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हर महीने 500 लोग हो रहे साइबर ठगी के शिकार
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हर महीने 500 लोग हो रहे साइबर ठगी के शिकार
गाजियाबाद। जिले में हर महीने 500 लोगों को साइबर ठगी का निशाना बनाया जा रहा है। अपराधी लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी रिश्तेदार बनकर तो कभी बैंक अधिकारी-कर्मचारी बनकर खाते की जानकारी लेते हैं। वेबसाइट पर सस्ते दाम में सामान देने का विज्ञापन देकर भी ठगी कर रहे हैं। बीते सात महीने में साइबर ठगों ने 3500 लोगों से करीब 12 से 15 करोड़ रुपये ठग चुके हैं। सबसे ज्यादा ठगी 20 से 45 वर्ष आयु के लोगों केसाथ हुई है। क्योंकि यह लोग सबसे ज्यादा इंटरनेट बैंकिंग का प्रयोग करते हैं।
लॉकडाउन के बाद साइबर क्राइम तेजी से बढ़ा है। लोगों को नए-नए तरीके से ठग अपना शिकार बना रहे हैं। बैंक क्रेडिट कार्ड से संबंधित सबसे ज्यादा 1035 ठगी हुई हैं। इस तरह एटीएम के माध्यम से 303 ठगी की हैं। ओएलएक्स पर 150 और नौकरी के नाम पर 130 लोगों को ठगा गया है। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। साइबर सेल का गठन तो किया गया है, लेकिन वहां भी स्टाफ की कमी है। महीने में 500 केस को गिने चुने पुलिसकर्मी कैसे निपटा पाएंगे। सबसे बड़ी समस्या लोगों के सामने ठगी के बाद रिपोर्ट दर्ज कराने की आती है। लोग थाने के कई दिनों तक चक्कर काटते हैं। बावजूद उसके पीड़ितों की थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं होती है। बाद में उन्हें साइबर सेल के दफ्तर भेज दिया जाता है।
साइबर सेल के अनुसार जिले में इस साल क्रेडिट और डेबिट कार्ड से जुड़े मामले ज्यादा आए हैं। इन सभी मामलों में ज्यादातर लोगों को कई प्रकार की स्कीम, कार्ड बंद होने, ओएलएक्स पर वाहन, फर्नीचर बेचने, आर्मी के लोग बनकर मोबाइल व अन्य चीजें बेचने के नाम पर ठगी की गई हैं। वहीं ओटीपी पूछकर भी ठगी की जा रही है।
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क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी
अमेरिका में बैठे मास्टर माइंड ने क्रिप्टो करेंसी के नाम पर अकबरपुर बहरामपुर निवासी विनीत से 3.70 लाख रुपये की ठगी कर ली। विनीत ने बताया कि दिसंबर 2020 में ट्विटर पर एक विज्ञापन देखा था। इसमें स्क्वीक्स टेक्नोलॉजी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 500 लोगों को विदेशी मुद्रा प्रशिक्षण और नौकरी की पेशकश की गई। बहमती बास गांधीनगर, गुजरात निवासी नील उर्फ हितेष पटेल कंपनी का सीईओ था। उसने ट्रेडिंग के कोर्स के दो प्लान बताए। 500 रुपये के प्लान में सिर्फ ट्रेडिंग की ट्रेनिंग देने और 45 हजार के प्लान में ट्रेनिंग के साथ-साथ 50 हजार प्रतिमाह सैलरी की नौकरी दिलाने की गारंटी भी दी गई। 220 से ज्यादा लोगों से ठगी की गई।
पतंजलि योग पीठ की फर्जी वेबसाइट बना दी
पतंजलि योग पीठ की फर्जी वेबसाइट बनाकर कई लोगों से योग कराने के नाम पर 70 हजार रुपये ठग लिए। लोगों को जैसे ही पता चला उन्होंने इसकी शिकायत की।
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में हमने सात महीने में जो ठगी हुई हैं, उसमें लोगों को 51 लाख रुपये वापस कराएं। 153 ठगों को गिरफ्तार किया गया है। इनसे 6.21 लाख रुपये और 314 फोन बरामद किए हैं। आगे भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
