{"_id":"61688816787ab11e9a2fcfb4","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-news-gbd2277299129","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम ने नहीं उठाया तो लोगों ने कूड़ा जलाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम ने नहीं उठाया तो लोगों ने कूड़ा जलाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निगम ने नहीं उठाया तो लोगों ने कूड़ा जलाया
गाजियाबाद। डंपिंग ग्राउंड बंद हो जाने के बाद 10 दिन से शहर से कचरा नहीं उठ रहा है। नगर निगम ने कचरा निस्तारण के लिए मुरादनगर के शमशेरपुर गांव के पास नई जमीन चयनित कर किसान से अनुबंध करने के बाद बुधवार रात कचरा भेजा, लेकिन लोगों ने यहां भी विरोध कर दिया। कॉलोनियों में पड़े कचरे को लोगों ने जलाना शुरू कर दिया है। इससे शहर में प्रदूषण बढ़ जाएगा।
राजनगर एक्सटेंशन और गालंद में कचरा डालने पर रोक लगने के बाद अब नगर निगम के पास कचरा निस्तारण के लिए जगह नहीं बची है। राजनगर, कविनगर जैसे पॉश इलाकों से कचरा उठाकर चोरी-छिपे खाली जमीन पर डंप किया जा रहा है। अन्य कॉलोनियों में कूड़े के ढेर लगे हैं। निगम के अधिकारियों ने शमशेरपुर गांव के पास करीब 35 बीघा जमीन चयनित कर अनुबंध कर लिया था। बुधवार रात निगम अधिकारियों ने यहां करीब 30-40 गाड़ियां कूड़ा भरकर भेजी, लेकिन यहां भी विरोध हो गया। इसके बाद अफसरों ने यहां भी कचरा डालना बंद कर दिया।
जलते कचरे से बढ़ रहा प्रदूषण
बुधवार रात घंटाघर के पास और बजरिया में कचरे के ढेर में आग लगा दी गई। कूड़े में पड़ी पॉलीथिन, लकड़ी जलने से इलाके में धुआं फैल गया। कूड़े को जलाए जाने से निकलने वाली गैस और धुएं से लोगों का सांस लेना दूभर हो गया। घंटाघर क्षेत्र में भी दुकानों की साफ-सफाई से निकलने वाली पैकिंग, गत्ते और अन्य कचरा जलाए जाने की वजह से लोगों को परेशानी हुई। धुएं से शहर में प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाएगा। मौसम में नमी बढ़ने की वजह से यह धुआं आसमान में ज्यादा ऊपर तक नहीं पहुंच पाया और इसकी एक परत सी बन गई।
विज्ञापन
कचरा डालने पहुंचे कर्मियों को महिलाओं ने घेरा
गाजियाबाद। नगर निगम अधिकारियों को कूड़ा डालने के लिए जगह न मिली तो मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित हमदर्द ग्राउंड पर कूड़ा डाला जाने लगा। बृहस्पतिवार को निगम के वाहन चालक गाड़ियों में कूड़ा लेकर ग्राउंड पर पहुंचे तो लोगों का गुस्सा भड़क गया। क्षेत्रीय पार्षद जितेंद्र पाल और महिलाएं ग्राउंड पर पहुंची और कूड़ा डालने का काम रुकवा दिया। इसके बाद जोनल सैनिटरी इंस्पेक्टर अशोक कुमार, वाहन चालक यूनियन के पदाधिकारी और निगम के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने विरोध कर रहे लोगों को आश्वासन देकर शांत कराया। उनका कहना है कि छोटी गलियों से बड़ी गाड़ी ले जाकर कचरा नहीं उठाया जा सकता। इसके चलते छोटी गाड़ियों से कूड़ा उठाकर ग्राउंड में इकट्ठा किया जा रहा है और शुक्रवार को इसे उठवा लिया जाएगा। महिलाओं ने शुक्रवार को यहां से कूड़ा न उठाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
शर्मनाक : बदबू के बीच मनेगी विजयादशमी
गाजियाबाद। नवरात्र के बाद अब विजयादशमी (दशहरा) भी गंदगी व बदबू के बीच मनेगी। रामलीला मैदानों, धार्मिक स्थलों के आसपास भी कचरे के ढेर लगे हैं। ऐसे में दशहरे पर पुतला दहन देखने जाने वाले लोगों को भी गंदगी से होकर जाना पड़ेगा। त्योहारी सीजन में जहां लोग अपने घरों में साफ-सफाई में जुटे हैं, वहीं कॉलोनियों के मुख्य मार्गों पर कचरे के ढेर लग जाने से बदबू और गंदगी से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि निगम अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस समस्या का जल्द ही समाधान करने का दावा कर रहे हैं।
