजर इस इलाके पर रहती है।
- सभी रास्ते एक-दूसरे से जुड़े हैं, जिसके चलते वाहन चोरों को आंखों से ओझल होने में आसानी रहती है।
साहिबाबाद व इंदिरापुरम में चोरी की वारदात इसलिए
- ट्रांस हिडन एरिया में आने वाले इस क्षेत्र में अधिकांश पति-पत्नी नौकरीपेशा हैं। घर, फ्लैट खाली होने के कारण चोर वारदात करते हैं।
- साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया है, जहां बाहरी लोगों की बहुतायत है।
- दोनों ही थानों की सीमाएं दिल्ली से मिलती हैं। बदमाश सीमा पार करते ही पकड़ से दूर हो जाते हैं।
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कोट.....
पुलिस की गतिविधि बढ़े तो बदमाशों में खौफ पैदा हो
कविनगर क्षेत्र में पुलिस की गश्त नहीं दिखाई देती। पार्क और मार्केट नशेड़ियों के अड्डे बने हुए हैं। संदिग्ध लड़के आवारागर्दी करते आसानी से दिखाई दे जाएंगे। एफ-ब्लॉक मार्केट में महिलाओं व लड़कियों का निकलना तक दुश्वार है। पुलिस की गतिविधि बढ़े तो अपराधियों में खौफ पैदा हो।- सोमदत्त शर्मा, पूर्व जेल विजिटर, कविनगर एफ-ब्लॉक
कोट.....
स्थानीय लोगों और व्यापारियों में दहशत
कविनगर क्षेत्र बदमाशों के निशाने पर है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में दहशत है। पुलिस कभी-कभार ही सड़कों पर दिखाई देती है। सुबह और शाम के वक्त चेकिंग शुरू हो और कुछ घंटों तक पुलिस सड़कों पर दिखाई दे तो अपराध पर कुछ अंकुश लगेगा।
- हरिओम गुप्ता, व्यापारी नेता- गोविंदपुरम
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जिले में हुई घटनाएं (15 सितंबर तक)
- 02 डकैती ट्रॉनिका सिटी और कविनगर में पड़ीं
- 59 घटनाएं लूट की हुईं।
- 2076 वाहन जिलेभर में चोरी हुए।
- 764 वारदातों में घर-दुकान खंगाले।
- 56 हत्याएं जिलेभर में हुईं, जिनमें 16 घटनाएं लोनी और मुरादनगर में हुईं।
- 44 घटनाएं दुष्कर्म की सामने आईं।
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कोट.....
जिलेभर में ऐसे करीब 110 प्वाइंट्स चिह्नित किए गए थे, जहां वारदात हुईं हैं या वारदात होने की संभावना रहती है। इन सभी पर पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने की योजना है। जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। - पवन कुमार, एसएसपी
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कविनगर में लुटेरे तो साहिबाबाद और इंदिरापुरम में चोर बेलगाम
- पुलिस के 15 सितंबर तक के आंकड़ों में लूट व वाहन चोरी में कविनगर की बढ़ बरकरार
- पॉश इलाके के लोग लुटेरों के निशाने पर, वाहन चोरों को भा रही आरडीसी की सड़कों की कनेक्टिविटी
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कविनगर के पॉश इलाके बाइक गैंग और लुटेरों के निशाने पर हैं। इस साल लूट की सबसे ज्यादा वारदातें कविनगर इलाके में हुई हैं। वहीं, वाहन चोरी में भी कविनगर क्षेत्र अव्वल है। इस साल जिले के 21 थानाक्षेत्रों में हुईं वाहन चोरी की 2076 वारदातों में से 296 घटनाएं अकेले कविनगर क्षेत्र में हुईं। वहीं, दूसरी तरफ घर-दुकानों को निशाना बनाने वाले चोर इंदिरापुरम और साहिबाबाद में सक्रिय हैं। चोरी की सर्वाधिक 172 घटनाएं इन दोनों थाना क्षेत्रों में हुईं।