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गाजियाबाद। जिले में हर महीने 500 लोगों को साइबर ठगी का निशाना बनाया जा रहा है। अपराधी लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी रिश्तेदार बनकर तो कभी बैंक अधिकारी-कर्मचारी बनकर खाते की जानकारी लेते हैं। वेबसाइट पर सस्ते दाम में सामान देने का विज्ञापन देकर भी ठगी कर रहे हैं। बीते सात महीने में साइबर ठगों ने 3500 लोगों से करीब 12 से 15 करोड़ रुपये ठग चुके हैं। सबसे ज्यादा ठगी 20 से 45 वर्ष आयु के लोगों केसाथ हुई है। क्योंकि यह लोग सबसे ज्यादा इंटरनेट बैंकिंग का प्रयोग करते हैं।
लॉकडाउन के बाद साइबर क्राइम तेजी से बढ़ा है। लोगों को नए-नए तरीके से ठग अपना शिकार बना रहे हैं। बैंक क्रेडिट कार्ड से संबंधित सबसे ज्यादा 1035 ठगी हुई हैं। इस तरह एटीएम के माध्यम से 303 ठगी की हैं। ओएलएक्स पर 150 और नौकरी के नाम पर 130 लोगों को ठगा गया है। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। साइबर सेल का गठन तो किया गया है, लेकिन वहां भी स्टाफ की कमी है। महीने में 500 केस को गिने चुने पुलिसकर्मी कैसे निपटा पाएंगे। सबसे बड़ी समस्या लोगों के सामने ठगी के बाद रिपोर्ट दर्ज कराने की आती है। लोग थाने के कई दिनों तक चक्कर काटते हैं। बावजूद उसके पीड़ितों की थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं होती है। बाद में उन्हें साइबर सेल के दफ्तर भेज दिया जाता है।
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साइबर सेल के अनुसार जिले में इस साल क्रेडिट और डेबिट कार्ड से जुड़े मामले ज्यादा आए हैं। इन सभी मामलों में ज्यादातर लोगों को कई प्रकार की स्कीम, कार्ड बंद होने, ओएलएक्स पर वाहन, फर्नीचर बेचने, आर्मी के लोग बनकर मोबाइल व अन्य चीजें बेचने के नाम पर ठगी की गई हैं। वहीं ओटीपी पूछकर भी ठगी की जा रही है।
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क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी
अमेरिका में बैठे मास्टर माइंड ने क्रिप्टो करेंसी के नाम पर अकबरपुर बहरामपुर निवासी विनीत से 3.70 लाख रुपये की ठगी कर ली। विनीत ने बताया कि दिसंबर 2020 में ट्विटर पर एक विज्ञापन देखा था। इसमें स्क्वीक्स टेक्नोलॉजी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 500 लोगों को विदेशी मुद्रा प्रशिक्षण और नौकरी की पेशकश की गई। बहमती बास गांधीनगर, गुजरात निवासी नील उर्फ हितेष पटेल कंपनी का सीईओ था। उसने ट्रेडिंग के कोर्स के दो प्लान बताए। 500 रुपये के प्लान में सिर्फ ट्रेडिंग की ट्रेनिंग देने और 45 हजार के प्लान में ट्रेनिंग के साथ-साथ 50 हजार प्रतिमाह सैलरी की नौकरी दिलाने की गारंटी भी दी गई। 220 से ज्यादा लोगों से ठगी की गई।
पतंजलि योग पीठ की फर्जी वेबसाइट बना दी
पतंजलि योग पीठ की फर्जी वेबसाइट बनाकर कई लोगों से योग कराने के नाम पर 70 हजार रुपये ठग लिए। लोगों को जैसे ही पता चला उन्होंने इसकी शिकायत की।
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में हमने सात महीने में जो ठगी हुई हैं, उसमें लोगों को 51 लाख रुपये वापस कराएं। 153 ठगों को गिरफ्तार किया गया है। इनसे 6.21 लाख रुपये और 314 फोन बरामद किए हैं। आगे भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।