गालंद में पुलिस, प्रशासन के अधिकारियों किसानों से की बातचीत, नहीं बनी सहमति
गाजियाबाद। गालंद में कूड़ा डालने के विरोध के बाद बृहस्पतिवार को पिलखुवा के एसडीएम, सीओ और नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी किसानों से वार्ता करने पहुंचे। कूड़ा डालने का विरोध कर रहे किसानों से करीब दो घंटे चली वार्ता बेनतीजा रही। अब जल्द ही दोबारा वार्ता होगी।
एसडीएम और सीओ ने बताया कि आबादी से दूर इस क्षेत्र को सरकार ने कचरा निस्तारण के लिए ही अधिगृहीत किया है। किसानों का विरोध जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि लोग बेवजह विरोध कर सरकार की योजना में बाधा उत्पन्न न करे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार ने किसानों को बताया कि यहां कचरा डंप नहीं किया जाएगा, बल्कि आधुनिक मशीनों द्वारा उससे खाद बनाकर निस्तारित किया जाएगा। यहां वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वार्ता में सहमति नहीं बन पाई है। जल्द ही हापुड़ जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी किसानों से वार्ता करेंगे।
जिम्मेदार कौन
जल्द निकालेंगे समाधान
जहां भी कूड़ा डालते हैं, वहीं लोग विरोध कर रहे हैं। यह ठीक नहीं है, निस्तारण के लिए कही न कही तो कूड़ा इकट्ठा करना ही पड़ेगा। गालंद में कूड़ा निस्तारण कराए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अन्य क्षेत्र में भी जमीन तलाशी जा रही है। समस्या का जल्द समाधान हो जाएगा।
- आशा शर्मा, महापौर
विरोध का औचित्य नहीं
आबादी से 5-6 किमी दूर कूड़ा डाले जाने के विरोध का कोई औचित्य नहीं है। नगर आयुक्त से वार्ता की है। उन्होंने जल्द ही गालंद में कचरा भेजने की बात कही है। बृहस्पतिवार को भी कॉलोनियों से कचरा उठवाने की जानकारी दी गई है।
- अतुल गर्ग, स्वास्थ्य राज्यमंत्री
विज्ञापन
गाजियाबाद। डंपिंग ग्राउंड बंद हो जाने के बाद 10 दिन से शहर से कचरा नहीं उठ रहा है। नगर निगम ने कचरा निस्तारण के लिए मुरादनगर के शमशेरपुर गांव के पास नई जमीन चयनित कर किसान से अनुबंध करने के बाद बुधवार रात कचरा भेजा, लेकिन लोगों ने यहां भी विरोध कर दिया। कॉलोनियों में पड़े कचरे को लोगों ने जलाना शुरू कर दिया है। इससे शहर में प्रदूषण बढ़ जाएगा।
राजनगर एक्सटेंशन और गालंद में कचरा डालने पर रोक लगने के बाद अब नगर निगम के पास कचरा निस्तारण के लिए जगह नहीं बची है। राजनगर, कविनगर जैसे पॉश इलाकों से कचरा उठाकर चोरी-छिपे खाली जमीन पर डंप किया जा रहा है। अन्य कॉलोनियों में कूड़े के ढेर लगे हैं। निगम के अधिकारियों ने शमशेरपुर गांव के पास करीब 35 बीघा जमीन चयनित कर अनुबंध कर लिया था। बुधवार रात निगम अधिकारियों ने यहां करीब 30-40 गाड़ियां कूड़ा भरकर भेजी, लेकिन यहां भी विरोध हो गया। इसके बाद अफसरों ने यहां भी कचरा डालना बंद कर दिया।
विज्ञापन
जलते कचरे से बढ़ रहा प्रदूषण
बुधवार रात घंटाघर के पास और बजरिया में कचरे के ढेर में आग लगा दी गई। कूड़े में पड़ी पॉलीथिन, लकड़ी जलने से इलाके में धुआं फैल गया। कूड़े को जलाए जाने से निकलने वाली गैस और धुएं से लोगों का सांस लेना दूभर हो गया। घंटाघर क्षेत्र में भी दुकानों की साफ-सफाई से निकलने वाली पैकिंग, गत्ते और अन्य कचरा जलाए जाने की वजह से लोगों को परेशानी हुई। धुएं से शहर में प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाएगा। मौसम में नमी बढ़ने की वजह से यह धुआं आसमान में ज्यादा ऊपर तक नहीं पहुंच पाया और इसकी एक परत सी बन गई।