जिले में 15 सितंबर तक लूट की 59 वारदातें दर्ज की गईं। इनमें से सर्वाधिक 12 घटनाएं अकेले कविनगर इलाके में हुईं। लूट की 7-7 वारदातों के साथ लोनी और ट्रॉनिका सिटी दूसरे नंबर पर तथा 5-5 घटनाओं के साथ साहिबाबाद और सिहानी गेट तीसरे नंबर हैं। गनीमत यह है कि नगर कोतवाली, खोड़ा और कौशांबी में लूट की एक भी घटना पुलिस के रिकॉर्ड में नहीं है। लूट की सबसे कम यानि कि एक-एक वारदात विजयनगर, नंदग्राम, बापूधाम, लिंक रोड मुरादनगर और निवाड़ी में हुई। इसी तरह वाहन चोरी की सबसे ज्यादा 296 घटनाओं के साथ कविनगर पहले, 240 घटनाओं के साथ इंदिरापुरम दूसरे और 212 घटनाओं के साथ साहिबाबाद तीसरे नंबर पर है।
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चोरी में भी कविनगर तीसरे नंबर पर
15 सितंबर तक जिले में चोरी की 764 वारदातें हुईं, जिनमें से सर्वाधिक 88 वारदातों के साथ इंदिरापुरम पहले, 84 घटनाओं के साथ साहिबाबाद दूसरे नंबर है। गौर करने वाली बात यह है कि लूट व वाहन चोरी की घटनाओं में अव्वल कविनगर क्षेत्र 73 वारदातों के साथ चोरी की घटनाओं में भी तीसरे नंबर पर है।
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कविनगर में लूट वाहन चोरी की वारदातों का कारण
- कविनगर जिले का मुख्यालय है। राजनगर, कविनगर, शास्त्रीनगर पॉश इलाके में शुमार होते हैं। जिसके चलते यह इलाके लुटेरों के निशाने पर हैं।
- राजनगर में आरडीसी और कचहरी में रोजाना 8 से 10 हजार लोगों की आमद के चलते वाहन चोरों की नजर इस इलाके पर रहती है।
- सभी रास्ते एक-दूसरे से जुड़े हैं, जिसके चलते वाहन चोरों को आंखों से ओझल होने में आसानी रहती है।
साहिबाबाद व इंदिरापुरम में चोरी की वारदात इसलिए
- ट्रांस हिडन एरिया में आने वाले इस क्षेत्र में अधिकांश पति-पत्नी नौकरीपेशा हैं। घर, फ्लैट खाली होने के कारण चोर वारदात करते हैं।
- साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया है, जहां बाहरी लोगों की बहुतायत है।
- दोनों ही थानों की सीमाएं दिल्ली से मिलती हैं। बदमाश सीमा पार करते ही पकड़ से दूर हो जाते हैं।
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कोट.....
पुलिस की गतिविधि बढ़े तो बदमाशों में खौफ पैदा हो
कविनगर क्षेत्र में पुलिस की गश्त नहीं दिखाई देती। पार्क और मार्केट नशेड़ियों के अड्डे बने हुए हैं। संदिग्ध लड़के आवारागर्दी करते आसानी से दिखाई दे जाएंगे। एफ-ब्लॉक मार्केट में महिलाओं व लड़कियों का निकलना तक दुश्वार है। पुलिस की गतिविधि बढ़े तो अपराधियों में खौफ पैदा हो।- सोमदत्त शर्मा, पूर्व जेल विजिटर, कविनगर एफ-ब्लॉक
कोट.....
स्थानीय लोगों और व्यापारियों में दहशत
कविनगर क्षेत्र बदमाशों के निशाने पर है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में दहशत है। पुलिस कभी-कभार ही सड़कों पर दिखाई देती है। सुबह और शाम के वक्त चेकिंग शुरू हो और कुछ घंटों तक पुलिस सड़कों पर दिखाई दे तो अपराध पर कुछ अंकुश लगेगा।
- हरिओम गुप्ता, व्यापारी नेता- गोविंदपुरम
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जिले में हुई घटनाएं (15 सितंबर तक)
- 02 डकैती ट्रॉनिका सिटी और कविनगर में पड़ीं
- 59 घटनाएं लूट की हुईं।
- 2076 वाहन जिलेभर में चोरी हुए।
- 764 वारदातों में घर-दुकान खंगाले।
- 56 हत्याएं जिलेभर में हुईं, जिनमें 16 घटनाएं लोनी और मुरादनगर में हुईं।
- 44 घटनाएं दुष्कर्म की सामने आईं।
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कोट.....
जिलेभर में ऐसे करीब 110 प्वाइंट्स चिह्नित किए गए थे, जहां वारदात हुईं हैं या वारदात होने की संभावना रहती है। इन सभी पर पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने की योजना है। जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। - पवन कुमार, एसएसपी