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मंदिर में सख्ती बरतने पर महंत और पुलिस में नोकझोंक
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डासना देवी मंदिर के गेट पर महंत और एएसपी में होती नोकझोंक.
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मंदिर में सख्ती बरतने पर महंत और पुलिस में नोकझोंक
गाजियाबाद। डासना देवी मंदिर में रविवार रात दूसरे समुदाय के बालक द्वारा प्रवेश करने के बाद पुलिस ने सख्ती बरत दी। बिना आधार कार्ड दिखाए किसी की एंट्री न होने पर सोमवार को माहौल गरमा गया। इस बात को लेकर महंत और एएसपी में नोकझोंक भी हुई। नोकझोंक की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। वहीं, मंदिर के मुख्य सेवादार अनिल यादव ने बालक द्वारा रेकी करने का आरोप लगाते हुए मसूरी थाने में तहरीर दी है।
रविवार रात दूसरे समुदाय का 10 वर्षीय बालक डासना देवी मंदिर में घुस गया था। महंत यति नरसिंहानंद ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। उन्होंने कहा था कट्टरपंथी लोग उनकी हत्या की फिराक में हैं। पूर्व में कई बार उन पर हत्या की कोशिश हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ वारदात करने के लिए बालक द्वारा रेकी कराई गई। वहीं, पुलिस ने जांच की तो बालक बेकसूर निकला। एएसपी आकाश पटेल के मुताबिक बालक की भाभी मंदिर के बराबर में सीएचसी पर भर्ती थी। बालक को मंदिर की जानकारी नहीं थी। भीड़ देखकर वह मंदिर के अंदर चला गया। जांच के बाद बालक को परिजनों के हवाले कर पुलिस ने मंदिर की सुरक्षा कड़ी कर दी थी। अधिकारियों ने आदेश दिया था कि कोई भी व्यक्ति बिना आधार कार्ड दिखाए अंदर प्रवेश न कर पाए। इस बात का मंदिर महंत ने विरोध किया था।
तैश में आए महंत बोले- मंदिर पर ताला लगाओ, एसएसपी को चाबी सौंपो
पुलिस ने सख्ती बरती तो सोमवार को महंत यति नरसिंहानंद तैश में आ गए। मंदिर गेट पर एएसपी सदर आकाश पटेल से उनकी नोकझोंक हो गई। तैश में आकर महंत ने अपने सेवादारों से यहां तक कह दिया कि मंदिर पर ताला लगा दो और चाबी एसएसपी को सौंप दो। घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। गहमागहमी के बाद एएसपी ने सुरक्षा में कोई भी ढील देने से इंकार कर दिया। करीब एक घंटा हंगामे के बाद महंत मंदिर में वापस लौट गए।
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कोट.....
बालक द्वारा रेकी करने की कोई बात सामने नहीं आई। डासना देवी मंदिर की सुरक्षा की दृृष्टि से ही सख्ती बरती गई है। मंदिर में आने वाले हर व्यक्ति का ब्योरा दर्ज होने के बाद ही उसे प्रवेश मिल सकेगा।- आकाश पटेल, एएसपी
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गाजियाबाद। डासना देवी मंदिर में रविवार रात दूसरे समुदाय के बालक द्वारा प्रवेश करने के बाद पुलिस ने सख्ती बरत दी। बिना आधार कार्ड दिखाए किसी की एंट्री न होने पर सोमवार को माहौल गरमा गया। इस बात को लेकर महंत और एएसपी में नोकझोंक भी हुई। नोकझोंक की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। वहीं, मंदिर के मुख्य सेवादार अनिल यादव ने बालक द्वारा रेकी करने का आरोप लगाते हुए मसूरी थाने में तहरीर दी है।
रविवार रात दूसरे समुदाय का 10 वर्षीय बालक डासना देवी मंदिर में घुस गया था। महंत यति नरसिंहानंद ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। उन्होंने कहा था कट्टरपंथी लोग उनकी हत्या की फिराक में हैं। पूर्व में कई बार उन पर हत्या की कोशिश हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ वारदात करने के लिए बालक द्वारा रेकी कराई गई। वहीं, पुलिस ने जांच की तो बालक बेकसूर निकला। एएसपी आकाश पटेल के मुताबिक बालक की भाभी मंदिर के बराबर में सीएचसी पर भर्ती थी। बालक को मंदिर की जानकारी नहीं थी। भीड़ देखकर वह मंदिर के अंदर चला गया। जांच के बाद बालक को परिजनों के हवाले कर पुलिस ने मंदिर की सुरक्षा कड़ी कर दी थी। अधिकारियों ने आदेश दिया था कि कोई भी व्यक्ति बिना आधार कार्ड दिखाए अंदर प्रवेश न कर पाए। इस बात का मंदिर महंत ने विरोध किया था।
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तैश में आए महंत बोले- मंदिर पर ताला लगाओ, एसएसपी को चाबी सौंपो
पुलिस ने सख्ती बरती तो सोमवार को महंत यति नरसिंहानंद तैश में आ गए। मंदिर गेट पर एएसपी सदर आकाश पटेल से उनकी नोकझोंक हो गई। तैश में आकर महंत ने अपने सेवादारों से यहां तक कह दिया कि मंदिर पर ताला लगा दो और चाबी एसएसपी को सौंप दो। घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। गहमागहमी के बाद एएसपी ने सुरक्षा में कोई भी ढील देने से इंकार कर दिया। करीब एक घंटा हंगामे के बाद महंत मंदिर में वापस लौट गए।
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बालक द्वारा रेकी करने की कोई बात सामने नहीं आई। डासना देवी मंदिर की सुरक्षा की दृृष्टि से ही सख्ती बरती गई है। मंदिर में आने वाले हर व्यक्ति का ब्योरा दर्ज होने के बाद ही उसे प्रवेश मिल सकेगा।- आकाश पटेल, एएसपी