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बैंकों में खोले थे 100 खाते, हैकरों को देता था एटीएम कार्ड, गिरफ्तार
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बैंकों में खोले थे 100 खाते, हैकरों को देता था एटीएम कार्ड, गिरफ्तार
इंदिरापुरम। साइबर सेल ने 250 एटीएम को हैक कर करोड़ों रुपये निकालने वाले शाहनवाज गिरोह के फरार शातिर पंकज तलवार को गिरफ्तार कर लिया है। वह गिरोह को एक हजार रुपये में फर्जी आईडी पर सिम और पांच हजार रुपये में एटीएम कार्ड उपलब्ध कराता था। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और आरसी के अलावा पासबुक बरामद की है। पूछताछ के बाद इंदिरापुरम पुलिस ने उसके अन्य साथियों की तलाश शुरू कर दी है।
साइबर सेल के नोडल अधिकारी अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि शालीमार गार्डन के निधि अपार्टमेंट में रहने वाला पंकज तलवार एटीएम हैकरों के साथ मिलकर घटनाओं को अंजाम देता था। उसके पास पांच अलग-अलग राज्यों के फर्जी आधार कार्ड और पहचान पत्र हैं। जिसके आधार पर वह दिल्ली-एनसीआर के बैंकों में अलग-अलग नाम और पते पर फर्जी 100 खाते खुलवाया था। पंकज इतना शातिर है कि वह एटीएम को पहले ही ब्लॉक कर देता था। जिससे हैकर जब भी वारदात करने जाते थे, तो पुलिस से बचने के लिए वह पैसे निकालते वक्त एटीएम ब्लॉक होने का बहाना बना देते थे। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि शातिर पंकज दिल्ली-एनसीआर के दस एटीएम हैकरों के संपर्क में रहता था और उन्हें कार्ड व फर्जी सिम उपलब्ध कराता था।
पूर्व में मुंबई की निजी कंपनी में काम करता था पंकज
साइबर सेल के प्रभारी उपनिरीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि शातिर पंकज पूर्व में मुंबई की निजी कंपनी में नौकरी करता था। नौकरी के दौरान ही वह गिरोह के संपर्क में आया था। सबसे पहले उसने अपने बेटे अक्षय तलवार को भी ठगी के गिरोह में डाला था। अक्षय को साइबर सेल ने विदेशी नागरिकों के साथ साइबर ठगी करने के आरोप में जेल भेजा था। फिलहाल टीम अब गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
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खातों में डलवाता था गिरोह के पैसे
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पंकज फर्जी खाते खोलकर एटीएम हैकरों के पैसे अपने खाते में डलवाता था। इसके लिए वह कुछ प्रतिशत पैसा भी लेता था। जांच में सामने आया है कि अभी तक उसने दस खातों में विभिन्न गिरोह से पैसे डलवाए थे। मगर पुलिस ने उसे पकड़कर गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।
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इंदिरापुरम। साइबर सेल ने 250 एटीएम को हैक कर करोड़ों रुपये निकालने वाले शाहनवाज गिरोह के फरार शातिर पंकज तलवार को गिरफ्तार कर लिया है। वह गिरोह को एक हजार रुपये में फर्जी आईडी पर सिम और पांच हजार रुपये में एटीएम कार्ड उपलब्ध कराता था। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और आरसी के अलावा पासबुक बरामद की है। पूछताछ के बाद इंदिरापुरम पुलिस ने उसके अन्य साथियों की तलाश शुरू कर दी है।
साइबर सेल के नोडल अधिकारी अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि शालीमार गार्डन के निधि अपार्टमेंट में रहने वाला पंकज तलवार एटीएम हैकरों के साथ मिलकर घटनाओं को अंजाम देता था। उसके पास पांच अलग-अलग राज्यों के फर्जी आधार कार्ड और पहचान पत्र हैं। जिसके आधार पर वह दिल्ली-एनसीआर के बैंकों में अलग-अलग नाम और पते पर फर्जी 100 खाते खुलवाया था। पंकज इतना शातिर है कि वह एटीएम को पहले ही ब्लॉक कर देता था। जिससे हैकर जब भी वारदात करने जाते थे, तो पुलिस से बचने के लिए वह पैसे निकालते वक्त एटीएम ब्लॉक होने का बहाना बना देते थे। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि शातिर पंकज दिल्ली-एनसीआर के दस एटीएम हैकरों के संपर्क में रहता था और उन्हें कार्ड व फर्जी सिम उपलब्ध कराता था।
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पूर्व में मुंबई की निजी कंपनी में काम करता था पंकज
साइबर सेल के प्रभारी उपनिरीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि शातिर पंकज पूर्व में मुंबई की निजी कंपनी में नौकरी करता था। नौकरी के दौरान ही वह गिरोह के संपर्क में आया था। सबसे पहले उसने अपने बेटे अक्षय तलवार को भी ठगी के गिरोह में डाला था। अक्षय को साइबर सेल ने विदेशी नागरिकों के साथ साइबर ठगी करने के आरोप में जेल भेजा था। फिलहाल टीम अब गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
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खातों में डलवाता था गिरोह के पैसे
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पंकज फर्जी खाते खोलकर एटीएम हैकरों के पैसे अपने खाते में डलवाता था। इसके लिए वह कुछ प्रतिशत पैसा भी लेता था। जांच में सामने आया है कि अभी तक उसने दस खातों में विभिन्न गिरोह से पैसे डलवाए थे। मगर पुलिस ने उसे पकड़कर गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।