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काइट सहित 16 कॉलेज के पास नहीं पूर्णता प्रमाणपत्र, लटकी सीलिंग की तलवार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jul 2021 02:03 AM IST
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काइट सहित 16 कॉलेज के पास नहीं पूर्णता प्रमाणपत्र, लटकी सीलिंग की तलवार
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गाजियाबाद। बगैर नक्शा पास कराए चल रहे शैक्षिक संस्थानों के बाद अब बिना पूर्णता प्रमाणपत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) लिए चल रहे इंजीनियरिंग, डेंटल, डिग्री कॉलेजों के साथ स्कूल जीडीए के निशाने पर आ गए हैं। आठ साल बाद जीडीए ने पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं लेने वाले मोदीनगर और मुरादनगर के 15 कॉलेजों और एक स्कूल को नोटिस जारी किया है।
कॉलेजों व स्कूल को नोटिस प्राप्त होने के 15 दिनों के अंदर सीसी के लिए आवेदन करने को कहा गया है। आवेदन नहीं करने पर प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 28क1 के तहत सीलिंग और अन्य विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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केवल दो बार जारी हुए नोटिस, विभागीय व्यवस्था सवालों में :
दिल्ली-मेरठ हाईवे स्थित आठ इंजीनियंगर, दो डेंटल और सीसीएसयू से संबद्ध छह सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को नोटिस जारी किए गए हैं। काइट, आईएएमआर सहित अधिकांश कॉलेजों का संचालन बीते डेढ़ से दो दशकों से हो रहा है। जीडीए नियोजन अधिकारियों की मानें तो पूर्व में पूर्णता प्रमाणपत्र लेने के लिए पूर्व में दो बार नोटिस जारी हुए हैं। इस बार करीब आठ साल बाद सीसी को लेकर कॉलेजों को नोटिस जारी किया गया है। ऐसे में नक्शे के साथ पूर्णता प्रमाणपत्र जारी करने में जीडीए अधिकारियों की लेटलतीफी से विभागीय अधिकारी और व्यवस्था सवालों के घेरे में हैं।
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आठ साल में निर्माण और फिर पूर्णता प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य :
जीडीए बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार संस्थानों को भवन निर्माण के लिए पहले पांच साल और फिर ग्रेस पीरियड के तहत तीन साल का और समय मिलता है। ऐसे में निर्माण कार्य पूरा होने, नक्शा पास होने और कॉलेज संचालन शुरू होनेे के बाद पूर्णता प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य है। मगर न तो कॉलेजों की ओर से नक्शे के लिए आवेदन किया गया। वही जीडीए अधिकारियों ने भी केवल नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली।
पूर्णता प्रमाणपत्र लेने के लिए यह मानक करने होंगे पूरे :
कॉलेजों व स्कूलों को जीडीए से पूर्णता प्रमाणपत्र लेने के लिए बिल्डिंग संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी), रेल वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, अग्निशमन एनओसी, भूजल संबंधी एनओसी, बिल्डिंग के बराबर में सेटबैक एरिया सहित अन्य बिंदुओं पर मानकों को पूरा करना होगा।
नक्शा पास न होने पर 13 कॉलेजों को जारी हुए थे नोटिस :
जीडीए से नक्शा पास न होने पर पूर्व में दिल्ली-मेरठ हाईवे पर स्थित 13 शैक्षिक संस्थानों को नोटिस जारी हुए थे। मामले में अभी कॉलेजों को अपना जवाब और नक्शे के लिए आवेदन संबंधी समय दिया गया है। ऐसे में यह कॉलेज भी रडार पर हैं।
इन कॉलेजों को जारी हुए हैं नोटिस
- इंटीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मोदीनगर
- यूनिक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, मोदीनगर
- एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मोदीनगर
- आस्था एजूकेशनल इंस्टीट्यूट, मोदीनगर
- राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट, मोदीनगर
- आईटीएस, मुरादनगर
- केआईटीई, मुरादनगर
- ट्राइडेंट इंस्टीट्यूट, मुरादनगर
- आधुनिक इंस्टीट्यूट, मुरादनगर
- आईएमआर इंस्टीट्यूट, मुरादनगर
- आईएएमआर इंस्टीट्यूट, मुरादनगर
- एचएलएम इंस्टीट्यूट, मुरादनगर
- आरडी इंजीनियरिंग कॉलेज, मुरादनगर
- आरडी फाउंडेशन कॉलेज, मोदीनगर
- आईपीआरटी, मुरादनगर
- माउंट कार्मल स्कूल, मुरादनगर
पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं लेने वाले 16 कॉलेज व स्कूल को नोटिस जारी कर 15 दिन में आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं। मोदीनगर और मुरादनगर क्षेत्र में शासन ने विकास शुल्क कम कर दिया है। ऐसे में निर्माण का शमन कराकर पूर्णता प्रमाण लेना अनिवार्य है। - संजय कुमार, ओएसडी, जीडीए
20 साल में पहली बार कॉलेज को पूर्णता प्रमाणपत्र का नोटिस जारी हुआ है। कॉलेज परिसर में सभी बिल्डिंग और निर्माण के नक्शे पास हैं। ऐसे में पहली बार सीसी के मिले नोटिस पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मनोज गोयल, ज्वाइंट डायरेक्टर, काइट

कई सालों बाद पूर्णता प्रमाणपत्र का पहला नोटिस प्राप्त हुआ है। सीसी संबंधी प्रक्रिया के तहत फाइल पर कार्रवाई जारी है। कॉलेज में सभी भवनों के नक्शे पास हैं। - संजय बंसल, सचिव, आईएएमआर इंस्टीट्यूट
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