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रेड एप्पल के 16 खरीदारों का पैसा वापस दिलाएगा प्रशासन
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रेड एप्पल के 16 खरीदारों का
पैसा वापस दिलाएगा प्रशासन
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की रेड एप्पल सोसायटी में फ्लैट बुक कराकर फंसे 16 आवंटियों को अब पैसा वापस मिलने की उम्मीद जगी है। हाईकोर्ट ने यूपी रेरा की ओर से 2019 में जारी कराई गई आरसी पर डीएम को रिकवरी कराने के आदेश दिए हैं। इन 16 आवंटियों का करीब सात करोड़ रुपया बकाया है।
आइडिया बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड ने राजनगर एक्सटेंशन में रेड एप्पल नाम से हाउसिंग सोसायटी विकसित करने की शुरूआत की थी। करीब 400 फ्लैटों वाली इस सोसायटी में बड़ी संख्या में लोगों ने फ्लैट बुक कराए थे। रेड एप्पल के आवंटी अनिल सिंह ने बताया कि 2013 में फ्लैट बुक कराने के बाद उनके साथ-साथ कई अन्य आवंटियों को 2015-16 में कब्जा मिलना था, लेकिन अभी तक नहीं मिला। बिल्डर ने फ्लैट पर कब्जा दिए जाने तक ‘नो ईएमआई’ स्कीम पर एग्रीमेंट किया था। आरोप है कि बिल्डर ने आवंटियों के साइन कराकर गुपचुप उनके दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से लोन ले लिया और अब फ्लैट मिले बिना ही लोग उस लोन की किस्त भी चुकाने को मजबूर हैं। रेड एप्पल सोसायटी में 200 से ज्यादा ऐसे आवंटी हैं, जो अपना पैसा वापस पाने के लिए प्रशासन और पुलिस के चक्कर काट रहे हैं। फ्लैट समय से न मिलने और 2017 से बिल्डर की ओर से निर्माण कार्य बंद कर दिए जाने के कारण 16 आवंटियों ने यूपी रेरा में शिकायत की। 2019 में वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) जारी हुआ, लेकिन रिकवरी अभी तक नहीं हुई। जिला प्रशासन स्तर से आइडिया बिल्डर्स प्राइवेट लमिटेड से 7.34 करोड़ रुपये की वसूली कर आवंटियों को देने थे। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद वसूली नही हुई तो 16 आवंटियों ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। बीती 27 जुलाई को न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल व साधना रानी की बेंच ने डीएम गाजियाबाद को जारी की गई आरसी की रिकवरी कराने का आदेश दिया है।
इन 16 आवंटियों ने दाखिल की थी रिट
अभिषेक मोहन, अमित कुमार, अनिल सिंह, भास्कर भट्ट, चंद्र प्रकाश गोयल, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, नौशाद सैफी, प्रिंस पीयूष, राजपाल, रोबिन डबास, आकाश बंसल, तुषार, विकास कमल, दीप जिंदल, ऋषभ माहेश्वरी, अनुपम सेठ।
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ऑफिस के चक्कर लगाकर थके
छह साल से आवंटी फ्लैट की एवज में जमा कराई गई रकम वापस पाने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। न तो फ्लैट मिला और न ही पैसा मिला। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
- अनिल सिंह, आवंटी
पुलिस नहीं कर रही गिरफ्तार
बिल्डर ने 200 से ज्यादा लोगों को फ्लैट देने का सपना दिखाकर उनसे पैसा भी ठग लिया। उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई होने के बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। आवंटियों की सुनवाई नहीं हो रही है।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, आवंटी
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पैसा वापस दिलाएगा प्रशासन
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की रेड एप्पल सोसायटी में फ्लैट बुक कराकर फंसे 16 आवंटियों को अब पैसा वापस मिलने की उम्मीद जगी है। हाईकोर्ट ने यूपी रेरा की ओर से 2019 में जारी कराई गई आरसी पर डीएम को रिकवरी कराने के आदेश दिए हैं। इन 16 आवंटियों का करीब सात करोड़ रुपया बकाया है।
आइडिया बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड ने राजनगर एक्सटेंशन में रेड एप्पल नाम से हाउसिंग सोसायटी विकसित करने की शुरूआत की थी। करीब 400 फ्लैटों वाली इस सोसायटी में बड़ी संख्या में लोगों ने फ्लैट बुक कराए थे। रेड एप्पल के आवंटी अनिल सिंह ने बताया कि 2013 में फ्लैट बुक कराने के बाद उनके साथ-साथ कई अन्य आवंटियों को 2015-16 में कब्जा मिलना था, लेकिन अभी तक नहीं मिला। बिल्डर ने फ्लैट पर कब्जा दिए जाने तक ‘नो ईएमआई’ स्कीम पर एग्रीमेंट किया था। आरोप है कि बिल्डर ने आवंटियों के साइन कराकर गुपचुप उनके दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से लोन ले लिया और अब फ्लैट मिले बिना ही लोग उस लोन की किस्त भी चुकाने को मजबूर हैं। रेड एप्पल सोसायटी में 200 से ज्यादा ऐसे आवंटी हैं, जो अपना पैसा वापस पाने के लिए प्रशासन और पुलिस के चक्कर काट रहे हैं। फ्लैट समय से न मिलने और 2017 से बिल्डर की ओर से निर्माण कार्य बंद कर दिए जाने के कारण 16 आवंटियों ने यूपी रेरा में शिकायत की। 2019 में वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) जारी हुआ, लेकिन रिकवरी अभी तक नहीं हुई। जिला प्रशासन स्तर से आइडिया बिल्डर्स प्राइवेट लमिटेड से 7.34 करोड़ रुपये की वसूली कर आवंटियों को देने थे। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद वसूली नही हुई तो 16 आवंटियों ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। बीती 27 जुलाई को न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल व साधना रानी की बेंच ने डीएम गाजियाबाद को जारी की गई आरसी की रिकवरी कराने का आदेश दिया है।
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इन 16 आवंटियों ने दाखिल की थी रिट
अभिषेक मोहन, अमित कुमार, अनिल सिंह, भास्कर भट्ट, चंद्र प्रकाश गोयल, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, नौशाद सैफी, प्रिंस पीयूष, राजपाल, रोबिन डबास, आकाश बंसल, तुषार, विकास कमल, दीप जिंदल, ऋषभ माहेश्वरी, अनुपम सेठ।
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ऑफिस के चक्कर लगाकर थके
छह साल से आवंटी फ्लैट की एवज में जमा कराई गई रकम वापस पाने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। न तो फ्लैट मिला और न ही पैसा मिला। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
- अनिल सिंह, आवंटी
पुलिस नहीं कर रही गिरफ्तार
बिल्डर ने 200 से ज्यादा लोगों को फ्लैट देने का सपना दिखाकर उनसे पैसा भी ठग लिया। उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई होने के बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। आवंटियों की सुनवाई नहीं हो रही है।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, आवंटी