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साइबर अपराधियों ने दो लोगों से ठगे एक लाख 63 हजार
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साइबर अपराधियों ने दो लोगों से ठगे एक लाख 63 हजार
इंदिरापुरम। साइबर अपराधियों ने दो अलग-अलग मामलों में एक लाख 63 हजार रुपये की ठगी की है। ऑनलाइन वेबसाइट पर एसी बुकिंग कराने के बहाने वसुंधरा सेक्टर-17 निवासी धीरज शर्मा को 43 हजार रुपये का चूना लगाया है। वहीं, वैशाली सेक्टर-4 निवासी एक निजी कंपनी के महाप्रबंधक राजीव को फोन पर बेटे का एक्सीडेंट होने की सूचना देकर उनसे खाते में एक लाख 20 हजार रुपये ठगों ने ट्रांसफर करा लिए। दोनों ने कौशांबी थाने में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। राजीव ने बताया कि 11 फरवरी को उनके पास अनजान नंबर से कॉल आया था जिसमें शातिर ने खुद को उनका दोस्त अखिलेश बताया। इसके बाद अखिलेश ने अपने बेटे का एक्सीडेंट होने और उसके अस्पताल में भर्ती होने का हवाला देते हुए इलाज के लिए दो लाख रुपये की मांग की। राजीव ने अखिलेश की बातों पर विश्वास करते हुए उसके खाते में 90 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। राजीव ने मदद के नाम पर अपने सहकर्मी संतोष केसरवानी से भी 30 हजार रुपये का भुगतान करा दिया। अगले दिन उन्होंने अखिलेश को बेटे का हाल जानने के लिए फोन किया तो परिवार ने ऐसी कोई घटना होने से इनकार कर दिया। इससे उनके होश उड़ गए। उन्होंने 14 फरवरी को पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी। अब उनकी शिकायत के आधार पर कौशांबी थाने में ठगी की रिपोर्ट दर्ज हुई है।
इंदिरापुरम निवासी धीरज शर्मा ने 19 फरवरी को एक ऑनलाइन वेबसाइट से दो एसी बुक किए थे। इस बाबत उन्होंने 43 हजार 481 रुपये भी ऑनलाइन जमा कर दिए। कुछ देर बाद ग्राहक सेवा केंद्र से फोन आया और कॉलर ने उन्हें पांच से छह दिन में एसी डिलीवर करने के लिए कहा। आरोप है कि पांच मार्च तक भी एसी डिलीवर न होने पर उन्होंने वेबसाइट चेक की। इसके बाद फोन पर बात करने का प्रयास किया तो कॉल नहीं लगा। खोजबीन करने के बाद खुद के साथ ठगी होने का अहसास हुआ। बाद में साइबर सेल को शिकायत दी। अब उनकी शिकायत पर कौशांबी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। साइबर सेल प्रभारी अभय कुमार मिश्रा का कहना है कि बैंक से हुई ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। सुराग मिलने पर ठगों का पता चल जाएगा। जांच पूरी होने के बाद जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
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इंदिरापुरम। साइबर अपराधियों ने दो अलग-अलग मामलों में एक लाख 63 हजार रुपये की ठगी की है। ऑनलाइन वेबसाइट पर एसी बुकिंग कराने के बहाने वसुंधरा सेक्टर-17 निवासी धीरज शर्मा को 43 हजार रुपये का चूना लगाया है। वहीं, वैशाली सेक्टर-4 निवासी एक निजी कंपनी के महाप्रबंधक राजीव को फोन पर बेटे का एक्सीडेंट होने की सूचना देकर उनसे खाते में एक लाख 20 हजार रुपये ठगों ने ट्रांसफर करा लिए। दोनों ने कौशांबी थाने में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। राजीव ने बताया कि 11 फरवरी को उनके पास अनजान नंबर से कॉल आया था जिसमें शातिर ने खुद को उनका दोस्त अखिलेश बताया। इसके बाद अखिलेश ने अपने बेटे का एक्सीडेंट होने और उसके अस्पताल में भर्ती होने का हवाला देते हुए इलाज के लिए दो लाख रुपये की मांग की। राजीव ने अखिलेश की बातों पर विश्वास करते हुए उसके खाते में 90 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। राजीव ने मदद के नाम पर अपने सहकर्मी संतोष केसरवानी से भी 30 हजार रुपये का भुगतान करा दिया। अगले दिन उन्होंने अखिलेश को बेटे का हाल जानने के लिए फोन किया तो परिवार ने ऐसी कोई घटना होने से इनकार कर दिया। इससे उनके होश उड़ गए। उन्होंने 14 फरवरी को पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी। अब उनकी शिकायत के आधार पर कौशांबी थाने में ठगी की रिपोर्ट दर्ज हुई है।
इंदिरापुरम निवासी धीरज शर्मा ने 19 फरवरी को एक ऑनलाइन वेबसाइट से दो एसी बुक किए थे। इस बाबत उन्होंने 43 हजार 481 रुपये भी ऑनलाइन जमा कर दिए। कुछ देर बाद ग्राहक सेवा केंद्र से फोन आया और कॉलर ने उन्हें पांच से छह दिन में एसी डिलीवर करने के लिए कहा। आरोप है कि पांच मार्च तक भी एसी डिलीवर न होने पर उन्होंने वेबसाइट चेक की। इसके बाद फोन पर बात करने का प्रयास किया तो कॉल नहीं लगा। खोजबीन करने के बाद खुद के साथ ठगी होने का अहसास हुआ। बाद में साइबर सेल को शिकायत दी। अब उनकी शिकायत पर कौशांबी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। साइबर सेल प्रभारी अभय कुमार मिश्रा का कहना है कि बैंक से हुई ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। सुराग मिलने पर ठगों का पता चल जाएगा। जांच पूरी होने के बाद जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
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