{"_id":"61fc2a773b0046049c6bec05","slug":"ghaziayabad-ghaziabad-news-gbd2336139144","type":"story","status":"publish","title_hn":"रैपिड ट्रायल रन की तैयारी, प्राथमिकता खंड में बिजली आपूर्ति पर काम शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रैपिड ट्रायल रन की तैयारी, प्राथमिकता खंड में बिजली आपूर्ति पर काम शुरू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रैपिड ट्रायल रन की तैयारी, प्राथमिकता खंड में बिजली आपूर्ति पर काम शुरू
गाजियाबाद। साहिबाबाद से दुहाई तक रैपिड के 17 किमी लंबे पहले प्राथमिकता खंड पर ट्रायल रन की दिशा में एनसीआरटीसी की ओर से तेजी से कार्य किया जा रहा है। ट्रायल रन के लिए जरूरी बिजली आपूर्ति पर काम शुरू हो गया है। दिल्ली-मेरठ तिराहे के पास रेलवे लाइन के बराबर प्राथमिकता खंड का इकलौता रिसीविंग सब-स्टेशन (आरएसएस) का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो गया है। इस सब स्टेशन से ट्रेनों के संचालन के लिए 25 केवी और स्टेशनों पर बिजली आपूर्ति केलिए 33 केवी की लाइन से बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
---
यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन से एनसीआरटीसी का करार:
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक 82 किमी लंबे देश के पहले रीजनल रेल कॉरिडोर में बिजली आपूर्ति के लिए कुल पांच रिसीविंग सब-स्टेशन (आरएसएस) का निर्माण किया जाना है। अन्य सब स्टेशन दिल्ली के सराय काले खां, मुरादनगर, मेरठ शताब्दीनगर और मोदीपुरम में स्थापित किए जाएंगे। फिलहाल गाजियाबाद में पहले आरएसएस का निर्माण शुरू किया गया है। साथ ही सब स्टेशन में लगाए जाने वाले उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर आ चुके हैं। सब-स्टेशनों तक 220 केवी की लाइन आएगी। इसके लिए एनसीआरटीसी और यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के बीच करार हुआ है। आरएसएस के जरिए रैपिड कॉरिडोर को निर्बाध बिजली की सप्लाई सुनिश्चित होगी।
---
वातानुकूलित उपकरणों में पर्यावरण अनुकूल गैस का होगा इस्तेमाल:
एनसीआरटीसी की ओर से सभी स्टेशन को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के उच्च स्तरीय मानकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। स्टेशन में सभी बड़े ट्रांसफार्मर और बिजली उपकरणों के लिए इस्तेमाल होने वाले वातानुकूलित उपकरणों में पर्यावरण के अनुकूल गैस का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा सब-स्टेशन परिसर में वर्षा जल संचयन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, एलईडी लाइट के साथ प्राकृतिक रोशनी और हवादार भवन का निर्माण किया जा रहा है।
विज्ञापन
---
कोट..
पटरियों को बिछाने व ओएचई के लिए पोल लगाने का काम जारी:
पहले प्राथमिकता वाले खंड में दुहाई से गुलधर के बीच उच्च क्षमता और कम रखरखाव वाली पटरियों को बिछाने का काम जारी है। साथ ही ओवर हेड वायर (ओएचई) लगाने से पहले पोल लगाने का काम तेज गति से किया जा रहा है। -- पुनीत वत्स, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी
----
विज्ञापन
गाजियाबाद। साहिबाबाद से दुहाई तक रैपिड के 17 किमी लंबे पहले प्राथमिकता खंड पर ट्रायल रन की दिशा में एनसीआरटीसी की ओर से तेजी से कार्य किया जा रहा है। ट्रायल रन के लिए जरूरी बिजली आपूर्ति पर काम शुरू हो गया है। दिल्ली-मेरठ तिराहे के पास रेलवे लाइन के बराबर प्राथमिकता खंड का इकलौता रिसीविंग सब-स्टेशन (आरएसएस) का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो गया है। इस सब स्टेशन से ट्रेनों के संचालन के लिए 25 केवी और स्टेशनों पर बिजली आपूर्ति केलिए 33 केवी की लाइन से बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
---
यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन से एनसीआरटीसी का करार:
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक 82 किमी लंबे देश के पहले रीजनल रेल कॉरिडोर में बिजली आपूर्ति के लिए कुल पांच रिसीविंग सब-स्टेशन (आरएसएस) का निर्माण किया जाना है। अन्य सब स्टेशन दिल्ली के सराय काले खां, मुरादनगर, मेरठ शताब्दीनगर और मोदीपुरम में स्थापित किए जाएंगे। फिलहाल गाजियाबाद में पहले आरएसएस का निर्माण शुरू किया गया है। साथ ही सब स्टेशन में लगाए जाने वाले उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर आ चुके हैं। सब-स्टेशनों तक 220 केवी की लाइन आएगी। इसके लिए एनसीआरटीसी और यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के बीच करार हुआ है। आरएसएस के जरिए रैपिड कॉरिडोर को निर्बाध बिजली की सप्लाई सुनिश्चित होगी।
विज्ञापन
---
वातानुकूलित उपकरणों में पर्यावरण अनुकूल गैस का होगा इस्तेमाल:
एनसीआरटीसी की ओर से सभी स्टेशन को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के उच्च स्तरीय मानकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। स्टेशन में सभी बड़े ट्रांसफार्मर और बिजली उपकरणों के लिए इस्तेमाल होने वाले वातानुकूलित उपकरणों में पर्यावरण के अनुकूल गैस का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा सब-स्टेशन परिसर में वर्षा जल संचयन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, एलईडी लाइट के साथ प्राकृतिक रोशनी और हवादार भवन का निर्माण किया जा रहा है।
विज्ञापन
---
कोट..
पटरियों को बिछाने व ओएचई के लिए पोल लगाने का काम जारी:
पहले प्राथमिकता वाले खंड में दुहाई से गुलधर के बीच उच्च क्षमता और कम रखरखाव वाली पटरियों को बिछाने का काम जारी है। साथ ही ओवर हेड वायर (ओएचई) लगाने से पहले पोल लगाने का काम तेज गति से किया जा रहा है। -- पुनीत वत्स, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी
----