विज्ञापन
कचरा डालने पहुंचे कर्मियों को महिलाओं ने घेरा
गाजियाबाद। नगर निगम अधिकारियों को कूड़ा डालने के लिए जगह न मिली तो मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित हमदर्द ग्राउंड पर कूड़ा डाला जाने लगा। बृहस्पतिवार को निगम के वाहन चालक गाड़ियों में कूड़ा लेकर ग्राउंड पर पहुंचे तो लोगों का गुस्सा भड़क गया। क्षेत्रीय पार्षद जितेंद्र पाल और महिलाएं ग्राउंड पर पहुंची और कूड़ा डालने का काम रुकवा दिया। इसके बाद जोनल सैनिटरी इंस्पेक्टर अशोक कुमार, वाहन चालक यूनियन के पदाधिकारी और निगम के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने विरोध कर रहे लोगों को आश्वासन देकर शांत कराया। उनका कहना है कि छोटी गलियों से बड़ी गाड़ी ले जाकर कचरा नहीं उठाया जा सकता। इसके चलते छोटी गाड़ियों से कूड़ा उठाकर ग्राउंड में इकट्ठा किया जा रहा है और शुक्रवार को इसे उठवा लिया जाएगा। महिलाओं ने शुक्रवार को यहां से कूड़ा न उठाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
शर्मनाक : बदबू के बीच मनेगी विजयादशमी
गाजियाबाद। नवरात्र के बाद अब विजयादशमी (दशहरा) भी गंदगी व बदबू के बीच मनेगी। रामलीला मैदानों, धार्मिक स्थलों के आसपास भी कचरे के ढेर लगे हैं। ऐसे में दशहरे पर पुतला दहन देखने जाने वाले लोगों को भी गंदगी से होकर जाना पड़ेगा। त्योहारी सीजन में जहां लोग अपने घरों में साफ-सफाई में जुटे हैं, वहीं कॉलोनियों के मुख्य मार्गों पर कचरे के ढेर लग जाने से बदबू और गंदगी से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि निगम अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस समस्या का जल्द ही समाधान करने का दावा कर रहे हैं।
गालंद में पुलिस, प्रशासन के अधिकारियों किसानों से की बातचीत, नहीं बनी सहमति
गाजियाबाद। गालंद में कूड़ा डालने के विरोध के बाद बृहस्पतिवार को पिलखुवा के एसडीएम, सीओ और नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी किसानों से वार्ता करने पहुंचे। कूड़ा डालने का विरोध कर रहे किसानों से करीब दो घंटे चली वार्ता बेनतीजा रही। अब जल्द ही दोबारा वार्ता होगी।
एसडीएम और सीओ ने बताया कि आबादी से दूर इस क्षेत्र को सरकार ने कचरा निस्तारण के लिए ही अधिगृहीत किया है। किसानों का विरोध जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि लोग बेवजह विरोध कर सरकार की योजना में बाधा उत्पन्न न करे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार ने किसानों को बताया कि यहां कचरा डंप नहीं किया जाएगा, बल्कि आधुनिक मशीनों द्वारा उससे खाद बनाकर निस्तारित किया जाएगा। यहां वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वार्ता में सहमति नहीं बन पाई है। जल्द ही हापुड़ जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी किसानों से वार्ता करेंगे।
जिम्मेदार कौन
जल्द निकालेंगे समाधान
जहां भी कूड़ा डालते हैं, वहीं लोग विरोध कर रहे हैं। यह ठीक नहीं है, निस्तारण के लिए कही न कही तो कूड़ा इकट्ठा करना ही पड़ेगा। गालंद में कूड़ा निस्तारण कराए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अन्य क्षेत्र में भी जमीन तलाशी जा रही है। समस्या का जल्द समाधान हो जाएगा।
- आशा शर्मा, महापौर
विरोध का औचित्य नहीं
आबादी से 5-6 किमी दूर कूड़ा डाले जाने के विरोध का कोई औचित्य नहीं है। नगर आयुक्त से वार्ता की है। उन्होंने जल्द ही गालंद में कचरा भेजने की बात कही है। बृहस्पतिवार को भी कॉलोनियों से कचरा उठवाने की जानकारी दी गई है।
- अतुल गर्ग, स्वास्थ्य राज्यमंत्री