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30 अगस्त को खोल दिया जाएगा चिपियाना आरओबी
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amar ujala
- फोटो : amar ujala
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30 अगस्त को खोल दिया जाएगा चिपियाना आरओबी
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बनाए जा रहे चिपियाना में अलीगढ़ रेल लाइन आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) को 30 अगस्त तक यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। आरओबी के निर्माण से जुड़ा कार्य तेजी से चल रहा है और 20 अगस्त से लोड टेस्ट (भार परीक्षण) कर लिया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) अधिकारियों का कहना है कि इस बार आरओबी के निर्माण की अंतिम समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। आरओबी के ऊपर के हिस्से पर काम चल रहा है और उसकी दोनों साइडों को सड़क से जोड़ा जा रहा है।
अप्रैल में एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए खोल दिया गया था, लेकिन उस वक्त चिपियाना आरओबी तैयार नहीं हुआ था। एनएचएआई ने दावा किया था कि 15 मई तक चिपियाना का पहला आरओबी तैयार हो जाएगा। उसके बाद दूसरी तरफ का आरओबी दिसंबर 2020 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया, लेकिन रेलवे से एनओसी मिलने में देरी, पूरी क्षमता से काम न होने के कारण निर्माण कार्य समय पर नहीं हुआ। चिपियाना गांव (एबीईएस कॉलेज) की तरफ के आरओबी की अब तक तीन बार समय सीमा बढ़ाई जा चुकी है, लेकिन अब अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि इस बार समय पर काम पूरा करेंगे। इस आरओबी के बनने से एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले लोगों को जाम से निजात मिलेगी। अभी तक दिल्ली, नोएडा, मेरठ व हापुड़ रूट पर जाने वाले लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। खासकर सुबह और शाम के वक्त सबसे ज्यादा जाम लगता है।
चिपियाना में बनने हैं दो नए आरओबी
अभी तक एक्सप्रेसवे का सारा ट्रैफिक एनएच-9 (पुराना एनएच-24) के दो पुराने आरओबी से गुजर रहा है, जिस पर दो लेन आने और दो लेन जाने वाले ट्रैफिक की है। अब एक्सप्रेसवे पर करीब एक लाख पीसीयू (पैसेंजर पर कार यूनिट) का दबाव है। यानी एक लाख वाहन 24 घंटे में गुजरते हैं। जबकि पुराने दो आरओबी 40 हजार पीसीयू की क्षमता पर तैयार हैं। वाहनों का दबाव अधिक होने से जाम लगा रहता है। दूसरे निर्माण के चलते ट्रैफिक को थोड़ा डायवर्ट करके पुराने आरओबी की तरफ भेजा जाता है, जिससे यातायात की गति धीमी होती है।
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मार्च 2022 तक आरओबी की 14 लेन पर मिलेगी यातायात की सुविधा
14 लेन के एक्सप्रेसवे के लिए चिपियाना में 10 लेन के दो नए आरओबी बनाए जा रहा हैं। इनमें एक छह लेन अंतिम दौर में है तो औद्योगिक क्षेत्र की तरफ बन रहे आरओबी के पिलर बन चुके हैं। ऊपर के हिस्से में काम रेलवे की स्वीकृति के बाद मिलेगा। इस आरओबी को मार्च 2022 तक तैयार किया जाना है। दो नए आरओबी के बनने पर पुराने दो आरओपी की चार लेन को मिलाकर 14 लेन यातायात के लिए उपलब्ध होंगी।
मुदित गर्ग, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई - चिपियाना गांव की तरफ बन रहे आरओबी का काम लगभग पूरा हो चला है। अब अंतिम दौर का काम बचा है। 20 अगस्त के बाद लोड टेस्ट होगा। उसके बाद 30 अगस्त तक यातायात के लिए खोल देंगे।
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बनाए जा रहे चिपियाना में अलीगढ़ रेल लाइन आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) को 30 अगस्त तक यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। आरओबी के निर्माण से जुड़ा कार्य तेजी से चल रहा है और 20 अगस्त से लोड टेस्ट (भार परीक्षण) कर लिया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) अधिकारियों का कहना है कि इस बार आरओबी के निर्माण की अंतिम समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। आरओबी के ऊपर के हिस्से पर काम चल रहा है और उसकी दोनों साइडों को सड़क से जोड़ा जा रहा है।
अप्रैल में एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए खोल दिया गया था, लेकिन उस वक्त चिपियाना आरओबी तैयार नहीं हुआ था। एनएचएआई ने दावा किया था कि 15 मई तक चिपियाना का पहला आरओबी तैयार हो जाएगा। उसके बाद दूसरी तरफ का आरओबी दिसंबर 2020 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया, लेकिन रेलवे से एनओसी मिलने में देरी, पूरी क्षमता से काम न होने के कारण निर्माण कार्य समय पर नहीं हुआ। चिपियाना गांव (एबीईएस कॉलेज) की तरफ के आरओबी की अब तक तीन बार समय सीमा बढ़ाई जा चुकी है, लेकिन अब अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि इस बार समय पर काम पूरा करेंगे। इस आरओबी के बनने से एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले लोगों को जाम से निजात मिलेगी। अभी तक दिल्ली, नोएडा, मेरठ व हापुड़ रूट पर जाने वाले लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। खासकर सुबह और शाम के वक्त सबसे ज्यादा जाम लगता है।
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चिपियाना में बनने हैं दो नए आरओबी
अभी तक एक्सप्रेसवे का सारा ट्रैफिक एनएच-9 (पुराना एनएच-24) के दो पुराने आरओबी से गुजर रहा है, जिस पर दो लेन आने और दो लेन जाने वाले ट्रैफिक की है। अब एक्सप्रेसवे पर करीब एक लाख पीसीयू (पैसेंजर पर कार यूनिट) का दबाव है। यानी एक लाख वाहन 24 घंटे में गुजरते हैं। जबकि पुराने दो आरओबी 40 हजार पीसीयू की क्षमता पर तैयार हैं। वाहनों का दबाव अधिक होने से जाम लगा रहता है। दूसरे निर्माण के चलते ट्रैफिक को थोड़ा डायवर्ट करके पुराने आरओबी की तरफ भेजा जाता है, जिससे यातायात की गति धीमी होती है।
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मार्च 2022 तक आरओबी की 14 लेन पर मिलेगी यातायात की सुविधा
14 लेन के एक्सप्रेसवे के लिए चिपियाना में 10 लेन के दो नए आरओबी बनाए जा रहा हैं। इनमें एक छह लेन अंतिम दौर में है तो औद्योगिक क्षेत्र की तरफ बन रहे आरओबी के पिलर बन चुके हैं। ऊपर के हिस्से में काम रेलवे की स्वीकृति के बाद मिलेगा। इस आरओबी को मार्च 2022 तक तैयार किया जाना है। दो नए आरओबी के बनने पर पुराने दो आरओपी की चार लेन को मिलाकर 14 लेन यातायात के लिए उपलब्ध होंगी।
मुदित गर्ग, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई - चिपियाना गांव की तरफ बन रहे आरओबी का काम लगभग पूरा हो चला है। अब अंतिम दौर का काम बचा है। 20 अगस्त के बाद लोड टेस्ट होगा। उसके बाद 30 अगस्त तक यातायात के लिए खोल देंगे।