फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghazibad news

आधी से ज्यादा लक्ष्मी इंस्पेक्टर ने रखी, बाकी में बराबर बंटी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 18 Nov 2019 01:18 AM IST
विज्ञापन
ghazibad news
आधी से ज्यादा ‘लक्ष्मी’ इंस्पेक्टर ने रखी, बाकी में बराबर बंटी
विज्ञापन

गाजियाबाद। बरामदगी की रकम में से 70 लाख रुपये डकारने के मामले में इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान का 24 घंटे का पुलिस कस्टडी रिमांड रविवार सुबह पूरा हो गया। इसके बाद गाजियाबाद पुलिस उसे मेरठ जेल छोड़ आई। पूछताछ में पता चला है कि गबन की गई रकम का आधे से अधिक हिस्सा इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान ने अपने पास रखा था, जबकि बाकी पुलिसकर्मियों में बराबर-बराबर रकम बंटी थी।
गौरतलब है कि भ्रष्टाचार के मामले में मेरठ जेल में बंद इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान को पुलिस शनिवार सुबह 24 घंटे के पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर आई थी। शुरूआती दौर में लक्ष्मी चौहान ने पुलिस को बरगलाने की कोशिश की और सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दिए, लेकिन महिला पुलिसकर्मियों ने सख्ती से पूछताछ की तो लक्ष्मी ने सब कुछ सच उगल दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने लिंक रोड स्थित स्टील फैक्टरी 9.85 लाख रुपये बरामद किए थे। देर रात पूछताछ कर पुलिस ने लक्ष्मी चौहान से अहम जानकारी जुटाई। इसके बाद रविवार सुबह उसे मेरठ जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन

गुनाह कबूला, रकम का बंटवारा भी बताया
70 लाख डकारने के आरोपों को सिरे से खारिज करने वाली लक्ष्मी चौहान ने रिमांड के दौरान गुनाह कबूल कर लिया। साथ ही उसने रकम के बंटवारे के बारे में भी बताया। अधिकारियों के मुताबिक, आधे से ज्यादा रकम लक्ष्मी चौहान ने अपने पास रखी थी, जबकि बाकी छह पुलिसकर्मियों के हिस्से में 4-4 लाख रुपये आए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

वकील की फीस दी, फरारी में भी खर्च हुए रुपये
पूछताछ में लक्ष्मी चौहान ने बताया कि उसने मेरठ एंटी करप्शन कोर्ट व प्रयागराज हाईकोर्ट में पैरवी के लिए वकील को फीस उक्त रकम में से ही दी थी। इसके अलावा मोटी रकम फरारी के दौरान भी खर्च हो गई। पुलिस का कहना है कि बाकी पुलिसकर्मियों को रिमांड पर लेकर रकम बरामद की जाएगी। जरूरत पड़ने पर लक्ष्मी चौहान को दोबारा रिमांड पर लेने की अर्जी लगाई जा सकती है।

यह था पूरा मामला
लिंक रोड क्षेत्र की सीएमएस कंपनी में गबन के मामले में लिंक रोड थाने की तत्कालीन एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान व उनकी टीम ने 24 सितंबर को नामजद आरोपी राजीव सचान व उसके साथी को गिरफ्तार किया था। दोनों से 1.15 करोड़ रुपये बरामद किए थे, लेकिन फर्द में कम बरामदगी दिखाकर 70 लाख रुपये डकार लिए गए। 25 सितंबर को सातों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर लिंक रोड थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। 25-25 हजार का इनाम घोषित होने पर लक्ष्मी चौहान ने अपने हमराह सिपाही धीरज भारद्वाज के साथ सात नवंबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद एक अन्य सिपाही बच्चू सिंह ने भी सरेंडर किया। एसपी सिटी मनीष मिश्र का कहना है कि रिमांड के दौरान लक्ष्मी चौहान की निशानदेही पर 9.85 लाख रुपये बरामद किए गए। अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी मिली। आधी से अधिक रकम लक्ष्मी चौहान ने अपने पास रखी थी। उसी में से उसने वकील की फीस दी और फरारी काटी। बाकी पुलिसकर्मियों में रकम बराबर-बराबर बांटी गई। अन्य पुलिसकर्मियों को रिमांड पर लेकर रकम बरामद की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed