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डीएलएफ के फ्लैट में भीषण आग, कमरे में सो रहे बुजुर्ग की झुलसने से दर्दनाक मौत
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डीएलएफ के फ्लैट में लगी आग, कमरे में सो रहे बुजुर्ग की मौत
साहिबाबाद। डीएलएफ कॉलोनी के बी ब्लॉक स्थित एलआईजी फ्लैट में शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे आग लग गई। हादसे के दौरान कमरे में सो रहे 50 वर्षीय आनंद डेनियल की झुलसने से मौत हो गई। पड़ोस की युवतियों ने धुआं फैलने पर परिवार को फोन कर सूचना दी। लोगों ने मदद कर मां-बेटी को फ्लैट से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पहुंची दमकल की गाड़ी ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के भेज दिया। उधर, आग लगने के दौरान दो कुत्तों को बचाते समय महिला सड़क पर गिरकर चोटिल हो गईं। उनका दिल्ली के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आनंद डेनियल पत्नी आशा और बेटी रबेला डेनियल के साथ बी ब्लॉक में ग्राउंड फ्लोर के फ्लैट में रहते थे। आशा दिल्ली के सेंट स्टीफन अस्पताल में स्टाफ नर्स हैं। 23 वर्षीय बेटी रबेला पढ़ाई करती हैं। शुक्रवार को परिवार के सदस्यों ने पड़ोसियों के साथ होली का त्योहार मनाया था। इसके बाद रात को सभी खाना खाकर सो गए। सुबह करीब 4:30 बजे पड़ोसी की युवती अपने बच्चों को दूध पिलाने के लिए उठी तो उसे धुएं की बदबू से सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी। उसने अपनी बहन को उठाकर बाहर देखने के लिए भेजा। तो आनंद के कमरे से धुआं निकलता नजर आया। युवती ने तुरंत आशा को फोन कर इसकी सूचना दी। जैसे ही आशा नींद से उठकर लाइट जलाने उठी तो पूरे कमरे में धुआं फैला हुआ था। कोई भी जगह नजर नहीं आ रही थी। उन्होंने रबेला को उठाया। दोनों ने आनंद के कमरे तक पहुंचने की कोशिश की, मगर धुआं काफी ज्यादा होने की वजह से वह वहां तक नहीं पहुंच सकी। इस बीच पड़ोसियों ने दोनों को सकुशल बाहर निकाला। अन्य फ्लैट के लोग भी मदद के लिए बाहर आए, लेकिन आग फैलने पर फ्लैट में अंदर नहीं जा सके। उन्होंने दमकल विभाग को आग की सूचना दी। फायर कर्मियों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। लेकिन इस हादसे में कमरे में सो रहे आनंद की झुलसने से मौके पर मौत हो गई।
पड़ोसी से मांगी चादर
बताया कि आग लगने के दौरान आशा ने पड़ोसी से बेड की चादर मांगी थी जिसकी मदद से वह आनंद के कमरे तक पहुंच सकें। मगर आग इतनी तेजी से फैली कि वह फ्लैट में दोबारा नहीं घुस सकीं। इसके बाद उन्होंने दो कुत्तों को काफी मशक्कत कर बचा लिया, लेकिन वह सड़क पर गिरने से खुद घायल हो गईं। उन्हें पड़ोसियों ने दिल्ली के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है।
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आग के कारण की जांच
सीएफओ सुनील कुमार सिंह का कहना है कि फ्लैट में आग कैसे लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। इस बारे में जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि फ्लैट में बिजली के तारों के बीच शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी हो। फिलहाल जांच पूरी होने के बाद ही कारण पता चलेगा। उधर, आग से फ्लैट में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। इससे परिवार को काफी नुकसान हुआ है।
साहिबाबाद थाना प्रभारी नागेंद्र चौबे ने बताया कि सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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साहिबाबाद। डीएलएफ कॉलोनी के बी ब्लॉक स्थित एलआईजी फ्लैट में शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे आग लग गई। हादसे के दौरान कमरे में सो रहे 50 वर्षीय आनंद डेनियल की झुलसने से मौत हो गई। पड़ोस की युवतियों ने धुआं फैलने पर परिवार को फोन कर सूचना दी। लोगों ने मदद कर मां-बेटी को फ्लैट से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पहुंची दमकल की गाड़ी ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के भेज दिया। उधर, आग लगने के दौरान दो कुत्तों को बचाते समय महिला सड़क पर गिरकर चोटिल हो गईं। उनका दिल्ली के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आनंद डेनियल पत्नी आशा और बेटी रबेला डेनियल के साथ बी ब्लॉक में ग्राउंड फ्लोर के फ्लैट में रहते थे। आशा दिल्ली के सेंट स्टीफन अस्पताल में स्टाफ नर्स हैं। 23 वर्षीय बेटी रबेला पढ़ाई करती हैं। शुक्रवार को परिवार के सदस्यों ने पड़ोसियों के साथ होली का त्योहार मनाया था। इसके बाद रात को सभी खाना खाकर सो गए। सुबह करीब 4:30 बजे पड़ोसी की युवती अपने बच्चों को दूध पिलाने के लिए उठी तो उसे धुएं की बदबू से सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी। उसने अपनी बहन को उठाकर बाहर देखने के लिए भेजा। तो आनंद के कमरे से धुआं निकलता नजर आया। युवती ने तुरंत आशा को फोन कर इसकी सूचना दी। जैसे ही आशा नींद से उठकर लाइट जलाने उठी तो पूरे कमरे में धुआं फैला हुआ था। कोई भी जगह नजर नहीं आ रही थी। उन्होंने रबेला को उठाया। दोनों ने आनंद के कमरे तक पहुंचने की कोशिश की, मगर धुआं काफी ज्यादा होने की वजह से वह वहां तक नहीं पहुंच सकी। इस बीच पड़ोसियों ने दोनों को सकुशल बाहर निकाला। अन्य फ्लैट के लोग भी मदद के लिए बाहर आए, लेकिन आग फैलने पर फ्लैट में अंदर नहीं जा सके। उन्होंने दमकल विभाग को आग की सूचना दी। फायर कर्मियों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। लेकिन इस हादसे में कमरे में सो रहे आनंद की झुलसने से मौके पर मौत हो गई।
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पड़ोसी से मांगी चादर
बताया कि आग लगने के दौरान आशा ने पड़ोसी से बेड की चादर मांगी थी जिसकी मदद से वह आनंद के कमरे तक पहुंच सकें। मगर आग इतनी तेजी से फैली कि वह फ्लैट में दोबारा नहीं घुस सकीं। इसके बाद उन्होंने दो कुत्तों को काफी मशक्कत कर बचा लिया, लेकिन वह सड़क पर गिरने से खुद घायल हो गईं। उन्हें पड़ोसियों ने दिल्ली के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है।
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आग के कारण की जांच
सीएफओ सुनील कुमार सिंह का कहना है कि फ्लैट में आग कैसे लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। इस बारे में जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि फ्लैट में बिजली के तारों के बीच शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी हो। फिलहाल जांच पूरी होने के बाद ही कारण पता चलेगा। उधर, आग से फ्लैट में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। इससे परिवार को काफी नुकसान हुआ है।
साहिबाबाद थाना प्रभारी नागेंद्र चौबे ने बताया कि सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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