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संपत्ति रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन कराना पडे़गा महंगा, देरी पर विलंब शुल्क भी वसूलेगा निगम
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amar ujaja
- फोटो : amar ujaja
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संपत्ति रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन कराना पडे़गा महंगा, देरी पर विलंब शुल्क भी वसूलेगा निगम
गाजियाबाद। विधानसभा चुनाव से पहले हाउस टैक्स में 15 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद अब नगर निगम शहर के लोगों पर एक और बोझ बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अब संपत्ति खरीदने के बाद निगम के रिकॉर्ड में नामांतरण (नाम परिवर्तन) कराने के लिए अब न्यूनतम एक हजार रुपये या स्टांप शुल्क की एक फीसदी रकम देनी होगी। यही नहीं अब सपंत्ति खरीदने के 90 दिन के भीतर नामांतरण न कराया तो एक हजार रुपये विलंब शुल्क भी जमा करना होगा।
यह प्रस्ताव मंगलवार को नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में पेश किया जाएगा। नगर निगम के टैक्स विभाग की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक अगर नामांतरण के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति से पहले किसी अन्य व्यक्ति ने इस संपत्ति को खरीदा था, लेकिन नाम परिवर्तन नहीं कराया तो जितनी बार भी रजिस्ट्री हुई होगी, उतनी बार का ही नामांतरण शुल्क नगर निगम को देना होगा। यानी अगर कोई मकान या दुकान पांच बार बेची जा चुकी है और नगर निगम रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन नहीं हुआ है तो पांचवें व्यक्ति की ओर से आवेदन करने पर पहले चार बार का भी नामांतरण शुल्क वसूला जाएगा।
होटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक संचालकों पर भी बढ़ेगा लाइसेंस शुल्क का बोझ
नगर निगम छोटे व बड़े नर्सिंग होम और प्राइवेट क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टरों और होटल संचालकों पर भी लाइसेंस शुल्क का बोझ बढ़ेगा। इसमें तीन गुना तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव कार्यकारिणी बैठक में पेश किया जाएगा। नए प्रस्ताव के मुताबिक नगर निगम होटल लॉजिंग, गेस्ट हाउस और बारात घर संचालकों को दिए जाने वाले लाइसेंस का शुल्क 1 हजार से बढ़ाकर 3 हजार करेगा। 20 बेड तक के नर्सिंग होम का लाइसेंस शुल्क 2 हजार से बढ़ाकर ढाई गुना यानी 5 हजार रुपये किया जाएगा। 20 से ज्यादा बेड वाले नर्सिंग होम पर 5 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये शुल्क किया जाएगा।
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कोल्ड ड्रिंक, तंबाकू उत्पाद बेचने वालों को अब लेना होगा लाइसेंस
शहर में पानी और कोल्ड ड्रिंक और तंबाकू उत्पाद बेचने वालों को भी अब नगर निगम से लाइसेंस लेेना होगा। अभी तक यह लाइसेंस के दायरे में नहीं थे। पानी, कोल्ड ड्रिंक बेचने वालों को निगम में हर साल 1500 रुपये जमा करने होंगे। वहीं तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर लाइसेंस शुल्क लगाने के लिए सोमवार को होने वाली बैठक में नियमावली पेश की जाएगी।
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गाजियाबाद। विधानसभा चुनाव से पहले हाउस टैक्स में 15 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद अब नगर निगम शहर के लोगों पर एक और बोझ बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अब संपत्ति खरीदने के बाद निगम के रिकॉर्ड में नामांतरण (नाम परिवर्तन) कराने के लिए अब न्यूनतम एक हजार रुपये या स्टांप शुल्क की एक फीसदी रकम देनी होगी। यही नहीं अब सपंत्ति खरीदने के 90 दिन के भीतर नामांतरण न कराया तो एक हजार रुपये विलंब शुल्क भी जमा करना होगा।
यह प्रस्ताव मंगलवार को नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में पेश किया जाएगा। नगर निगम के टैक्स विभाग की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक अगर नामांतरण के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति से पहले किसी अन्य व्यक्ति ने इस संपत्ति को खरीदा था, लेकिन नाम परिवर्तन नहीं कराया तो जितनी बार भी रजिस्ट्री हुई होगी, उतनी बार का ही नामांतरण शुल्क नगर निगम को देना होगा। यानी अगर कोई मकान या दुकान पांच बार बेची जा चुकी है और नगर निगम रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन नहीं हुआ है तो पांचवें व्यक्ति की ओर से आवेदन करने पर पहले चार बार का भी नामांतरण शुल्क वसूला जाएगा।
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होटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक संचालकों पर भी बढ़ेगा लाइसेंस शुल्क का बोझ
नगर निगम छोटे व बड़े नर्सिंग होम और प्राइवेट क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टरों और होटल संचालकों पर भी लाइसेंस शुल्क का बोझ बढ़ेगा। इसमें तीन गुना तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव कार्यकारिणी बैठक में पेश किया जाएगा। नए प्रस्ताव के मुताबिक नगर निगम होटल लॉजिंग, गेस्ट हाउस और बारात घर संचालकों को दिए जाने वाले लाइसेंस का शुल्क 1 हजार से बढ़ाकर 3 हजार करेगा। 20 बेड तक के नर्सिंग होम का लाइसेंस शुल्क 2 हजार से बढ़ाकर ढाई गुना यानी 5 हजार रुपये किया जाएगा। 20 से ज्यादा बेड वाले नर्सिंग होम पर 5 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये शुल्क किया जाएगा।
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कोल्ड ड्रिंक, तंबाकू उत्पाद बेचने वालों को अब लेना होगा लाइसेंस
शहर में पानी और कोल्ड ड्रिंक और तंबाकू उत्पाद बेचने वालों को भी अब नगर निगम से लाइसेंस लेेना होगा। अभी तक यह लाइसेंस के दायरे में नहीं थे। पानी, कोल्ड ड्रिंक बेचने वालों को निगम में हर साल 1500 रुपये जमा करने होंगे। वहीं तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर लाइसेंस शुल्क लगाने के लिए सोमवार को होने वाली बैठक में नियमावली पेश की जाएगी।