फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziyabad

इसाई समुदाय को कब्रिस्तान के लिए अब अर्थला में जगह देगा निगम

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 01:33 AM IST
विज्ञापन
ghaziyabad
ईसाई समुदाय को कब्रिस्तान के लिए अब अर्थला में जगह देगा निगम
विज्ञापन

गाजियाबाद। ईसाई समुदाय के लोगों को अब शव दफनाने के लिए दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। करीब छह साल पुरानी उनकी मांग पर नगर निगम ने उन्हें अर्थला में 3790 वर्ग मीटर भूमि कब्रिस्तान के लिए देने को चयनित की है। निगम ने इस भूमि को चयनित कर ईसाई समुदाय की संस्था गाजियाबाद क्रिश्चियन लीडर्स फेलोशिप को पत्र भेजा है। संस्था ने अर्थला में चयनित भूमि पर कब्रिस्तान बनाने के लिए सहमति दे दी है।
ईसाई समुदाय के लोग 2014 से नगर निगम अधिकारियों से कब्रिस्तान के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं। नगर निगम ने 2019 में अर्थला में ही करीब सात हजार वर्ग मीटर जमीन दी थी। इस जमीन पर निगम ने बोर्ड भी लगा दिया था, बाद में प्राइवेट लोगों ने इस जमीन पर अपना मालिकाना हक बताकर कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने की वजह से ईसाई समुदाय ने इस जमीन के बदले दूसरी जमीन की मांग की थी। नगर निगम के संपत्ति विभाग ने अब करीब तीन साल बाद समुदाय के लोगों को दूसरे स्थान पर जमीन देने की प्रक्रिया पूरी की है। नगर निगम के संपत्ति विभाग ने अर्थला के खसरा नंबर-1394 की 3790 वर्ग मीटर भूमि कब्रिस्तान के लिए देने को चयनित की है। गाजियाबाद क्रिश्चियन लीडर्स फेलोशिप के जनरल सेक्रेटरी पादरी मानेस्वर दास ने अर्थला में चयनित की गई जमीन पर निगम को सहमति देकर इसे समतल कराए जाने की कामं गकी है। उनका कहना है कि कब्रिस्तान पर आने-जाने के लिए रास्ता बन जाएगा तो इसका इस्तेमाल कर पाएंगे।
विज्ञापन

------
कोरोना संक्रमण काल में उठानी पड़ी परेशानी
कोरोना संक्रमण काल में ईसाई समुदाय के कई लोगों का निधन संक्रमण से हुआ। पादरी मानेस्वर दास ने बताया कि गाजियाबाद में ईसाई समुदाय के कब्रिस्तान भर जाने की वजह से शवों का अंतिम संस्कार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अंतिम संस्कार के लिए लोगों को दिल्ल्ी जाना पड़ा। गाजियाबाद से दिल्ली आने-जाने में न सिर्फ परेशानियां झेलनी पड़ी, बल्कि मृतकों के परिजनों को शव के अंतिम संस्कार पर 25 से 30 हजार रुपये खर्च हुए। गाजियाबाद में कब्रिस्तान बन जाने से यह दिक्कतें खत्म हो जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed