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मोदीनगर, मुरादनगर-लोनी में आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक योजनाओं का रास्ता होगा साफ
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मोदीनगर, मुरादनगर-लोनी में आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक योजनाओं का रास्ता होगा साफ
गाजियाबाद। देहात क्षेत्र में मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी जनपद की विकास योजनाओं का केंद्र होगा। देहात क्षेत्र में आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक योजनाओं का रास्ता जल्द साफ हो जाएगा। केंद्र सरकार की एजेंसी डीडीएफ कंसलटेंट ने मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी के मास्टर प्लान का बेस फाइनल कर लिया है। अब महायोजना-2031 में मोदीनगर व मुरादनगर में 60 हेक्टेयर और लोनी में 20 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग बदलकर आवासीय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कृषि से भू-उपयोग आवासीय व औद्योगिक होने से देहात क्षेत्र के लोगों को बहुत लाभ होगा।
क्षेत्र में आएंगी आवासीय योजना, होगा दोतरफा लाभ
महायोजना में तीनों देहात क्षेत्र के भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया पर काम शुरू हो गया है। भू-उपयोग कृषि से आवासीय होने से देहात क्षेत्र के लोगों को बहुत लाभ होगा। वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास सहित तमाम आवासीय योजनाएं भू-उपयोग परिवर्तन न हो पाने से अटकी हुई हैं। जनपद के देहात के तीनों क्षेत्रों की बड़ी जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन होने से क्षेत्र में कृषि भूमि के कारण रुकी पड़ी आवासीय योजनाओं को पंख लेंगे। नई आवासीय योजनाएं आने से देहात के लोगों को अपनी जमीनों के अच्छे दाम मिलेंगे। दूसरी ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक नक्शे पास होने से जीडीए की आय में बढ़ोतरी होगी।
ट्रांसपोर्ट नगर के विकास का रास्ता होगा साफ
औद्योगिक नगरी गाजियाबाद को कई दशकों से ट्रांसपोर्ट नगर के विकास का इंतजार है। महायोजना-2021 हो या फिर उससे पहले के मास्टर प्लान, योजना बनने के बावजूद ट्रांसपोर्ट नगर योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। प्राधिकरण की योजना दुहाई और उसके आसपास के क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की है। भू-उपयोग बदलने से ट्रांसपोर्ट नगर के विकास की सबसे बड़ी बाधा हट जाएगी। जमीन की कमी और लैंडपूल सहित कई योजनाएं लाने के बावजूद किसानों से जमीन हासिल करने में सफलता प्राप्त नहीं हुई। ऐसे में अब ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन का संकट दूर होने की संभावना है।
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अवैध निर्माण में नहीं फंसेंगे, पर बढ़ानी होगी निगरानी:
रैपिड रेल कॉरिडोर के चलते दिल्ली-मेरठ हाईवे से सटे मुरादनगर व मोदीनगर क्षेत्र में बड़े पैमाने में अवैध प्लाटिंग पर अंकुश लगाने के जीडीए के प्रयास हो रहे हैं। कृषि भूमि पर आवासीय निर्माण मामले में कार्रवाई लगातार जारी है। ऐसे में क्षेत्र में बड़ी संख्या में कृषि भूमि का आवासीय में परिवर्तन होने से अवैध निर्माण में फंसने का डर खत्म हो जाएगा। लेकिन जीडीए को भू-उपयोग परिवर्तन होने के साथ ही आवासीय के साथ व्यावसायिक व औद्योगिक क्षेत्र की निगरानी बढ़ानी होगी।
वेयरहाउस, लॉजिस्टिक पार्क व इंटर स्टेट टर्मिनल पर मंथन होगा तेज:
महायोजना में दुहाई के पास वेयरहाउस व लॉजिस्टिक पार्क के साथ इंटर स्टेट टर्मिनल के विकास पर मंथन जारी था। भू-उपयोग परिवर्तन के साथ ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, रैपिड कॉरिडोर, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बराबर में योजना पर आगे बढ़ा जा सकेगा। साथ ही देहात क्षेत्र का जोनल प्लान बनने से मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी का सुनियोजित तरीके से विकास होगा। दूसरी ओर शहरी क्षेत्र के साथ ही देहात क्षेत्र में आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों की एक यूनिक आईडी भी होगी। यूनिक आईडी उस संपति की डिजिटल पहचान होगी।
प्राधिकरण की आय में भी वृद्धि
मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी के मास्टर प्लान का बेस फाइनल हो गया है। अब भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। क्षेत्र में करीब 80 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग परिवर्तित कर आवासीय किया जाएगा। भू-उपयोग परिवर्तन से देहात क्षेत्र का तेजी से विकास के साथ प्राधिकरण की आय में भी वृद्धि होगी। - आशीष शिवपुरी, चीफ एरिया टाउन प्लानर, जीडीए.
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गाजियाबाद। देहात क्षेत्र में मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी जनपद की विकास योजनाओं का केंद्र होगा। देहात क्षेत्र में आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक योजनाओं का रास्ता जल्द साफ हो जाएगा। केंद्र सरकार की एजेंसी डीडीएफ कंसलटेंट ने मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी के मास्टर प्लान का बेस फाइनल कर लिया है। अब महायोजना-2031 में मोदीनगर व मुरादनगर में 60 हेक्टेयर और लोनी में 20 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग बदलकर आवासीय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कृषि से भू-उपयोग आवासीय व औद्योगिक होने से देहात क्षेत्र के लोगों को बहुत लाभ होगा।
क्षेत्र में आएंगी आवासीय योजना, होगा दोतरफा लाभ
महायोजना में तीनों देहात क्षेत्र के भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया पर काम शुरू हो गया है। भू-उपयोग कृषि से आवासीय होने से देहात क्षेत्र के लोगों को बहुत लाभ होगा। वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास सहित तमाम आवासीय योजनाएं भू-उपयोग परिवर्तन न हो पाने से अटकी हुई हैं। जनपद के देहात के तीनों क्षेत्रों की बड़ी जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन होने से क्षेत्र में कृषि भूमि के कारण रुकी पड़ी आवासीय योजनाओं को पंख लेंगे। नई आवासीय योजनाएं आने से देहात के लोगों को अपनी जमीनों के अच्छे दाम मिलेंगे। दूसरी ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक नक्शे पास होने से जीडीए की आय में बढ़ोतरी होगी।
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ट्रांसपोर्ट नगर के विकास का रास्ता होगा साफ
औद्योगिक नगरी गाजियाबाद को कई दशकों से ट्रांसपोर्ट नगर के विकास का इंतजार है। महायोजना-2021 हो या फिर उससे पहले के मास्टर प्लान, योजना बनने के बावजूद ट्रांसपोर्ट नगर योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। प्राधिकरण की योजना दुहाई और उसके आसपास के क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की है। भू-उपयोग बदलने से ट्रांसपोर्ट नगर के विकास की सबसे बड़ी बाधा हट जाएगी। जमीन की कमी और लैंडपूल सहित कई योजनाएं लाने के बावजूद किसानों से जमीन हासिल करने में सफलता प्राप्त नहीं हुई। ऐसे में अब ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन का संकट दूर होने की संभावना है।
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अवैध निर्माण में नहीं फंसेंगे, पर बढ़ानी होगी निगरानी:
रैपिड रेल कॉरिडोर के चलते दिल्ली-मेरठ हाईवे से सटे मुरादनगर व मोदीनगर क्षेत्र में बड़े पैमाने में अवैध प्लाटिंग पर अंकुश लगाने के जीडीए के प्रयास हो रहे हैं। कृषि भूमि पर आवासीय निर्माण मामले में कार्रवाई लगातार जारी है। ऐसे में क्षेत्र में बड़ी संख्या में कृषि भूमि का आवासीय में परिवर्तन होने से अवैध निर्माण में फंसने का डर खत्म हो जाएगा। लेकिन जीडीए को भू-उपयोग परिवर्तन होने के साथ ही आवासीय के साथ व्यावसायिक व औद्योगिक क्षेत्र की निगरानी बढ़ानी होगी।
वेयरहाउस, लॉजिस्टिक पार्क व इंटर स्टेट टर्मिनल पर मंथन होगा तेज:
महायोजना में दुहाई के पास वेयरहाउस व लॉजिस्टिक पार्क के साथ इंटर स्टेट टर्मिनल के विकास पर मंथन जारी था। भू-उपयोग परिवर्तन के साथ ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, रैपिड कॉरिडोर, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बराबर में योजना पर आगे बढ़ा जा सकेगा। साथ ही देहात क्षेत्र का जोनल प्लान बनने से मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी का सुनियोजित तरीके से विकास होगा। दूसरी ओर शहरी क्षेत्र के साथ ही देहात क्षेत्र में आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों की एक यूनिक आईडी भी होगी। यूनिक आईडी उस संपति की डिजिटल पहचान होगी।
प्राधिकरण की आय में भी वृद्धि
मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी के मास्टर प्लान का बेस फाइनल हो गया है। अब भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। क्षेत्र में करीब 80 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग परिवर्तित कर आवासीय किया जाएगा। भू-उपयोग परिवर्तन से देहात क्षेत्र का तेजी से विकास के साथ प्राधिकरण की आय में भी वृद्धि होगी। - आशीष शिवपुरी, चीफ एरिया टाउन प्लानर, जीडीए.