{"_id":"623a2c371cb1413e4967a254","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-news-gbd2357425180","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंबुलेंस नहीं मिलने से बुजुर्ग की मौत की जांच दो महीने बाद भी अधूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंबुलेंस नहीं मिलने से बुजुर्ग की मौत की जांच दो महीने बाद भी अधूरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एंबुलेंस नहीं मिलने से बुजुर्ग की मौत की जांच दो महीने बाद भी अधूरी
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में दो महीने पहले लावारिस बुजुर्ग की मौत के मामले में अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है। जांच अधिकारी का कहना है कि कोरोना संक्रमण कम होने के बाद कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित होने से समय नहीं मिल पाया, दोबारा नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी गई है।
20 जनवरी को 65 वर्षीय बुजुर्ग को तबीयत खराब होने पर वृद्धाश्रम से सीएचसी मुरादनगर ले जाया गया था। वहां से बुजुर्ग को जिला एमएमजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। वहां पर जांच के दौरान कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद संतोष अस्पताल रेफर कर दिया गया था। बुजुर्ग को एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस (एएलएस) की जरूरत थी, लेकिन रात तक भी बुजुर्ग को एएलएस एंबुलेंस नहीं मिल पाई थी, इस दौरान बुजुर्ग को दो बार सामान्य एंबुलेंस के जरिए भेजा भी गया, एक बार संतोष अस्पताल ने भर्ती नहीं किया था, जबकि दूसरी बार एंबुलेंस खराब हो गई थी। रात में बुजुर्ग को मेरठ रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। इसके बाद एंबुलेंस चालक शव को वापस एमएमजी अस्पताल ले आया। इस मामले में सीएमओ डॉॅ. भवतोष शंखधार ने जांच कमेटी बनाई थी। उसमें एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी और जिला एमएमजी अस्पताल के डॉ. एके दीक्षित को शामिल किया गया। मामले को लेकर जिले में एंबुलेंस संचालन करने वाली एजेंसी के प्रभारी संतोष अस्पताल प्रबंधन समेत 9 लोगों को नोटिस जारी किया था। 72 घंटे में जवाब देने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक किसी की ओर से भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया।
एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी का कहना है कि घटना वाले दिन अस्पताल में एएलएस एंबुलेंस नहीं थीं, लेकिन सामान्य एंबुलेंसों में भी ऑक्सीजन की व्यवस्था है। बुजुर्ग को तुरंत सामान्य एंबुलेंस से ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ क्यों नहीं भेजा गया। इसमें किसकी कमी रही, इसकी जांच की जा रही है। जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी को रिमाइंडर भेज कर तुरंत जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में दो महीने पहले लावारिस बुजुर्ग की मौत के मामले में अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है। जांच अधिकारी का कहना है कि कोरोना संक्रमण कम होने के बाद कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित होने से समय नहीं मिल पाया, दोबारा नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी गई है।
20 जनवरी को 65 वर्षीय बुजुर्ग को तबीयत खराब होने पर वृद्धाश्रम से सीएचसी मुरादनगर ले जाया गया था। वहां से बुजुर्ग को जिला एमएमजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। वहां पर जांच के दौरान कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद संतोष अस्पताल रेफर कर दिया गया था। बुजुर्ग को एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस (एएलएस) की जरूरत थी, लेकिन रात तक भी बुजुर्ग को एएलएस एंबुलेंस नहीं मिल पाई थी, इस दौरान बुजुर्ग को दो बार सामान्य एंबुलेंस के जरिए भेजा भी गया, एक बार संतोष अस्पताल ने भर्ती नहीं किया था, जबकि दूसरी बार एंबुलेंस खराब हो गई थी। रात में बुजुर्ग को मेरठ रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। इसके बाद एंबुलेंस चालक शव को वापस एमएमजी अस्पताल ले आया। इस मामले में सीएमओ डॉॅ. भवतोष शंखधार ने जांच कमेटी बनाई थी। उसमें एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी और जिला एमएमजी अस्पताल के डॉ. एके दीक्षित को शामिल किया गया। मामले को लेकर जिले में एंबुलेंस संचालन करने वाली एजेंसी के प्रभारी संतोष अस्पताल प्रबंधन समेत 9 लोगों को नोटिस जारी किया था। 72 घंटे में जवाब देने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक किसी की ओर से भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया।
विज्ञापन
एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी का कहना है कि घटना वाले दिन अस्पताल में एएलएस एंबुलेंस नहीं थीं, लेकिन सामान्य एंबुलेंसों में भी ऑक्सीजन की व्यवस्था है। बुजुर्ग को तुरंत सामान्य एंबुलेंस से ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ क्यों नहीं भेजा गया। इसमें किसकी कमी रही, इसकी जांच की जा रही है। जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी को रिमाइंडर भेज कर तुरंत जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन