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थाने में टॉर्चर करने के मामले में एसएसपी से मिले पीड़ित
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थाने में टॉर्चर करने के मामले में एसएसपी से मिले पीड़ित
इंदिरापुरम। इंदिरापुरम थाने में टॉर्चर करने के मामले में पीड़ित जितेंद्र बृहस्पतिवार को एसएसपी पवन कुमार से मिले। पीड़ित का कहना है कि उन्हें पुलिस की कार्रवाई पर कम भरोसा है। वह मुख्यमंत्री से मिलकर उच्च स्तर की जांच की मांग करेंगे।
पीड़ित जितेंद्र ने बताया कि मामले में उनसे अभी तक आरोपी पुलिसकर्मियों की पहचान नहीं कराई गई है। जबकि नोएडा पुलिस आरोपी राजिंद्र यादव और अमित की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। मगर उसमें अभी तक सफलता नहीं मिली है। ऐसे में उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। बृहस्पतिवार को गाजियाबाद एसएसपी को मामले से अवगत कराया गया। पीड़ित के मुताबिक नोएडा निवासी राजिंद्र और अमित के साथ 23 अक्तूबर की सुबह इंदिरापुरम एसएचओ लिखी गाड़ी में चार पुलिसकर्मी उनके घर आए और फिर जबरन गाड़ी में बैठाकर इंदिरापुरम थाने ले आए। थाने में उन्हें करीब छह घंटे तक टॉर्चर किया गया। उन्हें जातिसूचक शब्द कहे। ताऊ लीलू, सलेखचंद और जितेंद्र पर दबाव बनाकर पांच-पांच लाख रुपये के दो चेक पर साइन कराकर ले लिए थे। शाम को उन्हें डराकर छोड़ दिया गया। वह किसी तरह ई-रिक्शा चालक की मदद से अपने नोएडा स्थित घर पहुंचे और पुलिस से संपर्क कर नोएडा फेज-3 थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा करा दिया। जिसमें पीड़ित लीलू ने चार पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया है। उन्होंने एसएसपी को दी शिकायत में कहा है कि यदि उनसे पुलिसकर्मियों की पहचान कराई जाए तो वह सभी को पहचान सकते हैं। पीड़ित ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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इंदिरापुरम। इंदिरापुरम थाने में टॉर्चर करने के मामले में पीड़ित जितेंद्र बृहस्पतिवार को एसएसपी पवन कुमार से मिले। पीड़ित का कहना है कि उन्हें पुलिस की कार्रवाई पर कम भरोसा है। वह मुख्यमंत्री से मिलकर उच्च स्तर की जांच की मांग करेंगे।
पीड़ित जितेंद्र ने बताया कि मामले में उनसे अभी तक आरोपी पुलिसकर्मियों की पहचान नहीं कराई गई है। जबकि नोएडा पुलिस आरोपी राजिंद्र यादव और अमित की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। मगर उसमें अभी तक सफलता नहीं मिली है। ऐसे में उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। बृहस्पतिवार को गाजियाबाद एसएसपी को मामले से अवगत कराया गया। पीड़ित के मुताबिक नोएडा निवासी राजिंद्र और अमित के साथ 23 अक्तूबर की सुबह इंदिरापुरम एसएचओ लिखी गाड़ी में चार पुलिसकर्मी उनके घर आए और फिर जबरन गाड़ी में बैठाकर इंदिरापुरम थाने ले आए। थाने में उन्हें करीब छह घंटे तक टॉर्चर किया गया। उन्हें जातिसूचक शब्द कहे। ताऊ लीलू, सलेखचंद और जितेंद्र पर दबाव बनाकर पांच-पांच लाख रुपये के दो चेक पर साइन कराकर ले लिए थे। शाम को उन्हें डराकर छोड़ दिया गया। वह किसी तरह ई-रिक्शा चालक की मदद से अपने नोएडा स्थित घर पहुंचे और पुलिस से संपर्क कर नोएडा फेज-3 थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा करा दिया। जिसमें पीड़ित लीलू ने चार पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया है। उन्होंने एसएसपी को दी शिकायत में कहा है कि यदि उनसे पुलिसकर्मियों की पहचान कराई जाए तो वह सभी को पहचान सकते हैं। पीड़ित ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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