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डब्ल्यूएचओ की रैंकिंग में जिले का वन स्टॉप सेंटर दूसरे नंबर पर
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डब्ल्यूएचओ की रैंकिंग में जिले का वन स्टॉप सेंटर दूसरे नंबर पर
गाजियाबाद। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा के मामले सबसे अधिक बढ़े थे। प्रदेश भर में पहले स्थान पर गाजियाबाद था, जहां ऐसे मामले ज्यादा आए थे। उस दौरान त्वरित कार्रवाई और समस्याओं के निस्तारण को देखते हुए गाजियाबाद के वन स्टॉप सेंटर को बेहतर कार्य करने के लिए प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। यह सर्वे डब्ल्यूएचओ के प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज ने कराया गया था।
डीपीओ विकास चंद्र ने बताया कि किरोड़ीमल कॉलेज ने देशभर के 26 प्रदेशों के 699 वन स्टॉप सेंटर का सर्वे किया था, जिसमें यूपी के सात जिलों के वन स्टॉप सेंटर बेहतर कै टेगरी में चयनित हुए। पहले स्थान पर लखनऊ, दूसरे स्थान पर गाजियाबाद और तीसरे स्थान पर मेरठ रहा है। वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर निधि मलिक ने बताया कि कई बिंदुओं पर जांचा गया। इनमें गाजियाबाद में 930 केसों का निस्तारण हुआ। बाल विवाह को रोका गया। हेल्पलाइन नंबर के जरिये लोगों को राशन पहुंचवाना, जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सुविधाएं, ऑक्सीजन, बेड की व्यवस्था करना शामिल था। एक महिला को उसकी बहन फुसला कर बिहार ले गई थी वहां जाकर उससे वेश्यावृति करने के लिए मजबूर करने लगी थी। उस महिला को बिहार के वन स्टॉप सेंटर से समन्वय किया गया। जिले की टीम उसे वापस ले आई थी। कई शिकायतों में ऑनलाइन काउंसिलिंग से समाधान किया गया। ब्यूरो
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गाजियाबाद। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा के मामले सबसे अधिक बढ़े थे। प्रदेश भर में पहले स्थान पर गाजियाबाद था, जहां ऐसे मामले ज्यादा आए थे। उस दौरान त्वरित कार्रवाई और समस्याओं के निस्तारण को देखते हुए गाजियाबाद के वन स्टॉप सेंटर को बेहतर कार्य करने के लिए प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। यह सर्वे डब्ल्यूएचओ के प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज ने कराया गया था।
डीपीओ विकास चंद्र ने बताया कि किरोड़ीमल कॉलेज ने देशभर के 26 प्रदेशों के 699 वन स्टॉप सेंटर का सर्वे किया था, जिसमें यूपी के सात जिलों के वन स्टॉप सेंटर बेहतर कै टेगरी में चयनित हुए। पहले स्थान पर लखनऊ, दूसरे स्थान पर गाजियाबाद और तीसरे स्थान पर मेरठ रहा है। वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर निधि मलिक ने बताया कि कई बिंदुओं पर जांचा गया। इनमें गाजियाबाद में 930 केसों का निस्तारण हुआ। बाल विवाह को रोका गया। हेल्पलाइन नंबर के जरिये लोगों को राशन पहुंचवाना, जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सुविधाएं, ऑक्सीजन, बेड की व्यवस्था करना शामिल था। एक महिला को उसकी बहन फुसला कर बिहार ले गई थी वहां जाकर उससे वेश्यावृति करने के लिए मजबूर करने लगी थी। उस महिला को बिहार के वन स्टॉप सेंटर से समन्वय किया गया। जिले की टीम उसे वापस ले आई थी। कई शिकायतों में ऑनलाइन काउंसिलिंग से समाधान किया गया। ब्यूरो
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