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फैक्टरी से पटाखों की खेप और तीन करोड़ का विस्फोटक मिला
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मधुबन बापूधाम में पटाखों की अवैध फैक्ट्री के मामले में पकड़े गए 6 आरोपी।
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फैक्टरी से पटाखों की खेप और तीन करोड़ का विस्फोटक मिला
गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम में मोरटा फाटक के पास सोमवार देर शाम पकड़ी गई अवैध पटाखा फैक्टरी से करीब तीन करोड़ रुपये का विस्फोटक बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक फैक्टरी की लैब में नाइट्रिक एसिड में सिल्वर मिलाकर सिल्वर नाइट्रेट तैयार किया जा रहा था और इसमें एथेनॉल मिलाकर खतरनाक रसायन सिल्वर फेलुमिनेट बनाया जा रहा था। इस विस्फोटक को पत्थर की बजरी में मिलाकर पटाखे बनाए जा रहे थे।
पुलिस के अनुसार फिरोजाबाद के मथुरा नगर निवासी रवि और आकाश, आर्यनगर निवासी राकेश, जीएल जैन कॉलेज के पीछे रहने वाले विष्णु, पीलीभीत के वीसलपुर निवासी संदीप और आंबेडकर नगर के फतेहपुर मानिकपुर निवासी अरविंद को गिरफ्तार किया गया है। रवि, संदीप और आकाश पटाखा फैक्टरी में लैब टेक्निशियन का काम देख रहे थे। राकेश और विष्णु सुपरवाइजर हैं, जबकि अरविंद मशीन ऑपरेटर है। फर्जी बिलों के सहारे दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की सप्लाई की जा रही थी। एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि पटाखों के खरीदार कौन हैं और विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री कहां से आ रही थी, इसका पता फैक्टरी संचालक की गिरफ्तारी के बाद ही चल सकेगा।
अब तक तीन पार्टनरों के नाम आए सामने
पुलिस के अनुसार फैक्टरी दिल्ली के त्रिनगर निवासी मनोज जैन की है। गीता कॉलोनी दिल्ली निवासी ललित गोयल और तरुण राय फैक्टरी में मनोज जैन के पार्टनर हैं। तीनों में बराबर साझेदारी है। तरुण राय की जिम्मेदारी फैक्टरी में विस्फोटक बनाने में काम आने वाली सामग्री नाइट्रिक एसिड, चांदी, एथेनॉल की सप्लाई करना था। तीनों पार्टनर फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
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नौसिखियों पर था विस्फोटक तैयार करने का जिम्मा
राजेश, विष्णु और अरविंद पर मैन्युफैक्चरिंग का जिम्मा था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि विस्फोटकयुक्त बजरी को मशीनों में भरकर पटाखे तैयार किए जाते थे। तैयार पटाखों का भंडारण कर मांग के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाता था। वहीं, लेब टेक्निशियन का काम देख रहे युवकों के पास कोई डिग्री नहीं थी।
यह माल हुआ बरामद
छह ड्रमों में भरा 1200 लीटर एथेनॉल, 10 कैन में भरा 200 लीटर नाइट्रिक एसिड, बजरी के 250 कट्टे, गत्ते के 9000 अनफोल्ड डिब्बे (छोटे-बड़े), प्लास्टिक के 20 रोल, 20 मेन्युफेक्चरिंग व पैकिंग मशीन, तैयार पटाखों के 400 डिब्बे, तैयार मिश्रण की 145 थैली, लैब के 75 बीकर, 20 खाली गैलन, तीन बाल्टी, एक स्टोव, वजन तोलने की मशीन, 32 रंग-बिरंगे बाउल, ग्लब्स, चश्मा, प्लास्टिक के घुटनों तक पहने जाने वाले जूते, अर्धनिर्मित विस्फोटक, रंग-बिरंगे रैपर तथा कुछ बिल बरामद हुए हैं।
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गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम में मोरटा फाटक के पास सोमवार देर शाम पकड़ी गई अवैध पटाखा फैक्टरी से करीब तीन करोड़ रुपये का विस्फोटक बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक फैक्टरी की लैब में नाइट्रिक एसिड में सिल्वर मिलाकर सिल्वर नाइट्रेट तैयार किया जा रहा था और इसमें एथेनॉल मिलाकर खतरनाक रसायन सिल्वर फेलुमिनेट बनाया जा रहा था। इस विस्फोटक को पत्थर की बजरी में मिलाकर पटाखे बनाए जा रहे थे।
पुलिस के अनुसार फिरोजाबाद के मथुरा नगर निवासी रवि और आकाश, आर्यनगर निवासी राकेश, जीएल जैन कॉलेज के पीछे रहने वाले विष्णु, पीलीभीत के वीसलपुर निवासी संदीप और आंबेडकर नगर के फतेहपुर मानिकपुर निवासी अरविंद को गिरफ्तार किया गया है। रवि, संदीप और आकाश पटाखा फैक्टरी में लैब टेक्निशियन का काम देख रहे थे। राकेश और विष्णु सुपरवाइजर हैं, जबकि अरविंद मशीन ऑपरेटर है। फर्जी बिलों के सहारे दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की सप्लाई की जा रही थी। एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि पटाखों के खरीदार कौन हैं और विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री कहां से आ रही थी, इसका पता फैक्टरी संचालक की गिरफ्तारी के बाद ही चल सकेगा।
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अब तक तीन पार्टनरों के नाम आए सामने
पुलिस के अनुसार फैक्टरी दिल्ली के त्रिनगर निवासी मनोज जैन की है। गीता कॉलोनी दिल्ली निवासी ललित गोयल और तरुण राय फैक्टरी में मनोज जैन के पार्टनर हैं। तीनों में बराबर साझेदारी है। तरुण राय की जिम्मेदारी फैक्टरी में विस्फोटक बनाने में काम आने वाली सामग्री नाइट्रिक एसिड, चांदी, एथेनॉल की सप्लाई करना था। तीनों पार्टनर फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
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नौसिखियों पर था विस्फोटक तैयार करने का जिम्मा
राजेश, विष्णु और अरविंद पर मैन्युफैक्चरिंग का जिम्मा था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि विस्फोटकयुक्त बजरी को मशीनों में भरकर पटाखे तैयार किए जाते थे। तैयार पटाखों का भंडारण कर मांग के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाता था। वहीं, लेब टेक्निशियन का काम देख रहे युवकों के पास कोई डिग्री नहीं थी।
यह माल हुआ बरामद
छह ड्रमों में भरा 1200 लीटर एथेनॉल, 10 कैन में भरा 200 लीटर नाइट्रिक एसिड, बजरी के 250 कट्टे, गत्ते के 9000 अनफोल्ड डिब्बे (छोटे-बड़े), प्लास्टिक के 20 रोल, 20 मेन्युफेक्चरिंग व पैकिंग मशीन, तैयार पटाखों के 400 डिब्बे, तैयार मिश्रण की 145 थैली, लैब के 75 बीकर, 20 खाली गैलन, तीन बाल्टी, एक स्टोव, वजन तोलने की मशीन, 32 रंग-बिरंगे बाउल, ग्लब्स, चश्मा, प्लास्टिक के घुटनों तक पहने जाने वाले जूते, अर्धनिर्मित विस्फोटक, रंग-बिरंगे रैपर तथा कुछ बिल बरामद हुए हैं।