फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad news

बिजली का कनेक्शन कटा, मोबाइल की रोशनी में हुई पढ़ाई

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 25 Aug 2021 01:00 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad news
पूर्व माध्यमिक विद्यालय राईट गंज में बिजली कट जाने के कारण बच्चो को मोबाइल टार्च से पढ़ाते अध्या?
बिजली का कनेक्शन कटा, मोबाइल की रोशनी में हुई पढ़ाई
विज्ञापन

गाजियाबाद। सरकारी स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की पढ़ाई शुरू हो गई है। स्कूल खुलने के पहले ही दिन अव्यवस्था की पोल खुल गई। कहीं स्कूल का बिजली का कनेक्शन कटा था तो कहीं छात्रों के सिर पर छत नहीं थी। पहले दिन मोबाइल की रोशनी में पढ़ाई हुई। उमस भरी गर्मी में बच्चों ने पढ़ाई तो की लेकिन वह पसीना-पसीना हो गए।
महानगर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय राइट गंज में ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां 71 बच्चे पंजीकृत हैं। पहले दिन 21 बच्चे पहुंचे। तीन साल से स्कूल का बिजली का बिल जमा नहीं था, लिहाजा छह महीने पहले कनेक्शन कट गया। स्कूल खुलने से पहले बिजली की व्यवस्था करने की जरूरत विभाग ने नहीं समझी। शिक्षकों ने मोबाइल की रोशनी में छात्रों को पढ़ाया। उमस भरी गर्मी में छात्रों के पसीने छूट गए। प्रधानाध्यापक लईक अहमद ने बताया कि बिजली का कनेक्शन जोड़ने के लिए विभाग को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके अलावा कई विद्यालयों की पड़ताल की गई तो कहीं पानी टपक रहा था तो किसी विद्यालय में बच्चों को बैठने के लिए छत ही नहीं हैं। टीनशेड में बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
विज्ञापन

कंपोजिट विद्यालय डासना गेट में 267 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय के बराबर में घर बने हुए हैं। जहां छोटी गली भी है। लोग घर का कचरा इस गली में डाल देते हैं। बारिश होने पर घरों का पानी खिड़कियों के माध्यम से स्कूल के अंदर प्रवेश कर जाता है, जिससे बच्चों को बैठने में दिक्कत होती है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मंजू रावत ने बताया कि कुछ लोगों ने स्कूल की छत पर कब्जा कर लिया है। वहां कपड़े सुखाते हैं और गमले लगा दिए हैं। विरोध के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि स्कूल की दो पुरानी बिल्डिंग में भी कब्जा किया हुआ है। बारिश में स्कूल से पानी टपकता है। पंखे खराब हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्राथमिक विद्यालय बजरिया में 186 छात्र-छात्राएं हैं। इस विद्यालय में बरामदा समेत दो कमरे हैं। इनमें बच्चे नहीं बैठ पाते हैं। छात्रों की संख्या ज्यादा होने के कारण पिछले 10 साल से वह टीनशेड के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। टीनशेड भी जगह-जगह से टूट रहा है, जिससे हल्की बारिश का पानी भी बच्चों के ऊपर आकर गिरता है। 10 मिनट तेज बारिश होने पर पानी भर जाता है। बच्चों को स्कूल से बाहर भेजना पड़ता है। प्रधानाध्यापिका ममता राय ने बताया कि शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

बीएसए बृजभूषण चौधरी : जिन स्कूलों की स्थिति खराब है, उनकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। हम अपने स्तर से कोई भी निर्माण कार्य नहीं करा सकते हैं। सभी स्कूलों में सैनिटाइजेशन के लिए कहा गया था। ग्राम पंचायतों को इसकी व्यवस्था करानी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed