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कब्जा देकर फ्लैटों की रजिस्ट्री न कराई तो एफआईआर दर्ज कराएगा प्रशासन
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कब्जा देकर फ्लैटों की रजिस्ट्री न कराई तो एफआईआर दर्ज कराएगा प्रशासन
गाजियाबाद। बिना रजिस्ट्री कराए फ्लैटों पर कब्जा देने वाले बिल्डरों पर स्टांप विभाग और प्रशासन कार्रवाई करेगा। फ्लैट खरीदारों से पूरा शुल्क ले लेने के बावजूद बिल्डर वर्षों तक रजिस्ट्री नहीं करा रहे हैं। इसकी वजह से सरकार को स्टांप शुल्क के रूप में मिलने वाला राजस्व नहीं मिल रहा है। प्रशासन सर्वे कराकर ऐसे बिल्डरों की जानकारी कराएगा। नोटिस जारी कर ऐसे बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
राजनगर एक्सटेंशन, इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली, एनएच-9 स्थित हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदारों को कब्जा तो दिया जा रहा है, लेकिन स्टांप विभाग को राजस्व नहीं मिल रहा है। पूर्व में स्टांप विभाग की ओर से कई बिल्डरों को नोटिस भेजे गए थे। इसके बाद बिल्डरों ने कई प्रोजेक्ट में फ्लैटों की रजिस्ट्री कराई है, लेकिन अभी भी हजारों की संख्या में ऐसे फ्लैट हैं जिनकी रजिस्ट्री कराए बिना ही आवंटियों को कब्जा दे दिया गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि स्टांप विभाग के माध्यम से सर्वे कराकर ऐसे बिल्डरों को चिह्नित किया जाएगा जो आवंटियों को कब्जा देकर फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं करा रहे हैं। यह बिल्डर आवंटियों से रजिस्ट्री का शुल्क भी वसूलकर अपने पास रख रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
ओटीएस स्कीम में आवेदन करेंगे तो स्टांप पैनल्टी में मिलेगी छूट
शासन ने स्टांप अपवंचन के मामलों का निपटान करने के लिए ओटीएस स्कीम शुरू की है। ऐसे लोग इस स्कीम का फायदा ले सकते हैं जिन्हें स्टांप अपवंचन के मामले में नोटिस जारी किया गया है। उन्हें स्टांप शुल्क के अंतर की रकम तो जमा करनी पड़ेगी, लेकिन पैनल्टी की रकम नहीं देनी पड़ेगी। एडीएम फाइनेंस विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि सात लोग इस ओटीएस स्कीम का फायदा ले चुके हैं। यह स्कीम मार्च 2022 तक चलेगी।
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गाजियाबाद। बिना रजिस्ट्री कराए फ्लैटों पर कब्जा देने वाले बिल्डरों पर स्टांप विभाग और प्रशासन कार्रवाई करेगा। फ्लैट खरीदारों से पूरा शुल्क ले लेने के बावजूद बिल्डर वर्षों तक रजिस्ट्री नहीं करा रहे हैं। इसकी वजह से सरकार को स्टांप शुल्क के रूप में मिलने वाला राजस्व नहीं मिल रहा है। प्रशासन सर्वे कराकर ऐसे बिल्डरों की जानकारी कराएगा। नोटिस जारी कर ऐसे बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
राजनगर एक्सटेंशन, इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली, एनएच-9 स्थित हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदारों को कब्जा तो दिया जा रहा है, लेकिन स्टांप विभाग को राजस्व नहीं मिल रहा है। पूर्व में स्टांप विभाग की ओर से कई बिल्डरों को नोटिस भेजे गए थे। इसके बाद बिल्डरों ने कई प्रोजेक्ट में फ्लैटों की रजिस्ट्री कराई है, लेकिन अभी भी हजारों की संख्या में ऐसे फ्लैट हैं जिनकी रजिस्ट्री कराए बिना ही आवंटियों को कब्जा दे दिया गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि स्टांप विभाग के माध्यम से सर्वे कराकर ऐसे बिल्डरों को चिह्नित किया जाएगा जो आवंटियों को कब्जा देकर फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं करा रहे हैं। यह बिल्डर आवंटियों से रजिस्ट्री का शुल्क भी वसूलकर अपने पास रख रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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ओटीएस स्कीम में आवेदन करेंगे तो स्टांप पैनल्टी में मिलेगी छूट
शासन ने स्टांप अपवंचन के मामलों का निपटान करने के लिए ओटीएस स्कीम शुरू की है। ऐसे लोग इस स्कीम का फायदा ले सकते हैं जिन्हें स्टांप अपवंचन के मामले में नोटिस जारी किया गया है। उन्हें स्टांप शुल्क के अंतर की रकम तो जमा करनी पड़ेगी, लेकिन पैनल्टी की रकम नहीं देनी पड़ेगी। एडीएम फाइनेंस विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि सात लोग इस ओटीएस स्कीम का फायदा ले चुके हैं। यह स्कीम मार्च 2022 तक चलेगी।
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