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सड़कों पर अंधेरा, स्ट्रीट लाइटें खराब होने की रोज 30 शिकायतें
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सड़कों पर अंधेरा, स्ट्रीट लाइटें खराब होने की रोज 30 शिकायतें
गाजियाबाद। नगर निगम स्ट्रीट लाइटों की मेंटेनेंस पर सालाना एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर रहा है, लेकिन कॉलोनियों में फिर भी रात में अंधेरा रहता है। स्ट्रीट लाइटें खराब होने की रोजाना करीब 28 से 30 शिकायतें नगर निगम पहुंच रही हैं। बार-बार खराब हो रहीं स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता पर भी पार्षद सवाल उठा रहे हैं।
नगर निगम ने पिछले साल दीपावली पर करीब छह हजार स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराने का दावा किया था। निगम ने आउटसोर्सिंग पर न सिर्फ अतिरिक्त कर्मचारी नियुक्त किए, बल्कि उपकरण खरीदने पर भी करीब 30 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए थे। पिछले दिनों फिर से हुए सर्वे में करीब ढाई हजार स्ट्रीट लाइटें खराब मिलीं थीं। अब बरसात के बाद इनकी संख्या फिर से बढ़ गई हैं। मुख्य मार्गों से लेकर कॉलोनियों के अंदरूनी मार्गों पर भी अंधेरा पसरा रहता है। साफ-सफाई के बाद नगर निगम में पहुंचने वाली शिकायतों की सबसे ज्यादा संख्या स्ट्रीट लाइटों की हैं। परेशान लोग नगर निगम के कंट्रोल रूम पर फोन कर लाइटें ठीक कराने की मांग कर रहे हैं।
4100 में से 1360 शिकायतें स्ट्रीट लाइटों की
अक्तूबर 2020 में नगर निगम में कंट्रोल रूम की शुरूआत हुई थी। इसमें अब तक करीब 4100 से ज्यादा शिकायतें आईं हैं। इनमें 1360 शिकायतें स्ट्रीट लाइटों की हैं। आईजीआरएस पोर्टल पर, मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी लाइटों की शिकायतें पहुंच रही हैं। निगम पार्षद भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन इनका रिकॉर्ड कंट्रोल रूम पर नहीं रहता है। इसके अलावा क्षेत्र के लोग सीधे लाइट इंस्पेक्टरों से भी फोन पर शिकायत कर रहे हैं।
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कॉलोनियों के निवासी ही नहीं, वार्ड पार्षद भी खराब स्ट्रीट लाइटों से परेशान हैं। जनता गलियों में अंधेरे की शिकायत उनसे कर रही है। शहीद नगर क्षेत्र से बसपा पार्षद यामीन अपने वार्ड की खराब लाइटों की मरम्मत और नई लाइटें दिलाए जाने की मांग को लेकर करीब एक सप्ताह से निगम अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें लाइटें नहीं मिलीं। नवयुग मार्केट स्थित शहीद पथ, दुर्गा भाभी चौक पर लगीं लाइटें खराब हैं। क्षेत्रीय पार्षद राजीव शर्मा का कहना है कि दुर्गा भाभी चौक पर लगी हाईमास्ट लाइट करीब 20 दिन से खराब हैं और शहीद पथ की लाइटें फॉल्ट की वजह से दो दिन से खराब हैं। बुधवार को प्रकाश विभाग में इनकी शिकायत की गई है। वहीं, रालोद नेता रविंद्र चौहान का कहना है कि शास्त्रीनगर जे-ब्लॉक में हाईमास्ट लाइट करीब एक साल से खराब हैं। ब्लॉक में करीब 20 लाइटें बंद होने से सड़क पर अंधेरा रहता है।
नगरायुक्त : नई लाइटें खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी। खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत भी कराई जा रही है। मुख्य मार्गों पर ज्यादा क्षमता की नई लाइटें लगाई जाएंगी और इनकी लाइटों को कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कों पर लगाई जाएगी।
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गाजियाबाद। नगर निगम स्ट्रीट लाइटों की मेंटेनेंस पर सालाना एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर रहा है, लेकिन कॉलोनियों में फिर भी रात में अंधेरा रहता है। स्ट्रीट लाइटें खराब होने की रोजाना करीब 28 से 30 शिकायतें नगर निगम पहुंच रही हैं। बार-बार खराब हो रहीं स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता पर भी पार्षद सवाल उठा रहे हैं।
नगर निगम ने पिछले साल दीपावली पर करीब छह हजार स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराने का दावा किया था। निगम ने आउटसोर्सिंग पर न सिर्फ अतिरिक्त कर्मचारी नियुक्त किए, बल्कि उपकरण खरीदने पर भी करीब 30 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए थे। पिछले दिनों फिर से हुए सर्वे में करीब ढाई हजार स्ट्रीट लाइटें खराब मिलीं थीं। अब बरसात के बाद इनकी संख्या फिर से बढ़ गई हैं। मुख्य मार्गों से लेकर कॉलोनियों के अंदरूनी मार्गों पर भी अंधेरा पसरा रहता है। साफ-सफाई के बाद नगर निगम में पहुंचने वाली शिकायतों की सबसे ज्यादा संख्या स्ट्रीट लाइटों की हैं। परेशान लोग नगर निगम के कंट्रोल रूम पर फोन कर लाइटें ठीक कराने की मांग कर रहे हैं।
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4100 में से 1360 शिकायतें स्ट्रीट लाइटों की
अक्तूबर 2020 में नगर निगम में कंट्रोल रूम की शुरूआत हुई थी। इसमें अब तक करीब 4100 से ज्यादा शिकायतें आईं हैं। इनमें 1360 शिकायतें स्ट्रीट लाइटों की हैं। आईजीआरएस पोर्टल पर, मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी लाइटों की शिकायतें पहुंच रही हैं। निगम पार्षद भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन इनका रिकॉर्ड कंट्रोल रूम पर नहीं रहता है। इसके अलावा क्षेत्र के लोग सीधे लाइट इंस्पेक्टरों से भी फोन पर शिकायत कर रहे हैं।
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कॉलोनियों के निवासी ही नहीं, वार्ड पार्षद भी खराब स्ट्रीट लाइटों से परेशान हैं। जनता गलियों में अंधेरे की शिकायत उनसे कर रही है। शहीद नगर क्षेत्र से बसपा पार्षद यामीन अपने वार्ड की खराब लाइटों की मरम्मत और नई लाइटें दिलाए जाने की मांग को लेकर करीब एक सप्ताह से निगम अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें लाइटें नहीं मिलीं। नवयुग मार्केट स्थित शहीद पथ, दुर्गा भाभी चौक पर लगीं लाइटें खराब हैं। क्षेत्रीय पार्षद राजीव शर्मा का कहना है कि दुर्गा भाभी चौक पर लगी हाईमास्ट लाइट करीब 20 दिन से खराब हैं और शहीद पथ की लाइटें फॉल्ट की वजह से दो दिन से खराब हैं। बुधवार को प्रकाश विभाग में इनकी शिकायत की गई है। वहीं, रालोद नेता रविंद्र चौहान का कहना है कि शास्त्रीनगर जे-ब्लॉक में हाईमास्ट लाइट करीब एक साल से खराब हैं। ब्लॉक में करीब 20 लाइटें बंद होने से सड़क पर अंधेरा रहता है।
नगरायुक्त : नई लाइटें खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी। खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत भी कराई जा रही है। मुख्य मार्गों पर ज्यादा क्षमता की नई लाइटें लगाई जाएंगी और इनकी लाइटों को कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कों पर लगाई जाएगी।