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फास्टैग से न मिली रफ्तार, ईपीई पर 8 मिनट में टोल हो रहा पार
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दुहाई के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे टोल से उतरते समय एक ही टोल बूथ होने की वजह से वाहनों की ?
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फास्टैग से न मिली रफ्तार, ईपीई पर 8 मिनट में टोल हो रहा पार
गाजियाबाद। टोल बूथ पर बिना रुके गुजरने के लिए अनिवार्य किए फास्टैग से भी वाहनों को रफ्तार नहीं मिल रही। फास्टैग और नॉन फास्टैग वाहनों के लिए अलग लेन बनाने का दावा भले ही किया गया हो, लेकिन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर दोनों तरह के वाहनों एक ही लेन से गुजारा रहा है। कम संसाधनों और स्टाफ से बूथों का संचालन कराने के लिए टोल संचालक ने ईपीएफ पर प्रवेश और निकास बूथ की दो में से एक लेन बंद करा दी गई।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर डासना, दुहाई, मवीकलां टोल बूथ पर वसूली करने वाली फर्म ने एनएचएआई के नियमों को दरकिनार कर यह अपनी व्यवस्था बना ली है। अब सिर्फ एक लेन से वाहनों को प्रवेश दिया जाता है और दूसरी से निकासी दी जा रही है। सुबह और शाम के वक्त इन टोल बूथों पर वाहनों की संख्या ज्यादा रहने से लंबा जाम लग जाता है। फास्टैग होते हुए भी वाहन चालकों को बूथ पार करने में 8 से 9 मिनट लग रहे हैं। फास्टैग अनिवार्यता का नियम लागू करते समय सरकार और एनएचएआई ने वाहन चालकों को टोल बूथ पर लगने वाले जाम से राहत दिए जाने का सपना दिखाया था, लेकिन नई व्यवस्था भी वाहन चालकों को राहत न दे पाई।
परियोजना निदेशक, एनएचएआई - फास्टैग और नॉन फास्टैग वाहनों की लेन अलग-अलग ही बनाई गई हैं। अगर ईपीई पर लेन को बंद किया गया है तो इसकी जानकारी कराकर व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। फिलहाल ऐसा मामला जानकारी में नहीं आया है।
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गाजियाबाद। टोल बूथ पर बिना रुके गुजरने के लिए अनिवार्य किए फास्टैग से भी वाहनों को रफ्तार नहीं मिल रही। फास्टैग और नॉन फास्टैग वाहनों के लिए अलग लेन बनाने का दावा भले ही किया गया हो, लेकिन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर दोनों तरह के वाहनों एक ही लेन से गुजारा रहा है। कम संसाधनों और स्टाफ से बूथों का संचालन कराने के लिए टोल संचालक ने ईपीएफ पर प्रवेश और निकास बूथ की दो में से एक लेन बंद करा दी गई।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर डासना, दुहाई, मवीकलां टोल बूथ पर वसूली करने वाली फर्म ने एनएचएआई के नियमों को दरकिनार कर यह अपनी व्यवस्था बना ली है। अब सिर्फ एक लेन से वाहनों को प्रवेश दिया जाता है और दूसरी से निकासी दी जा रही है। सुबह और शाम के वक्त इन टोल बूथों पर वाहनों की संख्या ज्यादा रहने से लंबा जाम लग जाता है। फास्टैग होते हुए भी वाहन चालकों को बूथ पार करने में 8 से 9 मिनट लग रहे हैं। फास्टैग अनिवार्यता का नियम लागू करते समय सरकार और एनएचएआई ने वाहन चालकों को टोल बूथ पर लगने वाले जाम से राहत दिए जाने का सपना दिखाया था, लेकिन नई व्यवस्था भी वाहन चालकों को राहत न दे पाई।
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परियोजना निदेशक, एनएचएआई - फास्टैग और नॉन फास्टैग वाहनों की लेन अलग-अलग ही बनाई गई हैं। अगर ईपीई पर लेन को बंद किया गया है तो इसकी जानकारी कराकर व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। फिलहाल ऐसा मामला जानकारी में नहीं आया है।
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